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खबर का असर:केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पैतृक गांव का उप स्वास्थ्य केंद्र खुला, खुद सिविल सर्जन पहुंचे दरियापुर, 2 डॉक्टर व 4 ANM को नियुक्त किया

भागलपुर5 महीने पहले
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इस केंद्र के बदहाली की कहानी 23 मई को भास्कर ने अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए दिखाई थी। - Dainik Bhaskar
इस केंद्र के बदहाली की कहानी 23 मई को भास्कर ने अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए दिखाई थी।

​​​​​​भास्कर की खबर का एक बार फिर से असर हुआ है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे के गांव का उप स्वास्थ्य केंद्र खुल गया है। भागलपुर के सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा खुद बुधवार को शाहकुंड प्रखंड अंतर्गत डीह दरियापुर आए। उन्होंने बंद पड़े उप स्वास्थ्य केंद्र को खुलवाया और 4 डॉक्टर व 3 एएनएम को पदस्थापित किया। इस केंद्र के बदहाली की कहानी 23 मई को भास्कर ने अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए दिखाई थी।

भागलपुर सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा से जब भास्कर ने पूछा कि अचानक डीह दरियापुर जाने के पीछे क्या कारण हैं? उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे के पीए ने उनको फोन कर चलने को कहा था।

उप स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लेते सिविल सर्जन।
उप स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लेते सिविल सर्जन।

सिविल सर्जन ने कहा कि अब बहुत जल्द वहां प्रसूति महिलाओं का भी इलाज किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मैंने अपने मुताबिक वहां डॉक्टरों को नियुक्त कर दिया है, स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बहाल करवा दी हैं। लेकिन एक सप्ताह के बाद फिर जाकर देखना होगा कि वाकई में काम हो रहा है या नहीं।

क्या था मामला

कोरोना काल में बिहार सरकार पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर होने और करने का दावा कर रही है। लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे के गांव ने ही इस पूरे दावे की पोल खोल दी। भागलपुर जिला मुख्यालय से महज 15 किमी की दूरी पर केंद्रीय मंत्री का पैतृक गांव दरियापुर है, लेकिन यहां विकास कोसों दूर है।

यहां तक कि कोरोना जैसी महामारी के समय में उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति भी बदतर है। गांव में लोग बीमार पड़ रहे हैं। इसके बावजूद उप स्वास्थ्य केंद्र में ताला लगा रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि मंत्री जी न तो यहां आते हैं और न ही ध्यान देते हैं। हम लोग क्या कर सकते हैं?

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