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बिहार में कोरोना:NMCH में कोविड सेंटर भरा, बेड के लिए कोई स्ट्रेचर पर तो कोई सीढ़ियों पर ही कर रहा इंतजार, बेबस दिख रहे परिजन

पटनाएक वर्ष पहले
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NMCH में कोरोना संक्रमितों का हाल। - Dainik Bhaskar
NMCH में कोरोना संक्रमितों का हाल।

बिहार में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा रिकॉर्ड तोड़ गति से बढ़ रहा है। अस्पतालों में बेड पूरी तरह से फूल हो रहे हैं। नए मरीजों के लिए जगह नहीं मिल रही है। NMCH में कोविड सेंटर कोरोना संक्रमितों से भरा हुआ है। मरीजों के लिए अब बेड की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। यहां कोरोना मरीजों का अब रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है। कोई संक्रमित NMCH की सीढ़ियों पर बैठा हुआ है तो कोई बाहर ही स्ट्रेचर पर पड़ा हुआ है। NMCH कैंपस में जानवर घुम रहे हैं।

NMCH में कोरोना संक्रमितों के परिजन।
NMCH में कोरोना संक्रमितों के परिजन।

उधर भागलपुर में लॉकडाउन लगने का पोस्ट वायरल हो रहा है। वायरल पोस्ट में जानकारी दी जा रही है कि अगले 7 दिनों के लिए भागलपुर में लॉकडाउन लग गया है। हालांकि, भागलपुर के DM ने इसे अफवाह बताया है। वहीं, PMCH में बेड बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी गई है। ई-सर्जिकल इमरजेंसी में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों के लिए 22 बेड का अलग कोविड-19 वार्ड बनाया जा रहा है।

NMCH में बेड के इंतजार में कोरोना संक्रमित मरीज के परिजन।
NMCH में बेड के इंतजार में कोरोना संक्रमित मरीज के परिजन।

NMCH में कोरोना संक्रमितों की हालत बदतर हो गई है। मरीजों के परिजन लाइन में लगकर रजिस्ट्रेशन का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन वहां काउंटर पर रजिस्ट्रेशन बंद होने की सूचना चिपका दी गई है। घंटों से कोरोना संक्रमित मरीज बेड का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन, उन्हें कोई सूचना नहीं मिल रही है। मजबूरी में वे NMCH की सीढ़ियों पर ही बैठ गए हैं। आस-पास से लोग गुजर रहे हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा और भी बढ़ सकता है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कोई अलग से व्यवस्था नहीं की गई है।

NMCH में बंद किया गया रजिस्ट्रेशन।
NMCH में बंद किया गया रजिस्ट्रेशन।

NMCH में कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ आए परिजनों का भी बुरा हाल है। उनके रहने के लिए किसी तरह की व्यवस्था नहीं है। वे अस्पताल में किसी भी किनारे में रात गुजारने को मजबूर हैं। कुछ परिजन तो फूलों की क्यारियों के बगल में खुद की मच्छरदानी लगाकर रूके हुए हैं। वहीं, पर गैस चूल्हे पर खाना बना रहे हैं।

फूलों की क्यारियों के बगल में रहने को मजबूर लोग।
फूलों की क्यारियों के बगल में रहने को मजबूर लोग।

भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भी लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। बांका से आए कोरोना संक्रमित मरीज की आधे घंटे के अंदर ही मौत हो गई। लेकिन अस्पताल की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई। स्ट्रेचर पर लाश को यूं ही छोड़ दिया गया। कोरोना से हुई मौत जानने के बावजूद बॉडी को शील्ड नहीं किया गया। लाश के आस-पास से लोग गुजर रहे हैं। पास में परिजन भी बैठे हुए हैं। कोई भी संक्रमित हो सकता है। लेकिन, इससे अस्पताल प्रशासन कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। इससे पहले भी इसी जगह पर कोरोना संक्रमित की लाश को फेंक दिया गया था। भास्कर की खबर के बाद अस्पताल प्रशासन की नींद खुली थी और लाश को हटाया गया था।

मायागंज अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद लाश को छोड़ दिया गया।
मायागंज अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद लाश को छोड़ दिया गया।

SKMCH में महिला की मौत

उधर, एसकेएमसीएच (SKMCH) के कोविड वार्ड में 48 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मिठनपुरा थाना के मालीघाट की रहने वाली महिला का इलाज 09 अप्रैल से चल रहा था। अब तक एसकेएमसीएच में 18 मरीज भर्ती हैं। तीन का रिपोर्ट निगेटिव आने के कारण वार्ड में ट्रांसफर किया गया है। एक को अस्पताल से छुट्टी दी गई है।

PMCH पहुंचे प्रत्यय अमृत

स्वास्थ्य सचिव प्रत्यय अमृत सोमवार को PMCH पहुंचे। सबसे पहले डॉक्टरों के स्पेशल कोरोना वार्ड का जायजा लिया। फिर जनरल कोरोना वार्ड के कोविड कंट्रोल रूम में गए। इसके बाद संक्रमितों के परिजनों से बात कर व्यवस्था के बारे में पूछताछ की। स्वास्थ्य सचिव ने डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों के लिए 22 बेड का अलग से कोविड वार्ड बनाने का निर्देश दिया।

3 दिन में 25 मौत

पटना के अलावा गया, मुजफ्फरपुर के बाद अन्य जिलों में भी कोरोना की रफ्तार बढ़ गई है। भागलपुर में एक ही दिन में कोरोना 300 के पार पहुंच गया है। पिछले तीन दिनों में कोरोना से मरनेवालों की संख्या 25 हो गई है। इसके बावजूद लोग संभल नहीं रहे हैं। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग से परहेज किया जा रहा है। इस वजह से कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं लोग

भागलपुर रेलवे स्टेशन का भास्कर की टीम ने जायजा लिया। यहां के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर कई यात्री बिना मास्क के नजर आए। यहां 10 में से औसतन 5 यात्रियों ने ही मास्क पहना था। यहां तो कई पुलिसकर्मी भी बिना मास्क के नजर आए। प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या की एक वजह क्लोज कांटेक्ट है। एक-दूसरे से कांटेक्ट में रहने के कारण इसकी रफ्तार तेज हो गई है।

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