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बांका मदरसा ब्लास्ट:3 दिन बाद भी ATS और बिहार पुलिस खाली हाथ, अब NIA करेगी राजफाश, झारखंड और बंगाल कनेक्शन की होगी जांच

पटना5 दिन पहले
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बांका जिले के नवटोलिया स्थित मदरसे में विस्फोट के बाद का नजारा। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
बांका जिले के नवटोलिया स्थित मदरसे में विस्फोट के बाद का नजारा। (फाइल फोटो)

बांका जिले के नवटोलिया स्थित मदरसे में हुए हाई डेंसिटी ब्लास्ट की जांच सवालों के घेरे में है। अब तक इस कांड की जांच में जुटी पुलिस और बिहार ATS की टीम स्पष्ट नहीं कर पाई है कि यह सब हुआ कैसे? जिस जगह पर बच्चों को शिक्षा दी जाती है, जहां उन्हें पढ़ाया जाता है, वहां पर विस्फोटक आया कैसे? हाई डेंसिटी की यह विस्फोट हुई कैसे? जबकि, इस घटना को हुए आज तीन दिन हो गए हैं।

जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्र बताते हैं कि ब्लास्ट की ये घटना दो ही सूरत में हो सकती है। इसकी एक वजह यह हो सकती है कि विस्फोटक सामग्री मंगा कर मदरसा के अंदर ही हाई डेंसिटी बम बनाया जा रहा हो। इसकी दूसरी वजह यह हो सकती है कि कहीं से बम बनाकर लाया गया हो और उसे यहां स्टोर किया गया हो, फिर ट्रांसपोर्टेशन के दौरान यह ब्लास्ट कर गया हो। इन दोनों वजहों की संभावना हो सकती है।

हालांकि, इस बारे में आधिकारिक तौर पर बात करने के लिए भागलपुर के DIG सुजीत कुमार और बांका के SP को कॉल किया गया, पर इनसे बात नहीं हो पाई। घटना के बाद से ही पुलिस मुख्यालय इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। दूसरी तरफ सूत्रों से जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार बांका की इस घटना पर नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) अपनी नजर बनाए हुई है। इस मामले की जांच अब NIA करने वाली है। बस उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। गृह मंत्रालय से आदेश मिलते ही NIA की टीम जांच करने के लिए बांका आएगी।

ATS और FSL की टीम जांच कर चुकी

मदरसा बम विस्फोट की यह घटना 8 जून मंगलवार को हुई थी। जिस तरह का यह धमाका है, जांच के दौरान घटनास्थल पर जो विस्फोट से जुड़े सबूत मिले, उसका कनेक्शन सीधे पश्चिम बंगाल के वर्धमान में हुए सीरियल ब्लास्ट से जुड़ रहा है। जांच एजेंसी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि बांका और वर्धमान में हुए विस्फोट में जिस एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल हुआ, वो दोनों सेम है। इस कांड में अब जिले की पुलिस के साथ ही पटना से ATS और FSL की टीम जांच कर चुकी है। काफी सबूत जुटाए जा चुके हैं।

झारखंड पुलिस की टीम भी बुधवार को वहां जांच करने पहुंची थी। अब इस मामले में जांच करने के लिए पश्चिम बंगाल की पुलिस टीम भी आने वाली है। क्योंकि, वर्धमान में हुए विस्फोट का कनेक्शन बांग्लादेश से जुड़ा था। अब सवाल उठ रहा है कि क्या बांका के मदरसा में हुए ब्लास्ट का कनेक्शन भी बांग्लादेश से जुड़ा है? इसका कोई आतंकी संगठन से कनेक्शन तो नहीं? फिलहाल बिहार पुलिस के अधिकारी इन सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं।

और भी हैं सवाल?

  1. इस घटना में कुल कितने लोग घायल हुए और वे कहां छिपकर अपना इलाज करा रहे हैं?
  2. अब तक एक भी घायल जांच कर रही एजेंसियों के हाथ क्यों नहीं लगा?
  3. ब्लास्ट के बाद जिस तरह से मदरसा की बिल्डिंग ढह गई, क्या उस स्थिति में एक ही मौत हुई होगी?
  4. लॉकडाउन के दरम्यान वहां पढ़ने वाले बच्चे कहां थे?
  5. जब विस्फोट हुआ, तब मदरसा में पढ़ने वाले बच्चे कहां थे?
  6. मदरसा में कुल कितने मौलवी या मौलाना बच्चों को पढ़ाने के लिए रखे गए थे?
  7. घटना के वक्त वहां कितने मौलवी या मौलाना मौजूद थे? वो सभी वर्तमान में कहां हैं?
  8. क्या ब्लास्ट के वक्त मदरसा खाली था?
  9. क्या वहां पढ़ाने वाले मौलाना या मौलवी के मोबाइल के कॉल डिटेल्स और टावर लोकेशन की जांच हुई?
  10. कहीं भी आने-जाने के दौरान वहां के लोग कब और कौन-सी गाड़ी का इस्तेमाल करते थे?
  11. ब्लास्ट की डेंसिटी कम बताने के लिए शुरुआत में सिलेंडर का ब्लास्ट होना क्यों बताया गया?
  12. कुछ लोगों ने जबरन इस मामले को नक्सलियों की तरफ मोड़ने की कोशिश क्यों की?
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