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कांग्रेस ने की पेगासस मामले की न्यायिक जांच की मांग:कहा- कई सरकारों को फंसाने-गिराने में सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल हुआ, CM नीतीश कुमार को कितना नुकसान हुआ; यह वही जानें

पटना10 दिन पहले
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा।

बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने कहा है कि 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइल गए थे, उसी समय से फोन की जासूसी करने का घटनाक्रम है। उन्होंने कहा कि इजरायली सॉफ्टवेयर पेगासस के जरिए नेताओं, पत्रकारों के फोन पर नजर रखी गई। 'यह लोकतंत्र पर कब्जा करने और उसे खत्म करने का कारगर हथियार है। इस सॉफ्टवेयर से घर में, बाथरूम में क्या-क्या हो रहा है, इन सब पर नजर रखी जा सकती है। यहां तक कि मर्डर केस में भी फंसाया जा सकता है'।

उन्होंने कहा, 'देश में कई राज्यों की सरकारों को गिराने और फंसाने में सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल हो रहा है। इस सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से मुख्यमंत्री नीतीश को कितना नुकसान हुआ, यह वही जानें। कई नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया'।

डिक्टेटरशिप लाना चाहते हैं नरेंद्र मोदी।

उन्होंने पूछा कि कितने करोड़ में और किसके आदेश से सॉफ्टवेयर की खरीद की गई? 2019 के बाद से सरकार चुप क्यों रही? गृह मंत्री अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। प्रेस कांफ्रेंस में मदन मोहन झा, मीडिया अध्यक्ष राजेश राठौर, प्रवक्ता जया मिश्रा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष गुंजन पटेल शामिल हुए।

पूर्व IT मिनिस्टर ने स्वीकार किया था सच

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित 121 लोगों की जासूसी की जा रही थी। विपक्ष के नेता, पत्रकारों, अकादमी हस्तियों के फोन पर बातचीत को सरकार सुन रही थी। यह निजता हनन का मामला है। कहा कि 28 नवंबर 2019 को पूर्व IT मिनिस्टर ने आरोप को स्वीकारा था। उन्होंने PM से जवाब मांगा कि भारतीयों की सुरक्षा को खत्म कर विदेश सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल गलत है कि नहीं? मदन मोहन झा ने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब क्षेत्रीय स्तर पर भी नेता-पत्रकार पर अंकुश लगेगा।

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