• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Bihar CM Nitish Kumar News Update; Nitish May Visit Delhi Today, Likely To Meet PM Modi Over Union Cabinet Expansion

CM नीतीश दिल्ली पहुंचे 'आंख दिखाने':PM मोदी से मुलाकात पर स्थिति साफ नहीं, बोले- हमलोग साथ हैं, मिलना-जुलना होते रहता है; यह तो निजी है

पटना5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

बिहार से केंद्र में इस बार मंत्रियों की संख्या बढ़ने वाली है। बिहार की तरफ से केंद्रीय मंत्रिमंडल में JDU शामिल होने जा रहा है। इसको लेकर कवायद भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार देर शाम दिल्ली पहुंच गए। कैबिनेट की बैठक के बाद नीतीश कुमार शाम 4 बजे के करीब पटना एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से वो विशेष विमान से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे।

दिल्ली पहुंचे ही मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यहां आंख चेक कराने आया हूं। प्रधानमंत्री से मिलने के सवाल पर कहा कि हमलोग एक साथ हैं, मिलना जुलना होते रहता है। LJP की टूट पर कहा कि ये उनका अंदरुनी मामला है। इस पर मैं क्या बोल सकता हूं। पप्पू यादव पर बोले- कोर्ट में उनका पुराना मामला है, हमको उसमें न जोड़े।

कयास लगाए जा रहे हैं कि इस दिल्ली दौरे में नीतीश कुमार PM नरेंद्र मोदी से मिल सकते हैं और JDU कोटे से केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने वालों का नाम दे सकते हैं।

हालांकि, CM के दिल्ली दौरे से पहले सांसद ललन सिंह ने कहा है कि वह निजी यात्रा पर गए हैं। उन्हें अपनी आंखों का इलाज कराना है। CM नीतीश के दिल्ली दौरे से मंत्रिमंडल विस्तार का कोई लेना-देना नहीं है।

JDU से तीन नामों का प्रस्ताव

मंत्रिमंडल विस्तार और मंत्रिमंडल में शामिल होने पर सांसद ललन सिंह ने कहा कि यह PM मोदी का विशेषाधिकार है। मंत्रिमंडल विस्तार में किसी का हस्तक्षेप नहीं हो सकता। जब PM को लगेगा तभी मंत्रिमंडल विस्तार होगा। हालांकि, इससे पहले JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने साफ कर दिया था कि इस बार JDU केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हो सकती है। नीतीश कुमार की तरफ से तीन नामों का प्रस्ताव केंद्र को जा सकता है।

शाम 4 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचे CM नीतीश विशेष विमान से दिल्ली रवाना हुए हैं।
शाम 4 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचे CM नीतीश विशेष विमान से दिल्ली रवाना हुए हैं।

ये तीन नाम हैं...

राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह : मुंगेर के सांसद हैं। नीतीश कुमार के पुराने सहयोगी रहे हैं। भूमिहार जाति से आने वाले ललन सिंह अगड़ी जातियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनके केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से केंद्र में नीतीश कुमार का प्रतिनिधित्व होगा। ललन सिंह पूरी तरह से नीतीश कुमार की लाइन पर राजनीति करने वाले नेता हैं। इन्हें नरेंद्र मोदी की सरकार में केंद्रीय मंत्री बनाया जाएगा।

रामचंद्र प्रसाद सिंह उर्फ RCP सिंह : राज्यसभा के सांसद और JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। कुर्मी जाति से आने वाले RCP सिंह प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं। VRS लेकर राजनीति में प्रवेश करने वाले RCP की प्रशासनिक महकमे पर खासी पकड़ है। नीतीश कुमार के नीति निर्धारकों में से एक RCP सिंह सरकार और दल का बैलेंस बनाकर चलने वाले नेता हैं। सबसे बड़ी बात कि इनके केंद्र में मंत्री बनने से नीतीश कुमार की जाति का प्रतिनिधित्व केंद्र में बढ़ जाएगा। इनको कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।

संतोष कुशवाहा : पूर्णिया से लोकसभा सदस्य हैं। कुशवाहा जाति से आने वाले इस सांसद को केंद्र में मंत्री बनाकर नीतीश कुमार लव-कुश समीकरण को साधने में कामयाब होंगे। जाहिर सी बात है कि कुर्मी जाति से RCP सिंह आते हैं और संतोष कुशवाहा कुशवाहा जाति से आते हैं। इनको केंद्र में राज्य मंत्री का दर्जा मिल सकता है।

2019 में ठुकराया था ऑफर

JDU ने 2019 में जब बीजेपी दोबारा सत्ता में आई थी, तब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट का हिस्सा बनने के ऑफर को ठुकरा दिया था। कहा जाता है कि नीतीश कुमार ने संख्या के आधार पर मंत्रिमंडल में भागीदारी मांगी थी, जिस पर भाजपा तैयार नहीं हुई थी। वो एक मंत्री पद दे रही थी।

जेडीयू के पास हैं 16 लोकसभा और पांच राज्यसभा सांसद

जेडीयू के पास 16 लोकसभा और पांच राज्यसभा सांसद हैं। अगले साल उत्तर प्रदेश में चुनाव है, ऐसे में नीतीश कुमार की बात को भाजपा मांग सकती हैं, क्योंकि नीतीश कुमार पटेल और कुर्मी वोटों को लुभाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

BJP के एक मंत्री को ड्रॉप करने की चर्चा

वही, BJP की तरफ से चर्चा है कि एक मंत्री को ड्रॉप किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि वह एक मंत्री कौन होगा। BJP इस मंत्रिमंडल विस्तार में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को ध्यान रखेगी। एक मंत्री ड्रॉप होंगे तो एक मंत्री बनाए भी जाएंगे। यूपी चुनाव में जिस जाति का समीकरण फिट बैठता है, उस जाति के नेता को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा, जिसका प्रभाव यूपी पर भी खासा पड़े। BJP के सारे फैसले केंद्रीय नेतृत्व लेता है तो इस बार भी बिहार के मंत्रियों पर फैसला दिल्ली में ही होगा।

खबरें और भी हैं...