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बिहार के कृषि मंत्री 48 घंटों में बयान से पलटे:एक सितंबर को केंद्र सरकार के सामने खाद की कमी की लगाई गुहार, 3 को कहा- ऐसी कोई बात नहीं

पटना3 महीने पहले
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कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह। - Dainik Bhaskar
कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह।

बिहार के कई जिलों में खाद की जबरदस्त किल्लत है। किसान खाद ब्रिकी केंद्रों के बाहर खाद खरीदने के लिए रात से लाइन लग रहे हैं, लेकिन कृषि मंत्री की मानें तो ऐसा नहीं है। ये वही कृषि मंत्री हैं, जिन्होंने एक सितंबर को केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया से बात की थी और बिहार को कम खाद आवंटित होने का मामला उठाया था।

भाजपा की राज्य में ही नहीं, केंद्र में भी सरकार है। यही भाजपा से आनेवाले बिहार सरकार के मंत्रियों की सबसे बड़ी मुश्किल भी है। यही वजह है कि हर बात पर केंद्र सरकार के कामों की तारीफ करनेवाले राज्य के कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह यह बयां नहीं कर पा रहे कि बिहार को इस बार खाद का आवंटन 2.22 मीट्रिक टन कम हुआ है। खाद की कमी के कारण बिहार के किसान परेशान हैं, लेकिन मंत्री जी की मानें तो राज्य में खाद की कोई कमी नहीं और ना ही कालाबाजारी है। यह बातें शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने कही है।

औरंगाबाद में पुरुष और महिलाएं 10-10 घंटों से लाइन में खड़े दिखे थे।
औरंगाबाद में पुरुष और महिलाएं 10-10 घंटों से लाइन में खड़े दिखे थे।

खाद की कमी पर 48 घंटे में बदले कृषि मंत्री

कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने एक सितंबर को खाद के मसले पर केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया से बात की थी। तब कृषि मंत्री ने कहा था- 'बिहार को वर्तमान खरीफ मौसम में 31 अगस्त 2021 तक 5.90 लाख मी. टन यूरिया की आपूर्ति हुई है। यह पिछले वर्ष इस अवधि में की गई 8.12 लाख मी. टन की आपूर्ति से 2.22 लाख मी. टन कम है। राज्य के कृषि मंत्री की केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री से हुई बातचीत की जानकारी खुद कृषि विभाग ने जारी की थी। विभाग ने यह भी बताया था कि कृषि मंत्री ने जल्द से जल्द एक लाख टन यूरिया बिहार को आवंटित करने की मांग की है।

औरंगाबाद में रात 2 बजे से खाद के लिए लाइनों में लगे थे लोग

कृषि मंत्री का यह बयान तब सामने आया है, जब बिहार में किसान खाद पाने के लिए रात 2 बजे से लाइनों में खड़े हो जा रहे हैं। औरंगाबाद में पुरुष और महिलाएं 10-10 घंटों से लाइन में खड़े दिखे थे। हजारों किसानों की इस लाइन को देख खाद ब्रिकी केन्द्र संचालक दुकानें बंद कर गायब हो गए थे। 30 अगस्त को यहां किसानों ने खाद के लिए रफीगंज-शिवगंज पथ के डाक बंगला के पास सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था।

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