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बिहार के विद्वानों से जानिए, कैसे खास हाेगी आपकी राखी:बहनों के पास भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए 12 घंटे का शुभ समय, धनिष्ठा नक्षत्र में गजकेशरी के साथ शोभन योग

पटनाएक वर्ष पहले
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सांकेतिक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
सांकेतिक तस्वीर।
  • भाई की राशि को सूट करने वाले रंगों वाली राखी से बदलेगी किस्मत, सुबह 5.50 बजे से शाम 6.03 तक राखी का मुहूर्त

भाई की कलाई पर बहन के हाथ का एक धागा किस्मत बदल सकता है। इस बार राखी पर बन रहे योग को काफी खास बताया जा रहा है। धनिष्ठा नक्षत्र में रविवार को पड़ रही खाखी पर गजकेशरी और शोभन योग बन रहा है जाे इसे काफी खास बना रहा है। ऐसे योग से पर्व का मतहत्व और बढ़ गया है।

बिहार के ज्योतिष विद्वान पंडित श्रीपति त्रिपाठी का कहना है कि इस वर्ष कोरोना जैसे अनिष्टकारी काल के बाद भी राखी पर जो योग और संयोग बन रहा है वह काफी फलदायी होगी। बहनों की समृद्धि का योग बन रहा है और भाइयों के लिए भी काफी सुख देने वाला समय बन रहा है। बहनों को इस बार रक्षा बंधन के लिए लगभग 12 घंटे का समय मिलेगा, सुबह सूर्योदय के बाद से शाम 6 बजकर 3 मिनट तक राखी का योग है, इस बार भद्रा का भी साया नही है।

474 वर्ष पहले 11 अगस्त 1547 को बना था यह संयोग

ज्योतिषाचार्य सतीश मणि त्रिपाठी की मानें तो इस वर्ष राखी पर जो संयोग बन रहा है वह मुगलकाल में बना था। मुगल काल के बाद पहली बार रक्षाबंधन पर ग्रह-नक्षत्रों का ऐसा संयोग बन रहा है, जब भाई-बहनों ने लिए सुख समृद्धि देने वाला है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार रविवार को रक्षाबंधन पर सिंह राशि में सूर्य, मंगल और बुध ग्रह एक साथ विराजमान होंगे। सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं। इस राशि में मित्र मंगल भी उनके साथ रहेंगे। जबकि शुक्र कन्या राशि में होगा। ग्रहों का ऐसा योग बेहद शुभ और फलदायी होता है। दुर्लभ संयोग 474 साल बाद बन रहा है। इससे पहले 11 अगस्त 1547 को ग्रहों की ऐसी स्थिति बनी थी। जब धनिष्ठा नक्षत्र में रक्षा बंधन मनाया गया था।

12 घंटे तक रहेगा रक्षा बंधन का समय

ज्योतिष विद्वान पंडित श्रीपति त्रिपाठी और ज्योतिषाचार्य सतीश मणि त्रिपाठी के मतानुसार 22 अगस्त को सुबह 10:34 बजे तक शोभन योग रहेगा। वहीं रात 7:40 बजे तक धनिष्ठा योग रहेगा। पूर्णिमा तिथि 22 अगस्त को शाम 5:31 बजे तक रहेगी। रक्षा बंधन पर इस बार राखी बांधने के लिए 12 घंटे की लंबी शुभ अवधि रहेगी।

गुरु और चंद्रमा की युति से गजकेसरी योग

ज्योतिष विद्वानों का कहना है कि कुंभ राशि में गुरु की चाल वक्री रहेगी और इसके साथ चंद्रमा भी वहां मौजूद रहेगा। गुरु और चंद्रमा की इस युति से रक्षाबंधन पर गजकेसरी योग बन रहा है। इस योग से इंसान की महत्वाकांक्षाएं पूरी होती हैं। सुबह 5.50 से लेकर शाम 6.03 बजे तक किसी भी समय बहन भाई की कलाई में राखी बांध सकती हैं। ज्योतिष विद्वानों का यह भी मत है कि इस बार रक्षा बंधन राजयोग में पड़ रहा है और भद्रा भी नहीं है। इससे बहनों को पूरे दिन राखी बांधने का संयोग मिलेगा।

भाई की राशि के अनुकूल रंग वाली राखी चुनें बहनें

ज्योतिष विद्वान सतीश मणि का कहना है कि रंगों का महत्व भी जीवन पर खूब होता है। इसका ज्योतिष के साथ वैज्ञानिक कारण भी है। राशि के हिसाब से भी रंगों का शुभ अशुभ फल होता है। राखी पर भी इसका महत्व है। बहनों को भाई की राशि पर अनुकूल प्रभाव डालने वाले रंग की राखी बांधने से काफी शुभ फल मिलता है।

मेषः लाल रंग की राखी बांधने से ऊर्जावान के साथ समूद्धिवान बने रहने का योग।

वृष: सफेद रंग की राखी बांधने और दूध से बनी मिठाई खिलाने से शुभ फल मिलता है।

मिथुन: हरे रंग की राखी हर तरह के संकटों से बचाएगी।

कर्क: सफेद या पीले रंग की राखी जिंदगी में सुख-शांति लाएगी।

सिंह: लाल या पीले रंग की राखी बांधने से सुख समृद्धि के साथ शांति आएगी।

कन्या: नारंगी रंग की राखी बांधने से भाई को साहस, उत्‍साह के साथ असीम उर्जा मिलेगी।

तुला: सफेद रंग की राखी बांधने और सफेद रंग की मिठाई खिलाने से शुभ फल मिलेगा।

वृश्चिक: लाल या गुलाबी रंग की राखी बांधने से शुभ कारक योग होगा।

धनु: पीली, लाल या गुलाबी रंग की राखी बांधने से भाई समृद्घ होगा।

मकर: नीले या चमकीला-सफेद रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा।

कुंभ: सफेद या नीले रंग की राखी बांधने से उनके जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।

मीन: सफेद, नीली-चमकीली राखी बांधने से जीवन में भाई को कभी संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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