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PMCH से कोरोना संक्रमित फरार:वैशाली का रहने वाला है मरीज, PMCH से वैशाली तक बनेगी संक्रमण की चेन, कोविड वार्ड की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

पटना25 दिन पहले
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पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) से सुरक्षा की पोल खोल कर एक संक्रमित फरार हो गया है। वैशाली का रहने वाला संक्रमित अस्पताल की लापरवाही से संक्रमण की चेन बना सकता है।

संक्रमितों की निगरानी में हो रही लापरवाही कोरोना के मामले बढ़ा सकती है। संक्रमितों को आइसोलेट करने के बजाए उसे भागने की छूट देना बड़ा मामला है। ऐसे मामले से ही संक्रमण फिर खतरा बन सकता है।

ब्लैक फंगस के बाद हुआ था कोरोना संक्रमित

वैशाली के रहने वाले अरविंद कुमार को कोरोना के बाद ब्लैक फंगस हुआ था। अरविंद कुमार ब्लैक फंगस वार्ड में लंबे समय से भर्ती था और बाहर जाकर निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराया था। वह अब PMCH में ब्लैक फंगस वार्ड में पूरी तरह से स्वस्थ हो गया था।

डॉक्टर भी चाह रहे थे कि उसे छुट्‌टी दे दी जाए, लेकिन सोमवार को फाइनल जांच के क्रम में कोरोना पॉजिटिव पाया गया।

सोमवार को ही उसे कोरोना वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। अरविंद की हालत रात में कोरोना वार्ड में बिगड़ गई थी। ब्लड प्रेशर के साथ कई समस्या हो गई थीं।

इसके बाद वह रात में ही फरार हो गया। वह रात में ही कोरोना वार्ड की बजाए घर जाने की गुहार लगा रहा था। वह यही बोल रहा था कि अब वह कोरोना वार्ड में नहीं बच पाएगा।

बिहार में चौंकाने वाला मामला

अरविंद का संक्रमण बिहार में ब्लैक फंगस का चौंकाने वाला पहला मामला है। अब तक ब्लैक फंगस के पहले कोरोना का संक्रमण या फिर ब्लैक फंगस के साथ कोरोना के संक्रमण का मामला आता रहा है। पहली बार ऐसा हुआ है, जब कोरोना ब्लैक फंगस के बाद हुआ है।

दो माह में कोरोना के डबल अटैक से हड़कंप मचा ही था, लेकिन कोरोना वार्ड से मरीज के भागने से मामला और गंभीर हो गया है। पटना मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड से भागने वाला अरविंद वैशाली का रहने वाला है। ब्लैक फंगस की शिकायत पर 29 मई 2021 को PMCH के ब्लैक फंगस वार्ड में भर्ती हुआ।

व्यवस्था ने किया भागने पर मजबूर

PMCH की व्यवस्था ने अरविंद को भागने पर मजबूर किया है। PMCH में ऑपरेशन की सुविधा नहीं होने से मरीज की हालत बिगड़ रही थी। वह दो बार ऑपरेशन के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल गया। पटना के रुबन हॉस्पिटल में 4 जून को 85 हजार और 17 जून को 70 हजार देकर ऑपरेशन कराया।

ऑपरेशन के बाद वह PMCH में भर्ती हुआ था। सोमवार को कोरोना जांच पॉजिटिव आने के बाद उसे कोविड वार्ड में भेजा गया, जहां की व्यवस्था देख वह और बीमार हो गया। इस कारण वह भागने पर मजबूर हुआ।

अरविंद को लेकर PMCH के डॉक्टरों का कहना है कि उसके घर वाले उसे ले गए हैं, लेकिन सवाल यह है कि किसी कोरोना संक्रमित को ऐसे बिना निगेटिव रिपोर्ट के कैसे छोड़ा जा सकता है। PMCH भले ही अपने बचाव में यह सफाई दे रहा हो, लेकिन इस गंभीर मामले ने अस्पताल की सुरक्षा की पोल खोलते हुए संक्रमण का खतरा बढ़ाने का संकेत दिया है।

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