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बीएड के छात्रों के लिए राहत:2030 से पहले बंद नहीं होंगे B.Ed. कॉलेज, अब 4 वर्ष का इंटिग्रेटेड कोर्स होगा शुरू

पटनाएक महीने पहलेलेखक: अभिषेक
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नई शिक्षा नीति में स्वतंत्र बीएड कॉलेजों की जगह सरकारी कॉलेजों में बीएड की पढ़ाई या इंटिग्रेटेड काेर्स शुरू करने पर जाेर दिया गया है। - Dainik Bhaskar
नई शिक्षा नीति में स्वतंत्र बीएड कॉलेजों की जगह सरकारी कॉलेजों में बीएड की पढ़ाई या इंटिग्रेटेड काेर्स शुरू करने पर जाेर दिया गया है।

अगले सत्र से व्यवस्था में आने वाली नई शिक्षा नीति से निजी या स्वतंत्र रूप से चल रहे बीएड कॉलेजों की सेहत पर फिलहाल असर नहीं पड़ेगा। नई शिक्षा नीति में स्वतंत्र बीएड कॉलेजों की जगह सरकारी कॉलेजों में बीएड की पढ़ाई या इंटिग्रेटेड कोर्स शुरू करने पर जोर दिया गया है। ऐसे में कहा जा रहा है कि जल्द ही निजी या स्वतंत्र रूप से चल रहे बीएड कॉलेज या कोर्स बंद हाे जाएंगे, लेकिन ये कॉलेज और ऐसे कोर्स अगले 9 साल तक यानी वर्ष 2030 तक बंद नहीं हाेंगे। हालांकि इस दाैरान सरकारी कॉलेजों में 4 वर्ष का इंटिग्रेटेड बीएड कोर्स शुरू हाेगा।

4 वर्षीय इंटिग्रेटेड कोर्स वाले निजी कॉलेज ही अस्तित्व में रहेंगे

टीएमबीयू के कॉलेज इंस्पेक्टर डॉ. संजय कुमार झा ने बताया, नई शिक्षा नीति के तहत निजी बीएड कॉलेज और दाे वर्षीय बीएड कोर्स बंद हाेने हैं। 2030 में निजी बीएड कॉलेज और दाे वर्षीय बीएड कोर्स बंद हाे जाएंगे। जाे निजी बीएड कॉलेज 4 वर्षीय इंटिग्रेटेड कोर्स शुरू करना चाहेंगे, संभव है, वे अस्तित्व में रहेंगे, नहीं तो अब सिर्फ सरकारी कॉलेजों में 4 वर्षीय इंटिग्रेटेड बीएड कोर्स ही चलेंगे।

2030 तक का समय इसलिए तय है ताकि इससे पहले 4 वर्षीय इंटिग्रेटेड बीएड कोर्स काे बेहतर ढंग से संचालित करने की व्यवस्थाएं हो जाएं। साथ ही निजी बीएड कॉलेजों का बेहतर विकल्प तैयार करने के लिए भी एकबारगी बीएड कॉलेजों काे बंद नहीं किया जाएगा।'

डॉ संजय कुमार. झा ने बताया, 'नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन (NCTE) ने निजी बीएड कॉलेजों में अब शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों की बायोमिट्रिक से हाजिरी बनेगी। इंटिग्रेटेड कोर्स में छात्र 12वीं के बाद ही दाखिला लेंगे और बीए बीएड या बीएससी बीएड की पढ़ाई करेंगे। बिहार के विवि में यह प्रयास नई शिक्षा नीति की घोषणा से काफी पहले से चल रहा है, लेकिन अभी तक मुजफ्फरपुर विवि काे सफलता मिली है।'

ज्यादा शुल्क वसूली और मनमानी रुकेगी

टीएमबीयू में एसएम कॉलेजों काे छोड़ शेष निजी कॉलेजों में बीएड की पढ़ाई हाे रही है। इनमें से ज्यादातर कॉलेजों में छात्र तय शुल्क से अधिक वसूलने और जब से ऑनलाइन नामांकन हाे रहा है तब से दाखिले में गड़बड़ी की शिकायत आती रही है। इस बार भी ऐसे 4 निजी बीएड कॉलेजों की शिकायत छात्रों ने टीएमबीयू से की थी। सरकारी कॉलेज या टीएमबीयू के अंगीभूत कॉलेजों में ये कोर्स चलने से ऐसी बातों पर लगाम लगेगी।

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