नीतीश के खिलाफ बोलने की सजा:MLC टुन्ना पांडेय भाजपा से निलंबित, 4 दिन पहले नीतीश कुमार को परिस्थितियों का मुख्यमंत्री कहा था; JDU ने जताया था ऐतराज

पटना5 महीने पहले
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CM नीतीश कुमार को परिस्थितियों का मुख्यमंत्री बताने वाले MLC टुन्ना जी पांडेय को भाजपा ने शुक्रवार को पार्टी से निलंबित कर दिया। पार्टी का कहना है कि कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद भी बयान देकर इन्होंने पार्टी नियमों का उल्लंघन किया है। इसलिए निलंबित किया गया है।

आपको बता दें कि 31 मई को टुन्ना जी पांडेय ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा था। उसके बाद से JDU आक्रामक हो गई थी। इससे भाजपा घिर रही थी। लेकिन, पांडेय को निलंबित करने के कुछ घंटे पहले ही विधान परिषद की दो कमेटियों (गैर सरकारी विधेयक व संकल्प संबंधी समिति और सामान्य प्रायोजन समिति) में शामिल किया गया है। इससे एक बार फिर चर्चा गर्म है।

भाजपा की ओर से जारी चिट्ठी।
भाजपा की ओर से जारी चिट्ठी।

टुन्ना जी पांडेय ने कारण बताओ नोटिस का भी नहीं दिया जवाब

नीतीश कुमार के खिलाफ लगातार बोल रहे टुन्ना जी पांडेय को गुरुवार को भाजपा की अनुशासन समिति ने कारण बताओ नोटिस भेजा था। बयानों पर स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन टुन्ना जी ने जवाब देने की बजाय भाजपा को पार्टी से निकालने की चुनौती की दे दी थी । लिहाजा आज भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने कार्रवाई करते हुए पार्टी से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

लगातार दो बयान दिये थे नीतीश कुमार के खिलाफ

MLC टुन्ना जी पांडेय ने नीतीश के खिलाफ लगातार दो बड़े बयान दिये थे। सबसे पहले टुन्ना जी ने दिवंगत राजद नेता शहाबुद्दीन के उस बयान को सही कहा था, जिसमें शहाबुद्दीन ने - “नीतीश कुमार को परिस्थितियों के मुख्यमंत्री ” बताया था । इसके बाद अपने पुराने बयान को ट्विटर पर साझा करते हुए MLC ने दुबारा ट्विट किया था और उसमें कहा था कि - “ मैंने जो कहा सच ही कहा, इस बार के भी हुए विधानसभा चुनाव में जनता ने तेजस्वी यादव जी को अपना मत देकर चुना था, लेकिन सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करके नीतीश जी आज सत्ता में राज कर रहे हैं ।”

बुधवार को भाजपा ने कहा था- टुन्ना जी अब पार्टी में सक्रिय नहीं हैं

टुन्ना जी पांडेय के नीतीश कुमार के खिलाफ बगावती बोल को लेकर भाजपा से जब बुधवार को सवाल किए गए थे, तब भाजपा ने इससे पल्ला झाड़ लिया था। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा था, यह बयान उनका निजी है और टुन्ना जी भाजपा से अलग हो चुके हैं। उन्हें पार्टी की बैठकों में नहीं बुलाया जाता है।

JDU के आक्रामक तेवर के बाद दी गई थी नोटिस

MLC की तरफ से लगातार सामने आते बयानों पर JDU ने आपत्ति जताई थी। सबसे पहले पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने ट्विटर पर अपना गुस्सा जाहिर किया था। उनके बयान के बाद जदयू के कई नेताओं ने भी टुन्ना पर जमकर भड़ास निकाली थी।

प्रदेश जदयू के मुख्य प्रवक्ता व विधान पार्षद संजय सिंह ने कहा था कि हम लोगों के पास भी जुबान है। नीतीश कुमार पर उंगली उठायी तो काट देंगे। बर्दाश्त की भी कोई सीमा होती है। उस सीमा को, लक्ष्मण रेखा को मत पार करो। ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। कोई माई का लाल पैदा हुआ है जो नीतीश कुमार को जेल भेजवा दे? बताया जाता है कि जदयू के इस तेवर के बाद ही भाजपा ने गुरुवार को नोटिस थमाया था।

नोटिस मिलते ही शहाबुद्दीन के बेटे से मिले थे टुन्ना

भाजपा से नोटिस पाते ही टुन्‍ना जी पांडेय गुरुवार को अचानक शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा साहब से मिलने पहुंचे। कहा कि तबीयत खराब थी। जैसे ठीक हुए मिलने आए हैं। ओसामा से औपचारिक मुलाकात करने गए थे। शहाबुद्दीन के परिवार से अच्‍छे सम्‍बन्‍ध रहे हैं।

इसलिए तो बागी नहीं बन गए थे पांडेय

टुन्ना जी पांडे सीवान के स्थानीय निकाय से चुनकर MLC बनते हैं। पिछली बार BJP के टिकट पर इन्होंने यह चुनाव लड़ा और MLC बने। मोदी लहर उस समय सबके सिर पर चढ़कर बोल रही थी। टुन्ना जी पांडेय आसानी से चुन लिए गए। इस बार उनको ऐसा लगता है पिछली बार जैसी लहर उनके साथ नहीं होगी, तो उन्होंने अपना रास्ता बदल दिया। अब सीवान में रहकर दूसरा रास्ता शहाबुद्दीन के घर से होकर ही जाता है। जब टुन्ना जी ने अपना रास्ता बदला तो शहाबुद्दीन की शरण में आए। हालांकि शहाबुद्दीन का निधन हो गया है। लेकिन, उनका प्रभाव आसपास के इलाकों पर काफी हद तक है और स्थानीय निकाय के लिए यह काफी है।

सेक्सुअल हारसमेंट के आरोप में जेल जाने पर भी हुए थे निलंबित

जुलाई 2016 में पूर्वांचल एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान एक 12 वर्षीय बच्ची से छेड़खानी का आरोप लगा था। इसके बाद रेलवे पुलिस ने इन्हें अरेस्ट किया था। जिसके बाद भाजपा ने निलंबित कर दिया था। ब

क्या बोले टुन्ना जी पांडेय

टुन्ना जी पांडेय ने कहा कि मैंने औपचारिक रूप से कभी पार्टी की सदस्यता नहीं ली है। मेरे पास भाजपा के लोग सदस्यता पर्ची काटने आये थे तब मैंने पर्ची कटवाई जरूर है। कहा कि राजनीति का हाल जानते ही हैं। हमलोग बिजनेसमैन हैं, सच बोलते हैं। हमको राजनीति के हिसाब से बोलना नहीं आता। झूठ सच बोलना आता तो ये सब थोड़े बोलते हम। कोई सरकारी नौकरी में थोड़े ही हैं, पार्टी की इच्छा है रखेगी, नहीं इच्छा है नहीं रखेगी। मेरी तो सभी पार्टियों से संबंध अच्छे हैं ।

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