अतिक्रमण से परेशानी:कचरा निस्तारण प्वाइंट को मिली जमीन, अब कब्जा करना मुश्किल

नवादाएक महीने पहले
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कचरा निस्तारण प्वाइंट बनाने के लिए चिह्नित जमीन जहां अतिक्रमण ही अतिक्रमण। - Dainik Bhaskar
कचरा निस्तारण प्वाइंट बनाने के लिए चिह्नित जमीन जहां अतिक्रमण ही अतिक्रमण।
  • 6 महीने से प्लांट लगाने के लिए अतिक्रमण हटने का इंतजार कर रहा नगर परिषद

नवदा शहर क्लीन बनाने के लिए प्रमुख इलाकों को नो डंपिंग जोन घोषित कर दिया गया है, लेकिन हर दरवाजे से उठाया गया कचरा कहां रखा जाएगा इसकी अब तक कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। शहर के कचरा को एक जगह प्रबंधित करने के लिए 10 सालों से डंपिंग यार्ड की तलाश और कचरा निस्तारण की बात हो रही है लेकिन कचरा निस्तारण शुरू नहीं हुआ। हलांकि जिला प्रशासन द्वारा अकबरपुर प्रखंड के सनोखरा गांव के पास करीब 5 एकड़ जमीन उपलब्ध कराया है। जमीन चिह्नित कर नगर परिषद को मिल तो गया है, लेकिन यह जमीन भी अतिक्रमण का शिकार है।

नगर परिषद और सफाई एजेंसी की टीम यहां प्लांट लगाने के लिए गई लेकिन अतिक्रमणकारियों ने खदेड़ दिया। फिलहाल नगर परिषद को मिली इस जमीन पर नगर परिषद का कब्जा नहीं हो पाया है। सोमवार को नगर परिषद ने फिर से रजौली अनुमंडल अधिकारी को जमीन पर कब्जा दिलाने को लेकर चिट्ठी लिखी है। इस जमीन पर डंम्पिंग यार्ड और अलग सफाई विभाग बनाने की तैयारी है। लेकिन फिलहाल स्थिति जस की तस है और मुहल्लों से निकाला गया कचरा नदी-नाले के पास ही फेंका जा रहा है।

जगह जगह बन रहे कूड़े के ढे़र
चार साल पहले से ही शहर में घर-घर से कचरा उठाने का काम शुरू हुआ है। लेकिन इन वार्डों से उठाया गया कचरा कहां रखा जाएगा , कचरों का क्या होगा, इसका किसी के पास कोई जबाब नहीं है। फिलहाल नगर परिषद के ट्रैक्टर चालकों को जहां खाली जमीन दिखती है ,वही जमीन डम्पिंग पैलेस बन जा रही है। नगर में एक -दो जगह नहीं बल्कि दर्जन भर स्थानों पर कचरों का पहाड़ खड़ा हो गया है। नगर से गुजरने वाली खुरी नदी का किनारा कचरों की डम्पिंग का सबसे आसान जगह बना हुआ है। इसके किनारों पर पार नवादा, गोन्दापुर, मंगर बिगहा, बाईपास आदि दर्जन कई स्थानों पर कचरों को जमा कराया गया है।

मोहल्लों में भी कचरा डंप करते हैं लोकल लोग
इसके अलावे स्थानीय लोग भी अपने मोहल्ले में ही कचरा डंप कर दे रहे हैं। पुरानी गोदाम , रेलवे कलोनी, मिर्जापुर, कलाली रोड आदि स्थानों पर पर भी कचरों को जमा कर दिया जाता है। यहां तक कि शहर की प्रमुख सड़कें भी कचरों की डम्पिंग से अछूता नहीं रहा और नवादा बिहार शरीफ रोड, एनएच 31 का किनारा भी कचरों कि डम्पिंग के लिए प्रयोग किया जा रहा है।

10 सालों में कई बार निविदा, कई जमीन चिह्नित
शहर का कचरा उठाकर गंदगी से मुक्ति दिलाने के लिए डम्पिंग यार्ड बनाने की तैयारी 10 साल पहले से ही हो रही है। नगर परिषद ने यार्ड बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए पिछले इन 10 सालों में चार पांच बार निविदा निकाली गई लेकिन एक भी बार किसी ने निविदा नहीं डाला। दरसल डम्पिंग यार्ड के लिए जो मानक निर्धारित किए गए हैं , वह आसानी से पूरा नहीं हो रहा था। हम जब सारा कैरेटरिया पूरा करने वाली जमीन मिल गई है तो इसे अतिक्रमण मुक्त कराना चुनौती है।

जमीन पर कब्जा मिलते हैं बनेगा कचरा निस्तारण प्लांट
इस संबंध में नवादा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कन्हैया कुमार ने बताया कि जल्द समाधान की उम्मीद है। नगर को कचरामुक्त करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। कचरा की डम्पिंग और इसके निस्तारण को लेकर प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए अकबरपुर प्रखंड के सनोखरा गांव के पास जिला प्रशासन द्वारा 5 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है लेकिन इस जमीन पर अतिक्रमण है। हमारे जेसीबी और स्टाफ को अतिक्रमणकारियों ने खदेड़ दिया था। जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए जिला प्रशासन से आग्रह किया जा रहा है। जमीन पर कब्जा मिलते हैं रहमान का काम शुरू हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट को शुरू होने से जिले के लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी।
कन्हैया कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद नवादा

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