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यह हार्ट हॉस्पिटल है, पर यहां ऑपरेशन नहीं होता...:बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में एक कार्डियक सर्जन, बाइपास सर्जरी के लिए डॉक्टरों की कमी

पटना2 महीने पहले
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इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में लगभग एक साल से सर्जरी नहीं हो रही है। - Dainik Bhaskar
इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में लगभग एक साल से सर्जरी नहीं हो रही है।
  • 6 कार्डियक सर्जन की व्यवस्था हो तो मरीजों को ऑपरेशन के लिए बाहर जाने से मिले मुक्ति

बिहार के सबसे बड़े हार्ट हॉस्पिटल इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIC) ऑपरेशन पर ब्रेक लगा है। बाइपास सर्जरी तो सपना हो गया है। सर्जरी के लिए 6 डॉक्टरों के साथ पूरी टीम चाहिए, जबकि हॉस्पिटल में मात्र एक सर्जन तैनात हैं। पटना से लेकर बिहार के अन्य जिलों से आने वाले मरीजों से हर दिन भीड़ लगती है, लेकिन कोरोना के बाद लगी ब्रेक अब तक नहीं हट सकी है। ऑपरेशन के लिए मरीजों को बाहर का रास्ता दिखाया जाता है। OPD में आए दिन 5 प्रतिशत मरीज ऐसे आते हैं जिन्हें ऑपरेशन की आवश्यकता होती है। दावा बहुत जल्द संसाधन बढ़ाने को लेकर है, लेकिन मरीजों को राहत मिलने में काफी देर हो रही है।

इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में लगभग एक साल से सर्जरी नहीं हो रही है। इससे उपकरण और संसाधन में भी कमी हो रही है। कोरोना काल में ऑपरेशन का काम थोड़ा बहुत जो पहले चल भी रहा था, वह अब पूरी तरह से बंद हो गया। इससे मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है। OPD में भी भीड़ बढ़ी है, लेकिन संसाधन की कमी से मरीजों को इलाज में काफी इंतजार कराना पड़ता है। पटना में हृदय रोगियों की संख्या कोरोना काल में बढ़ी है, लेकिन इलाज में कोई बदलाव नहीं हुआ है। IGIC में व्यवस्था नहीं बढ़ाई गई है।

अस्पताल में बेहतर सुविधा हो तो कम हो भटकाव

IGIC में संसाधन और डॉक्टरों की पर्याप्त व्यवस्था हो जाए तो 40 प्रतिशत मरीजों को ऑपरेशन के लिए पटना से बाहर नहीं जाना पड़ता। मरीजों का कहना है कि अगर हॉस्पिटल में बेहतर सुविधाएं और अच्छे उपकरण के साथ डॉक्टर्स की टीम रहे तो उन्हें काफी राहत होगी। अस्पताल में छोटे ऑपरेशन तो होते हैं, लेकिन बड़ी सर्जरी नहीं हो पाती है। एक ही Mch डॉक्टर होने के कारण समस्या है। मरीजों का लोड और बढ़ती हार्ट की समस्या से मुश्किल बढ़ रही है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि छोटे ऑपरेशन हो रहे हैं। बड़े ऑपरेशन के लिए मशीन में खराबी और संसाधन की कमी आडे़ आ रही है। एंजियोग्रॉफी से लेकर ऑपरेशन के और मामलों में मरीजों को भटकना पड़ रहा है।

IGIC के निदेशक ने कहा एक सर्जन

संस्थान के डायरेक्टर सुनील कुमार का कहना है कि यहां एक ही सर्जन हैं, इस कारण से ऑपरेशन की समस्या आ रही है। बड़े ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। एक ही कार्डियक सर्जन के कारण समस्या हो रही है। डायरेक्टर का कहना है कि कोरोना के कारण भी समस्या आई है। कोशिश होती है कि मरीजों के लिए हर तरह से व्यवस्था हो, जिससे उन्हें भटकना नहीं पड़े।

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