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अब जागा पुलिस मुख्यालय, जब 3 अफसर लील गया कोरोना:पुलिसकर्मियों के लिए मास्क किया जरूरी, बिहार के हर थाने का बदला प्रोटोकॉल देखिए

पटना9 महीने पहले
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भागलपुर में सार्वजनिक जगहों पर तैनात पुलिसकर्मी अक्सर या तो बिना मास्क, या गले तक उतरे मास्क में नजर आते हैं। - Dainik Bhaskar
भागलपुर में सार्वजनिक जगहों पर तैनात पुलिसकर्मी अक्सर या तो बिना मास्क, या गले तक उतरे मास्क में नजर आते हैं।
  • पुलिस से जुड़े तमाम ऑफिसों और बैरक में फिजिकल डिस्टेंस का करना होगा पालन
  • सभी थानों में ENTRY POINT बनाने और वहीं तक बाहरी लोगों के प्रवेश का निर्देश

कोरोना वायरस की वजह से पिछले दो दिनों में बिहार पुलिस अपने तीन अफसरों को खो चुकी है। दो इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर की मौत हो चुकी है, जबकि पटना में एक इंस्पेक्टर की हालत गंभीर है। वैसे तो कोरोना संक्रमण का असर अलग-अलग सेक्शन में तैनात कई पुलिस अधिकारियों और जवानों के ऊपर है। इनमें से कुछ रिकवर कर चुके हैं जबकि कुछ का ऑक्सीजन लेवल अभी भी कम है। उन्हें बेहतर इलाज की जरूरत है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए सोमवार को DGP एसके सिंघल की मौजूदगी में पुलिस मुख्यालय में एक मीटिंग हुई। इसमें बिहार पुलिस के सिपाही से लेकर सीनियर अधिकारियों तक को पूरे कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए ड्यूटी करने का आदेश जारी किया गया है।

आदत में शुमार नहीं है मास्क पहनना
IPS और पढ़े-लिखे अधिकारी कोविड प्रोटोकॉल का पालन पूरी तरह से कर ले रहे हैं। थानों में तैनात पुलिस वाले मीडिया के कैमरों से बचने के लिए मास्क पहने दिखाई देते हैं, लेकिन सिपाही और सिपाही से ASI बने काफी सारे पुलिसवाले कई जगहों पर अक्सर बगैर मास्क पहने ही दिख जाते हैं। वो कोविड नियमों का सही तरीके से पालन भी नहीं करते। सोमवार को इस तरह की तस्वीर भागलपुर जिले में देखने को मिली थी। मास्क नहीं पहनना इनकी आदतों में शुमार है। इस कारण ये ड्यूटी के दौरान कोरोना के संक्रमण का शिकार हो जा रहे हैं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए पुलिस मुख्यालय ने ड्यूटी के दौरान अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक को मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है।

बाहरी लोगों के एंट्री पर नियंत्रण का आदेश
थाना हो या पुलिस ऑफिस, बाहरी लोगों की एंट्री पर नियंत्रण रखने को कहा गया है। इसके लिए थाना या ऑफिस में एक जगह पर ENTRY POINT बनाने का आदेश दिया गया है। कंप्लेनेंट से लेकर किसी भी प्रकार के बाहरी लोग या फिर डाक व डिपार्टमेंटल लेटर लेकर आने वाले कर्मचारी को उसी प्वाइंट पर रोका जाए। फिजिकल डिस्टेंसिंग मेंटेन करते हुए प्रोटोकॉल के तहत ही काम किया जाए। बैरक में भी पुलिस जवानों को फिजिकल डिस्टेंस मेंटेन करना होगा।

पटना के कोतवाली थाना में फिजिकल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने के लिए किया गया उपाय।
पटना के कोतवाली थाना में फिजिकल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने के लिए किया गया उपाय।

बेहतर इलाज के लिए नोडल ऑफिसर करें नियुक्त
अपने आदेश में DGP ने बीमार पुलिस अफसरों और जवानों के बेहतर इलाज को लेकर कई प्रकार के सुझाव दिए हैं। बीमार पुलिस वालों की प्रोपर मॉनिटरिंग के लिए पुलिस विभाग के सभी सेक्शन के हेड, सभी रेंज IG और DIG को तत्काल एक-एक नोडल ऑफिसर नियुक्त करने का आदेश दिया है। ये बीमार पुलिस अफसर/जवानों के क्वारेंटाइन से लेकर हॉस्पिटल में बेहतर इलाज की तमाम व्यवस्थाओं को देखेंगे। पॉजिटिव होने वाले अफसरों और जवानों की जानकारी DGP कंट्रोल रूम को देंगे।

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