बिहार में अब शाम 6 बजे से नाइट कर्फ्यू:4 बजे तक बंद होंगी सभी दुकानें-ऑफिस; शादी-श्राद्ध में भी आनेवालों की संख्या घटी; कोरोना से जान गंवाने वालों का अंतिम संस्कार सरकार के जिम्मे

पटना6 महीने पहले
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  • नई सख्तियां 29 अप्रैल से लागू होकर 15 मई तक जारी रहेंगी
  • रेस्टोरेंट में रात 9 बजे तक खाना पैक करवाने की सुविधा जारी

बिहार में नाइट कर्फ्यू का समय बढ़ा दिया गया है। अब यह शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक जारी रहेगा। अभी तक नाइट कर्फ्यू रात 9 से सुबह 5 बजे तक ही था। बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए बिहार सरकार के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) ने यह निर्णय लिया है। बिहार में अब सभी दुकानें जिन्हें शाम 6 बजे तक खोलने की अनुमति थी, शाम 4 बजे तक ही खुलेंगी। सभी सरकारी-निजी ऑफिस (आवश्यक सेवाओं में आने वाले को छोड़कर) भी अब 25% कर्मियों के साथ शाम 4 बजे तक ही खुलेंगे। साथ ही बिहार सरकार अब कोरोना से जान गंवाने वालों का अंतिम संस्कार अपने खर्च पर कराएगी। इसके दायरे में वो मृतक भी आएंगे, जिनमें लक्षण थे लेकिन वह कोविड टेस्ट में निगेटिव पाए गए।

CMG की मीटिंग के बाद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत व विकास आयुक्त आमिर सुबहानी ने ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस कर नई सख्तियों की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि नाइट कर्फ्यू का नियम पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कृषि कार्य, औद्योगिक इकाइयों, निर्माण कार्य, स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों और इससे संबंधित कार्यों, ठेले पर फल-सब्जी की बिक्री करने वालों, रेस्टोरेंट्स इत्यादि पर लागू नहीं होगा। रेस्टोरेंट में रात 9 बजे तक खाना पैक करवाकर ले जाने की सुविधा जारी रहेगी। यह सख्तियां 29 अप्रैल से लागू होकर 15 मई तक या अगले आदेश तक जारी रहेंगी।

संक्रमण का रोकथाम के लिए किए गए अन्य महत्वपूर्ण फैसले:

  • सभी सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालय (आवश्यक सेवाओं से संबंधित कार्यालयों को छोड़कर) शाम 4 बजे बंद हो जाएंगे। इनमें अब 25 प्रतिशत कर्मियों की ही उपस्थिति होगी। सभी कर्मियों (सरकारी एवं गैर-सरकारी सेवक) को Work from home के लिए प्रेरित किया जाएगा।
  • विवाह समारोह में अब 50 लोग ही शामिल होंगे। बारात-वरमाला के लिए रात 10 बजे तक छूट होगी। इस दौरान DJ बजाने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। इसी तरह अंतिम संस्कार के लिए अधिकतम 20 लोगों की सीमा तय की गई है।
  • एलोपैथिक, आयुष, यूनानी, डेंटिस्ट चिकित्सक; लैब तकनीशियन, नर्स, पारा मेडिकल स्टाफ एव एनेस्थेटिस्ट के अस्थायी पदों का सृजन कर वाक-इन-इंटरव्यू से न्यूनतम एक वर्ष के लिए संविदा पर नियुक्ति होगी। सभी सेवानिवृत्त चिकित्सकों को भी आवश्यकतानुसार लगाया जाएगा।
  • कोविड के लक्षण वाले रोगी (भले ही टेस्ट में निगेटिव हों) को भी अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज किया जाएगा।
  • सभी वेंटिलेटर को चालू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं जिला पदाधिकारी अपने-अपने स्तर से सभी आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
  • चुनाव वाले राज्यों से लौटे पुलिस कर्मियों की कोविड जांच की जाएगी। यह ध्यान रखा जाएगा कि वे अन्य न मिलें, जिससे कोविड संकमण नहीं फैले।
  • रेमडेसिविर एवं अन्य दवाएं आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को आसानी से एवं निर्धारित प्रकिया के अंदर मिल जाए, स्वास्थ्य विभाग इसे सुनिश्चित करेगा।
  • बढ़ते संकमण को देखते हुए आवश्यकतानुसार हर जिले में किराए पर ऐंबुलेंस लिया जाएगा।
  • मुजफ्फरपुर में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अतिरिक्त अस्थायी अस्पताल का निर्माण कराया जाएगा।

लगातार तीन दिनों की मीटिंग के बाद भी वीकेंड लॉकडाउन नहीं

इससे पहले बिहार के CM नीतीश कुमार लगातार तीन दिनों से मैराथन मीटिंग कर रहे थे। सोमवार को उन्होंने अपने सरकारी आवास 1, अणे मार्ग पर अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, आपदा विभाग सहित कोरोना से जुड़े संबंधित विभागों से फीडबैक लिया। बैठक के तुरंत बाद वे पटना की सड़कों पर निकल पड़े थे। CM उन जगहों पर गए जहां भीड़भाड़ रहने की संभावना रहती है। इसके दूसरे दिन, यानी मंगलवार को मुख्यमंत्री ने बिहार के सभी जिलों के DM-SP के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग की और सभी जिलों का फीडबैक लिया। माना जा रहा था कि बिहार में वीकेंड लॉकडाउन लगाया जा सकता है। हालांकि सरकार ने अभी पूरे प्रदेश में धारा 144 के तहत पाबंदियां लागू करने और नाइट कर्फ्यू की समय सीमा बढ़ाने का ही निर्णय लिया है।

CM ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और सभी SP-DM को ये निर्देश जारी किए थे:

  • कोरोना संक्रमितों के इलाज में किसी प्रकार की कोई कोताही न हो, इस पर विशेष ध्यान दें। समस्या को कैसे कम किया जा सकता है, इस पर सकारात्मक रवैये के साथ काम करें।
  • 1 मई से 18 वर्ष से 44 वर्ष के लोगों का भी टीकाकरण कराया जाएगा। राज्य सरकार मुफ्त टीकाकरण कराएगी। टीकाकरण को लेकर पूरी तैयारी रखें।
  • अधिकारी सक्रिय रहेंगे तो लोग नियंत्रित रहेंगे, मूवमेंट सीमित होगा और कोरोना का फैलाव कम से कम होगा।
  • जिलों में इलाज की पूरी व्यवस्था रखें, अनुमंडल स्तर पर भी पूरी तैयारी रखें। IGIMS पटना को डेडिकेटेड अस्पताल बनाएं।
  • स्वास्थ्य विभाग अल्टरनेट डे पर सभी जिलाधिकारियों से कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति की जानकारी ले और उसके आधार पर जरूरी कदम उठाए।
  • माइकिंग द्वारा गांव-गांव तक कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों को सतर्क और सजग करने के लिए निरंतर अभियान चलाएं। उन्हें अगल-बगल के गांव और मोहल्लों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बताएं। उसके फैलाव के बारे में लोगों को सचेत करें।

बिहार में कब-कब लगा पूर्ण लॉकडाउन

  • प्रथम चरण : 25 मार्च 2020 – 14 अप्रैल 2020 (21 दिन)
  • द्वितीय चरण : 15 अप्रैल 2020 – 3 मई 2020 (19 दिन)
  • तृतीय चरण : 4 मई 2020 – 17 मई 2020 (14 दिन)
  • चतुर्थ चरण : 18 मई 2020 - 31 मई 2020 (14 दिन)
  • अनलॉक के दौरान भी 6 सितंबर तक बिहार में पाबंदियां घटतीं-बढ़ती गईं।
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