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  • JDU State President Said Chirag Is A Distraught Soul, Lalu Used To Laugh Only, Never Spoke On Issues.

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भास्कर इंटरव्यू:जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण ने कहा- व्याकुल आत्मा हैं चिराग; लालू सिर्फ हंसी-ठिठोली करते थे, मुद्दों पर कभी नहीं बोलते थे

पटनाएक महीने पहलेलेखक: बृजम पांडेय
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह।
  • वशिष्ठ नारायण सिंह ने इस बार के चुनाव को दिलचस्प बताया, पार्टी के लिए रणनीतिकार के रूप में कार्य कर रहे हैं
  • सिंह ने कहा- चिराग पासवान को जदयू गंभीरता से नहीं लेता, वे रोज सुर्खियों में रहने के लिए व्यग्र रहते हैं

इस बार विधानसभा चुनाव में कई ऐसे चेहरे हैं, जो मैदान में दिख तो नहीं रहे हैं, लेकिन अपनी पार्टी के लिए रणनीति जरूर बना रहे हैं। उनमें से एक रणनीतिकार जदयू के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह भी हैं। स्वास्थ्य कारणों से चुनावी मैदान में तो नहीं हैं, लेकिन अपनी पार्टी के लिए बड़े फैसले ले रहे हैं। उन्होंने ‘दैनिक भास्कर ऐप’ से खास बातचीत में खुलकर बताया कि पिछली बार से इस बार का चुनाव कैसे अलग है।

लोजपा प्रमुख चिराग पासवान के बारे में सिंह का कहना है कि जदयू उनको गंभीरता से नहीं लेती है। वह व्याकुल आत्मा हैं। इससे उनको फायदा नहीं होने वाला है। वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव के रोजगार के बयान पर कहा कि बिहार में जबसे नीतीश कुमार की सरकार बनी है, तब से रोजगार मिले हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को इस मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है कि अब बिहार विकास की तरफ ही बढ़ेगा। कहा- लालू यादव जब सरकार में थे तो कभी मुद्दों पर बात नहीं करते थे। सिर्फ हंसी-ठिठोली करते थे। पेश हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश-

भास्कर: इस बार का चुनाव कैसे अलग है?
वशिष्ठ : इस बार कोरोनाकाल में चुनाव हो रहा है। चुनाव आयोग द्वारा कई निर्देश दिए गए हैं। इसे लेकर मैंने अपने साथियों को पत्र भी लिखा है। इसमें लिखा है कि आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए चुनाव में हिस्सा लेना है। मतदाताओं के बीच जाकर ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान करने की अपील करें। गठबंधन के सभी दल के उम्मीदवारों को जिताने का प्रयास करें। निश्चित रूप से यह चुनाव दिलचस्प भी है। देश में बिहार पहला राज्य है, जहां यह प्रयोग हो रहा है। बिहार में जिस तरह से कोरोना कंट्रोल हुआ है, यह एक उदाहरण है। सभी कार्यक्रमों में जनता जिस तरह से भाग ले रही है, इसका मतलब है कि जनता के दिमाग में लोकतंत्र के प्रति नई जागृति आई है।

भास्कर: चिराग पासवान ने इस बार के चुनाव को और भी दिलचस्प बना दिया है?
वशिष्ठ : मैं इसको दिलचस्प नहीं मानता हूं। चिराग पासवान पर हमारी पार्टी कोई प्रतिक्रिया नहीं देती है और न हम उसको महत्व देते हैं। चिराग पासवान खुद घोषणा कर चुके थे कि उनका संबंध भाजपा के साथ है तो उनके वक्तव्य से बिहार के मतदाता प्रभावित होंगे? देखिए, जमीन जब खिसकती है तो व्याकुलता में आदमी बहुत कुछ बोलता है। वही व्यग्रता है। रोज सुर्खियों में रहने के लिए ऐसा करते हैं।

भास्कर : चिराग ने आज ट्वीट किया, लिखा है 'असंभव नीतीश।'
वशिष्ठ : नीतीश ही संभव हैं, यही बिहार का सत्य है। नीतीश के पहले बिहार की स्थिति क्या थी? कोई सरकार नाम की चीज थी क्या? कोई कानून व्यवस्था भी थी? 2005 के पहले अराजकता, हत्या, रंगदारी और सामूहिक नरसंहार के अलावा बिहार में कहां कुछ दिखाई देता था। नीतीशजी से जब सवाल पूछा गया कि आपकी प्राथमिकता क्या है तो उन्होंने तीन बार कहा- गवर्नेंस, गवर्नेंस, गवर्नेंस। कितने लोग जेल गए, ये आप कल्पना नहीं कर सकते हैं। कोई ऐसा जिला था, जहां गैंगस्टर नहीं थे? फिरौती और रंगदारी तो आम थी। जो लोग ऐसा सवाल उठाते हैं, तो लगता है कि उन्हें तथ्य नहीं पता है।

भास्कर : तेजस्वी कह रहे हैं कि रोजगार नहीं दिया। उन्होंने एक बड़ा कॉन्सेप्ट दिया है कि कैसे रोजगार देंगे?
वशिष्ठ : देखिए, विश्व में कोई भी देश हो, चाहे वो वेस्टर्न हों या विकसित, रोजगार कभी भी सरकारी स्तर पर बड़े पैमाने पर नहीं दिया जा सकता है। रोजगार जब भी मिलेगा स्वरोजगार से, स्किल डेवलपमेंट से। रोजगार का तो तब सृजन होगा जब राज्य के आम लोगों की आमदनी यानि किसानों की आमदनी ठीक हो। इसको लेकर एक बड़ी घोषणा नीतीश कुमार ने की है। हर खेत तक पानी पहुंचाएंगे। हर खेत को जिस दिन पानी दे दीजिएगा, उस समय बिहार में बड़ी संख्या में किसान ऐसे होंगे, जो उसी आमदनी में बचत कर कुटीर उद्योग खड़ा करेंगे। राजद काल में सिर्फ 90 हजार लोगों को नौकरी मिली, लेकिन नीतीश कुमार ने 6 लाख से भी ज्यादा लोगों को नौकरी दी।

भास्कर : जीवन के अंतिम समय में रघुवंश प्रसाद सिंह का राजद छोड़ना क्या प्रभाव डालेगा?
वशिष्ठ : रघुवंश बाबू ने अंतिम समय में राजद को छोड़ दिया था। जिस रघुवंश बाबू ने राजद के साथ अपना रिश्ता ताउम्र निभाया, उनको राजद ने बहुत बेइज्जत किया है। इस चुनाव में इसका भी असर दिखेगा।

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