65वीं BPSC की सेकेंड टॉपर चंदा भारती से EXCLUSIVE बातचीत:बोलीं- फेसबुक, वाट्सएप सभी चलाती हूं, तैयारी पर कोई फर्क नहीं पड़ा, हर चीज को बैलेंस करना जरूरी

पटना2 महीने पहलेलेखक: प्रणय प्रियंवद
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मां का आशीर्वाद लेती हुईं टॉपर चंदा भारती। - Dainik Bhaskar
मां का आशीर्वाद लेती हुईं टॉपर चंदा भारती।

बिहार लोकसेवा आयोग (BPSC) 65वीं की सेकेंड टॉपर चंदा भारती बांका की रहने वाली हैं। महिला वर्ग में वे अव्वल हैं। भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा- 'कभी मन डाउन नहीं रखे। हम जो सोचते हैं वह रियलिटी में कंवर्ट होता है। पॉजिटिव सोचने से ही होगा। जरूर सफल होंगे। एक बार नहीं होता है तो दोबारा दें। ये एग्जाम आपको बेहतर इंसान बनाएगा।'

चंदा गया बुडको में असिस्टेंट इंजीनियर हैं। पिता विवेकानंद यादव गढ़वा में असिस्टेंट इंजीनियर हैं। मां का नाम कुंदन कुमारी है। चंदा भारती तीन भाई और एक बहन हैं।

सवाल: आपको बहुत-बहुत बधाई BPSC में सेकेंड टॉपर और महिलाओं में अव्वल रैंक होने के लिए। आप तो सरकारी नौकरी में हैं ना?
जवाब: आपको बहुत-बहुत धन्यवाद। हां, मैं गया नगर निगम में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर हूं।

सवाल: वैकल्पिक विषय के तौर पर आपने विषय क्या रखा था?
जवाब:
सिविल इंजीनियरिंग।

सवाल: आपने ग्रेजुएशन किस विषय से किया?

जवाब: मैंने बीआईटी सिंदरी धनबाद से सिविल इंजीनियरिंग किया है।

माता-पिता के साथ सेकेंड टॉपर चंदा भारती।
माता-पिता के साथ सेकेंड टॉपर चंदा भारती।

सवाल: आमतौर पर इंजीनियरिंग के स्टूडेट वैकल्पिक विषय में आर्ट्स रख लेते हैं। आपके मन में भी यह आया क्या?
जवाब:
मुझे सिविल इंजीनियरिंग बहुत पसंद है। कॉलेज में भी गोल्ड मेडलिस्ट रही हूं। मेरे लिए टेक्निकल विषय ज्यादा आसान हैं।

सवाल: आपकी स्कूलिंग कहां से हुई?
जवाब:
मैंने DAV पब्लिक स्कूल पाकुड़ से 10वीं और 12वीं DPS बोकारो से किया।

सवाल: पिता जी की ट्रांसफरेबल नौकरी की वजह से अगल-अलग जगहों से पढ़ाई हुई?
जवाब: हां, मेरे पिता माइनर इरिगेशन गढ़वा में SDO हैं। मां पाकुड़ में सरकारी शिक्षिका हैं। मैंने अपने मां के साथ रहकर 10 वीं की और फिर पढ़ने बाहर चली गईं।

सवाल: टॉपर्स के बारे में कहा जाता है कि वे खास किस्म के मेधावी होते हैं? जवाब: जब तक रिजल्ट पब्लिश नहीं होता सभी सामान्य ही होते हैं। आंसर राइटिंग और बाकी स्किल की वजह से नंबर ज्यादा आ जाता है। मैंने यह हमेशा ध्यान दिया कि जितनी देर पढ़ो अच्छी तरह से पढ़ो। हमेशा सकारात्मक सोचना चाहिए। मेरे भाइयों ने हमेशा सपोर्ट किया।

सवाल: अपने भाइयों के बारे में बताएं? जवाब: मेरे बडे़ भैया गृह मंत्रालय केन्द्र सरकार में हैं। मंझले वाले भैया जूनियर इंजीनियर पाकुड़ में हैं। सबसे छोटे वाले भाई दिल्ली मेट्रो में इंजीनियर हैं।

सवाल: एकेडमिक फैमिली होने का लाभ आपको मिला? जवाब: हां, इसका लाभ हमें बहुत मिला। घर वालों ने खूब सपोर्ट किया। घर वाले हमसे ज्यादा आश्वस्त थे।

सवाल: इस बार UPSC का जब रिजल्ट आया तो यह बात भी लोगों ने की कि नौकरशाह तो सरकार के इशारे पर काम करने वाले लोग होते हैं, फिर इतनी खुशी की क्या बात है?
जवाब: मुझे नहीं लगता कि ऐसा है। किस चीज को आप कैसे देखते हैं आपका परशेप्सन होता है। आपके पास पावर हो और आप लोगों के लिए सही तरीके से इसका इस्तेमाल करते हैं। मुझे जो प्लेटफॉर्म मिला है, वह बेहतर है। बिहार सरकार में रहकर काम करने का। जरूरी तबकों तक योजनाओं को पहुंचना मेरी प्राथमिकता है। मेरा नेचर ऐसा है कि मैं सही बात पर किसी के सामने झुकती नहीं हूं।

सवाल: बिहार जैसे प्रदेश में यह कहा जाता है कि नेतागिरी बहुत हावी है। ऐसे में अच्छे मन वाले अफसरों को भी काम करने में कठिनाई होती है। आप क्या मानती हैं?
जवाब: कठिनाई तो हर जॉब में है। आप पर डिपेंड करते हैं कि आप कैसे सोचते हैं। मेरा ख्याल है कि सही बात को सही तरीके से आप करते हैं तो कोई रोक नहीं सकता।

सवाल: आप बता रहीं थीं कि राइटिंग स्किल की वजह से आपको अच्छे नंबर आए। इसमें खास क्या है बताएं? किन बातों का ख्याल रखा?
जवाब: मेरा छोटा भाई अपना लिखा आंसर मुझे भेजता था तो मुझे चेक करने का लाभ मिला। दूसरे के मॉडल आंसर भी देखने चाहिए।

सवाल: जिसके घर में आपकी तरह कोई भाई न हो तो वह क्या करे?
जवाब: ऑनलाइन आंसर भी मिलते हैं। मैंने कभी कोई कोचिंग नहीं किया। कोई मॉक इंटरव्यू नहीं लिया।

सवाल: कोचिंग का कोई फायदा आप नहीं समझती हैं क्या?
जवाब: कोचिंग भी अच्छी चीज है। अगर आप सेल्फ स्टडी कर रहे हैं तो आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। हम लोग भी कोचिंग का मटीरियल ही पढ़ते हैं। मेरा पर्सनल प्रिपरेशन इतना था कि मेरी कोचिंग की जरूरत के बिना हो गया। कोचिंग भी बेस्ट देते हैं स्टूडेंट को।

सवाल: आपकी रोल मॉडल कौन हैं? घर-परिवार से बाहर की बात करें तो?
जवाब: कल्पना चावला का कैरेक्टर मुझे काफी पसंद है। मेरी मां सबसे बढ़कर हैं। जॉब करते हुए उन्होंने सब बच्चों की ठीक से परवरिश की।

सवाल: हाल के कुछ टॉपर्स ने यह कहा कि सोशल मीडिया से दूर रहकर उन्होंने सफलता पाई। आप क्या सोचती हैं?
जवाब: नहीं मैं फेसबुक, वाट्सएप सब पर हूं। यह आप पर डिपेंड करता है कि आप कैसे चीजों को बैलेंस करते है। यह लड़ाई आपके अंदर की है। आप अंदर से कितने मजबूत हैं।

सवाल: कई बार होता है कि तैयारी के बावजूद छात्र सफल नहीं हो पाते हैं?
जवाब: मैं कहूंगी कभी मन डाउन नहीं रखें। हम जो सोचते हैं वह रियलिटी में कंवर्ट होता है। मेरा मानना है कि पॉजिटिव सोचने से ही होगा। जरूर सफल होंगे। एक बार नहीं होता है तो दोबारा दें। ये एग्जाम आपको बेहतर इंसान बनाएगा।

सवाल: BPSC का इंटरव्यू कैसे रहा?
जवाब: केस स्टडी से जुड़े सवाल बहुत पूछे गए। कई सवालों के जवाब मैं नहीं दे पाई, लेकिन मैं कंफिडेंट थीं। वे यही चेक करते हैं कि आप सवालों के जवाब नहीं भी जानते हैं तो पैनिक नहीं होते। मुख्य रुप से वे आपका नॉलेज नहीं बल्कि विहैवियर चेक करते हैं। लास्ट टाइम भी मुझे हाईएस्ट नंबर मिला था।

सवाल: इसके पहले आपका चयन किस पद के लिए हुआ था?
जवाब: 64 वीं BPSC में मेरा चयन हुआ था रेवेन्यू सर्विस में, 684 रैंक था। बिहार इंजीनियरिंग सर्विस में भी मेरा चयन हो चुका है। SSC जेई में भी मेरा चयन हो चुका है। अभी मैं गया नगर निगम बुडको में असिस्टेंट इंजीनियर पद पर काम कर रही हूं। मैं बिहार प्रशासनिक सेवा ज्वाइन करूंगी। मैं इसी में जाना चाहती थी।

64वीं BPSC परीक्षा में भी चयनित हुईं थी।
64वीं BPSC परीक्षा में भी चयनित हुईं थी।

क्या बोले टॉपर के पिता

वहीं, चंदार भारती के पिता विवेकानंद यादव ने कहा- 'इसके पूर्व में भी 64 वीं बिहार लोक सेवा में इन्हें सफलता मिली थी। उस वक्त इनका चयन रेवेन्यू ऑफिसर में हुआ था मगर इतने पर भी ये संतुष्ट नहीं थी। इसके बावजूद तैयारी की और अब राज्य में दूसरे स्थान पर चयनित हुई।

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