पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Bhaskar Investigation; 14 Plants In Bihar Can Refill Only 13188 Cylinder Per Day With 131 MT Liquid Oxygen

भास्कर पड़ताल:बिहार के 14 प्लांट में 13188 सिलिंडर ही रोज रिफिल की कैपेसिटी, यह भी तब जब कर्मी बिना खाए-पिए 24 घंटे काम करें

पटना5 महीने पहलेलेखक: शालिनी सिंह
  • कॉपी लिंक
  • बिहार के 14 में से चार प्लांट करते हैं 40 MT ऑक्सीजन का उत्पादन
  • एयर ऑक्सीजन से प्रतिघंटे 55, लिक्विड से 30 सिलिंडर ही होंगे रिफिल

बिहार में ऑक्सीजन की कमी ने हाहाकार मचा रहा है। हर मौत के पीछे ऑक्सीजन की कमी की वजह सामने आ रही है। बिहार सरकार ने हाईकोर्ट में दिये अपने जवाब में केंद्र सरकार से 300 मीट्रिक टन (MT) ऑक्सीजन का कोटा बिहार के लिए मांगा है। सवाल यह है कि अगर केंद्र सरकार यह मांग पूरी कर भी देगी तो क्या बिहार में मचा हाहाकार थम जाएगा? आइए करते हैं पड़ताल:

भूखे रहकर काम करेंगे कर्मचारी, तब भी 13188 सिलिंडर में होगी रीफिलिंग

बिहार में संकट भले ही ऑक्सीजन का दिख रहा हो लेकिन भास्कर ने अपनी पड़ताल में और भी बहुत कुछ पाया है। जिन 14 ऑक्सीजन प्लांट के भरोसे सरकार ने यह मांग की है, उनकी आपूर्ति की अधिकतम क्षमता 13188 सिलिंडर की है। वो भी तब, जब प्लांट के कर्मी बिना किसी लंच ब्रेक के भूखे लगातार 24 घंटे काम करें। इस पड़ताल के तथ्यों को आप आसानी से समझ सकें, इसके लिए हम सबसे पहले उन 14 ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति बताएंगे, जिनका नाम बिहार सरकार ने हाई कोर्ट को सौंपा है-

  1. पाटलीपुत्रा इंडस्ट्रियल गैसेज लिमिटेड- पटना की ही नहीं, यह बिहार में सबसे बड़ा ऑक्सीजन प्लांट है। यहां 2 एयर ऑक्सीजन प्लांट हैं, जिनसे 24 घंटे में 1400 सिलिंडर में रीफिलिंग की जा रही है। कुल उत्पादन क्षमता 14 MT ऑक्सीजन की है। यहां एक लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट के जरिए 24 घंटे में 700 सिलिंडर में रीफिलिंग की जा रही है। इस तरह, इस प्लांट की कुल अधिकतम उत्पादन क्षमता 2200 सिलिंडर प्रतिदिन है। फिलहाल यहां से लगभग 2000 सिलिंडर की सप्लाई हो रही है।
  2. वंशी एयर गैस प्रोडक्शन- पटना का यह दूसरा बड़ा प्लांट है। इसके पास 2 एयर ऑक्सीजन प्लांट हैं जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 1200 सिलिंडर की है। यह 12 MT ऑक्सीजन का उत्पादन करती है। इसके अलावा एक लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट से 700 सिलिंडर में रीफिलिंग कर रही है। इसकी कुल अधिकतम उत्पादन क्षमता 2000 सिलिंडर प्रतिदिन है।
  3. उषा एयर प्रोडक्ट- पटना का तीसरा प्लांट है। यहां एक एयर ऑक्सीजन प्लांट से लगभग 700 सिलिंडर निकल रहा है। एक लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट से 700 सिलिंडर अस्पतालों को भेजा जा रहा है। कुल उत्पादन क्षमता 1500 सिलिंडर की है। अधिकतम क्षमता लगातार 24 घंटे काम करने पर 1800 होगी।
  4. गौरव एयर प्रोडक्ट- पटना का चौथा प्लांट है। इसे ऑक्सीजन संकट के बाद फिर से शुरू किया गया है। यहां एक लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट से फिलहाल 450 सिलिंडर की रीफिलिंग हो रही है। अधिकतम क्षमता 500 सिलिंडर की है।
  5. विश्वकर्मा इंटरप्राइजेज, औरंगाबाद- यह एक रीफिलिंग प्लांट है। यहां लिक्विड ऑक्सीजन से प्रत्येक दिन 300 सिलिंडर में रीफिलिंग हो रही है। इसकी अधिकतम क्षमता 350 सिलिंडर की है।
  6. सोनी एयर गैसेज, बेगूसराय- यह एक रीफिलिंग प्लांट है। यहां प्रत्येक दिन लगभग 350 ऑक्सीजन सिलिंडर में लिक्विड ऑक्सीजन की रीफिलिंग हो रही है। इसकी अधिकतम क्षमता 420 सिलिंडर की है।
  7. मैसर्स न्यू पाटलिपुत्र गैस मैन्यूफैक्चर्स, भागलपुर- बरारी में एक रीफिलिंग प्लांट है। यहां से अधिकतम 500 ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति हो सकती है।
  8. नालंदा एयर प्रोडक्ट, नालंदा- लिक्विंड ऑक्सीजन रीफिलिंग प्लांट है, जहां से फिलहाल 600 सिलिंडर की आपूर्ति हो रही है। इसकी अधिकतम क्षमता 700 की है।
  9. गुप्ता एयर प्रोडक्ट, दरभंगा- लिक्विंड ऑक्सीजन रीफिलिंग प्लांट है, जहां से फिलहाल 800 सिलिंडर की आपूर्ति हो रही है। इसकी अधिकतम क्षमता 850 की है।
  10. एसबीजी गैस प्लांट, मुजफ्फरपुर- यहां एक एयर ऑक्सीजन प्लांट से लगभग 700 सिलिंडर ऑक्सीजन निकल रहा है। एक लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट से 700 सिलिंडर भेजा जा सकता है। यहां की कुल उत्पादन क्षमता 1400 सिलिंडर की है। फिलहाल 734 बड़े व 64 छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर का उत्पादन हो रहा है। मुजफ्फरपुर में ही 3100 सिलेंडर की मांग है।
  11. गायत्री मेडिकल एंड इंडस्ट्रियल गैसेज, मोतिहारी- लिक्विंड ऑक्सीजन रीफिलिंग प्लांट है, जहां से फिलहाल 400 सिलिंडर की आपूर्ति हो रही है। यहां और ज्यादा रीफिलिंग हो सकती है लेकिन सिलिंडर की कमी है।
  12. कैपिटल ऑक्सीजन कंपनी, गया- लिक्विंड ऑक्सीजन रीफिलिंग प्लांट है, जहां से फिलहाल 1200 सिलिंडर की आपूर्ति हो रही है। यह इसकी अधिकतम क्षमता है।
  13. एसबीजी गैस, भागलपुर- लिक्विंड ऑक्सीजन रीफिलिंग प्लांट है, जहां से फिलहाल 518 सिलिंडर की आपूर्ति हो रही है। यह इसकी अधिकतम क्षमता है।
  14. लाइफलाइन गैस प्लांट पूर्णिया- यहां छोटे-बड़े मिलाकर कुल 350 सिलिंडर हैं, जिसकी रीफिलिंग हो रही है।

आपूर्ति की अधिकतम क्षमता 131 MT ही, सरकार मांग रही 300 MT

सरकार की मांग पर जब हमने इस पूरे मामले को एक्सपर्ट से समझा, तो उनके मुताबिक एक मीट्रिक टन (MT) लिक्विड ऑक्सीजन से लगभग 100 सिलिंडर में रीफिलिंग की जा सकती है। इस लिहाज से 131 MT लिक्विड ऑक्सीजन से बिहार के सभी 14 ऑक्सीजन प्लांट की कुल अधिकतम क्षमता 13188 सिंलिडर को रीफ़िल किया जा सकता है। ऐसे में अगर 300 MT ऑक्सीजन की आपूर्ति केंद्र सरकार कर भी देती है, तो इसका फायदा आम आदमी को मिल पाएगा, यह खुद में एक सवाल है। बिहार में ऐसा भी नहीं है कि बचे हुए लिक्विड ऑक्सीजन को जमा किया जा सकता है। इस एरिया में काम कर रहे लोगों के मुताबिक उनके पास इतने टैंकर उपलब्ध नहीं कि इसे स्टोर कर सकें। यही नहीं, ऑक्सीजन सिलिंडर भी इतनी बड़ी संख्या में उपलब्ध नहीं है।

बिहार के 4 प्लांट करते हैं उत्पादन, 10 केवल रीफिलिंग का काम

सरकारी की तरफ से हाई कोर्ट को सौंपी गई लिस्ट में कुल 14 ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता प्लांट हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक पूरे बिहार में सिर्फ चार प्लांट खुद भी ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं। इनकी कुल क्षमता 40 MT है। ज्यादातर प्लांट औद्योगिक इकाइयों को आपूर्ति करते रहे हैं। अब संकट में प्रशासन के आदेश पर औद्योगिक आपूर्ति बंद कर दी है। चार के अलावा बाकी 10 केवल रीफिलिंग का काम करते हैं।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि लिक्विड ऑक्सीजन रीफिलिंग प्लांट प्रति घंटे 25 से 30 सिलिंडर ही रीफिल कर सकता है, जबकि एयर ऑक्सीजन रीफिलिंग प्लांट से प्रति घंटे 50 से 55 सिलिंडर रीफिल किया जा सकता है। मतलब साफ है, अगर बिहार में एयर ऑक्सीजन का उत्पादन ज्यादा होता तो आपूर्ति की रफ्तार भी दुगुनी होती।