नवादा को केंद्र से मिली बड़ी सौगात:71 करोड़ की लागत से बनेगा रेलवे ब्रिज

नवादा11 दिन पहले
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  • नवादा शहर को बड़े जाम से मिलेगी मुक्ति

नवादा जमुई पथ पर नवादा शहर में स्थित रेलवे गुमटी हर रोज लगने वाले जाम से जल्दी ही मुक्ति मिलने वाली है। इस रेलवे क्रॉसिंग पर 71 करोड़ से अधिक की लागत से ओवर ब्रिज बनेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार दौरे पर इसकी घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री की इस घोषणा के बाद जिले वासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने सोशल मीडिया के सारे खुशी जताई। बता दें कि शहर के बीच में मिर्जापुर स्थित 3 नंबर रेलवे गुमटी के पास से इंदिरा चौक तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। स्थिति इतनी बदतर हो जाती है कि लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। फाटक बंद होते ही घंटों जाम लग जाता है। शहरवासियों के समक्ष जाम की समस्या गंभीर बनी हुई है। केंद्रीय मंत्री की घोषणा के बाद जिले वासियों में खुशी की लहर है। बस इंतजार है कि यह योजना जितनी जल्दी पूरी हो जाए और नवादा शहर से जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।
शहर में तीन रेल फाटक जाम के बड़े कारण
रेलखंड पर नवादा शहर के बीच में तीन रेलवे फाटक है। लेकिन विभाग की ओर से अबतक रेलवे फाटक पर आरओबी निर्माण नहीं हो सका है। इसके कारण शहर में जाम की समस्या गंभीर बनी हुई है। ट्रेन आने के बाद रेलवे फाटक बंद होते ही वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। नित्य दिन जाम लगता है। लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। इसके अलावा स्कूली वाहन भी जाम में फंसा रहता है। ट्रेन आने पर फाटक बंद होते ही जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। फिलहाल इनमें सबसे व्यस्त नवादा जमुई रोड पर स्थित रेल फाटक पर ओवरब्रिज बनाने की घोषणा की गई है । इससे बड़ी राहत होगी।
घोषणा के बावजूद नहीं हुआ था आरओबी का निर्माण : रेलवे विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केजी रेलखंड पर आरओबी निर्माण के लिए दो साल पहले टेंडर हो चुका है। विभाग की ओर से नवादा-जमुई पथ पर मिर्जापुर स्थित 3 नबंर रेलवे गुमटी, हिसुआ के गुरुचक एवं बैजनाथपुर रेलवे गुमटी पर आरओबी निर्माण की स्वीकृति दी गई है। करीब दो साल पूर्व आरओबी निर्माण के लिए बीएसआडीसीएल कंपनी को टेंडर दिया गया है। लेकिन अबतक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। आरओबी निर्माण कंपनी की ओर से मिर्जापुर स्थित रेलवे गुमटी के पास आरओबी निर्माण के लिए मिट्टी जांच के लिए गड्ढा खोदा गया था। कंपनी के अधिकारियों द्वारा मिट्टी जांच के लिए सैंपल भी लिया गया था। लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य आरंभ नहीं हो सका है।

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