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कुंती को उम्रकैद:JDU समर्थक की हत्या में RJD की पूर्व विधायक कुंती को आजीवन कारावास, बीमारी के नाम पर नहीं मिली छूट

गया9 महीने पहले
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व्हीलचेयर पर बैठी सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुंती देवी। - Dainik Bhaskar
व्हीलचेयर पर बैठी सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुंती देवी।
  • 26 फरवरी 2013 को कुंती देवी के कहने पर जदयू कार्यकर्ता सुमीरक यादव की हत्या कर दी गई थी
  • इस हत्याकांड में 12 में से 10 गवाहों ने कुंती देवी के खिलाफ दी थी गवाही

अतरी की पूर्व विधायक कुंती देवी को जदयू कार्यकर्ता सुमीरक यादव हत्याकांड मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। ADJ-3 संगम सिंह की अदालत ने आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर सजा एक साल और बढ़ाने का आदेश दिया है। पूर्व विधायक ने बीमारी का हवाला देते हुए छूट मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने किसी भी तरह की छूट नहीं दी है। इस मामले में पुलिस की ओर से 12 गवाहों की गवाही कराई गई थी, जिनमें 10 गवाहों ने पूरे मुकदमे में पूर्व विधायक के खिलाफ गवाही दी थी।

कोर्ट में कुंती देवी ने बीमार होने की दी थी दलील।
कोर्ट में कुंती देवी ने बीमार होने की दी थी दलील।

8 साल बाद आया है फैसला
मामला नीमचक बथानी थाना कांड संख्या 21/2013 से जुड़ा है। आरोप है कि 26 फरवरी 2013 को कुंती देवी के कहने पर उनके लोगों द्वारा लाठी, डंडे से मारकर सुमीरक यादव नाम के जदयू कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई थी। मृतक सुमीरक यादव के भाई विजय यादव के बयान पर पुलिस ने नामजद FIR दर्ज की थी। इस मामले में कुंती देवी का बेटा रंजीत यादव किसी तरह से खुद को बचा लिया था। सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान रंजीत यादव ने हत्या के दिन यात्रा पर होने के प्रमाण के तौर पर हवाई जहाज का टिकट पेश कर खुद को सुरक्षित किया था। संबंधित हत्या के मामले में कुंती देवी ही अकेले ट्रायल फेस कर रही थीं, जिन्हें सजा सुनाई गई।

JDU कार्यालय खोलने को लेकर हुआ था विवाद
सुमीरक यादव की हत्या क्षेत्र में JDU का कार्यालय खोलने को लेकर की गई थी। अतरी विधानसभा क्षेत्र में RJD के पूर्व विधायक राजेंद्र यादव और उनके परिवार का दबदबा था। नीमचक बथानी में दूसरी किसी पार्टी का कार्यालय राजेंद्र यादव के भय की वजह से नहीं खोला जाता था। 2010 में अतरी विधानसभा से JDU के विधायक रहे कृष्णन यादव के नेतृत्व में बथानी में कार्यालय खोला गया था। सुमीरक यादव उस समय प्रखंड कार्यकारिणी का सदस्य हुआ करता था। पार्टी का कार्यालय खोला जाना राजेंद्र यादव को नागवार गुजरा था। इसी दौरान सुमीरक व कुंती देवी के बीच जमकर कहासुनी हुई और एक-दूसरे को देख लेने की भी धमकी दी गई थी। उस समय राजेंद्र यादव विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल में बंद थे। फरवरी 2013 की उस शाम सुमीरक यादव पार्टी कार्यालय से घर लौट रहे थे। इसी बीच राजेंद्र यादव के समर्थकों ने उन्हें घेरकर लाठी-डंडों से पीट-पीट कर मार डाला थी।

क्या कहा था तत्कालीन ADG ने
इलाके में राजेंद्र यादव के खौफ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दरियापुर गोली कांड मामले की जांच करने पहुंचे तत्कालीन ADG अभयानंद (रिटायर्ड DGP) ने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा था कि दरियापुर गांव को देखकर ऐसा लगता है कि यह किसी बॉर्डर पर बसा गांव है। वहां हर एक घर की दीवारें गोलियों से छलनी है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजेंद्र यादव का खौफ किस कदर क्षेत्र में व्याप्त था।

कुंती देवी के घर से मिला था खून लगा डंडा
हत्या के बाद क्षेत्र में जबर्दस्त उबाल आया था। अतरी से लेकर पटना स्थित जदयू कार्यालय इस घटना से स्तब्ध हो गया था। घटना के दूसरे दिन FSL की टीम मौका-ए-वारदात पर पहुंची थी। इसके बाद भारी पुलिस बल के साथ कुंती देवी के घर पर साक्ष्य जुटाने के लिए छापेमारी की गई थी। कुंती देवी के घर से रॉड व लाठी बरामद किए गए, जिनपर खून के धब्बे लगे थे। इसके बाद से पुलिस थोड़ी ताकतवर हुई और संबंधित मामले में केस दर्ज किया गया। कुंती देवी के चार लड़के हैं। एक रंजीत यादव बीते विधानसभा चुनाव में ही अतरी से जीतकर विधायक बने थे। शेष तीन भाई विभिन्न आपराधिक मामलों में फरार हैं। कुंती देवी के दो बेटे प्रमोद और सुबोध कोर्ट की ओर से भगोड़ा घोषित किए जा चुके हैं। एक बेटे विवेक ने तो फरार रहते हुए अपने क्षेत्र के एक गांव में विधिवत शादी भी रचा ली और पुलिस पकड़ नहीं सकी।

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