EOU की जांच में खुली BDO के भ्रष्टाचार की पोल:वैशाली के रहनेवाले अजय कुमार प्रिंस ने बिहार से UP, पश्चिम बंगाल तक खरीदी कीमती जमीन

पटना8 महीने पहले
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आर्थिक अपराध इकाई मुख्यालय की फोटो। - Dainik Bhaskar
आर्थिक अपराध इकाई मुख्यालय की फोटो।

पूर्णिया जिले में डगरूआ के BDO अजय कुमार प्रिंस के ठिकानों पर चल रही छापेमारी पूरी हो गई है। इनके 4 ठिकानों पर दिन भर चली छापेमारी में BDO के भ्रष्टाचार में डूबे होने की पोल खुल गई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में कीमती जमीन खरीदने और लाखों रुपए खर्च कर उस पर घर बनाने के ठोस सबूत मिले हैं। अवैध कमाई करके इस BDO ने पत्नी के नाम से पूर्णिया में 40 डिसमिल, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में 5 डिसमिल जमीन खरीदा। पत्नी के नाम पर ही उत्तरी दिनाजपुर के श्रीपल्ली में जमीन खरीदकर घर बनाया। अब पर पूरा परिवार इसी घर में रहता है। इन सब पर 40 लाख रुपए खर्च किए गए हैं।

BDO ने खुद के नाम पर पटना में दानापुर के डिफेंस कॉलोनी में 20 लाख रुपए खर्च कर जमीन खरीदा और इस पर 40 लाख रुपस खर्च कर तीन मंजिला मकान बनाया। अपने ही नाम पर उत्तर प्रदेश के दादरी में 100 गज जमीन खरीद रखा है। खुद के और पत्नी के नाम से SBI, ICICI में रुपए जमा कर रखा है। शेयर मार्केट में इंवेस्ट कर रखा है। बीमा के साथ ही म्यूचुअल फंड में भी काफी रुपए इंवेस्ट किए जाने के सबूत मिले हैं। 1 लाख 38 हजार 700 रुपए कैश बरामद हुआ है। एक स्कूटी, आई-10 कार और पिता के नाम से स्कॉर्पियो मिला है। ग्रामीण विकास पदाधिकारी के तौर पर अजय कुमार प्रिंस ने 2013 के नवंबर महीने में सरकारी नौकरी की शुरुआत की थी। मुजफ्फरपुर, औरंगाबाद और कटिहार जिले में इनकी पोस्टिंग रह चुकी है।

चार ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
जिन ठिकानों को खंगाला गया, उसमें पहली जगह पटना में दानापुर के डिफेंस कॉलोनी में स्थित अजय कुमार का घर है। इन्होंने अपने दूसरा घर पश्चिम बंगाल के दालकोला में बना रखा है। EOU की एक टीम यहां भी गई थी। इनका तीसरा ठिकाना वैशाली जिले में देसरी थाना के तहत वाजिदपुर कस्तूरी गांव स्थित पैतृक घर है। जबकि, चौथा ठिकाना पूर्णिया में डगरुआ स्थित ब्लॉक ऑफिस था। इन सभी ठिकानों को EOU की टीम ने अच्छे से खंगाला।

ADG के अनुसार BDO अजय कुमार प्रिंस के खिलाफ लगातार शिकायत मिल रही थी। सरकारी नौकरी करते हुए बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार में डूबे थे। मिल रही सूचनाओं के आधार पर जांच हुई और वो सही पाई गई। जिसके बाद 17 मई को पटना स्थित EOU थाना में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति का FIR नंबर 21/2022 दर्ज किया गया। फिर कोर्ट से सर्च वारंट लिया गया और आज कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया गया।