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इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2021 लांच:इथेनॉल उत्पादन प्रोजेक्ट पर खर्च 100 करोड़, सब्सिडी मात्र 5 करोड़, उद्योगपति बोले- UP जाएंगे तो मिलेंगे 20 करोड़

पटना2 महीने पहले
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केंद्रीय बायो फ्यूल नीति 2018 के तहत बिहार में इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2021 लांच कर दी गई है। लेकिन, इसपर उद्योगपतियों ने अपनी अलग तरीके से राय दी है। उद्योगपति सत्यजीत सिंह कहते हैं- इस नीति से इथेनॉल उद्योग को विकसित कर पाना मुश्किल है। बिहार में जमीन की कीमत प्रति एकड़ 2 करोड़ है। एक एथनॉल प्रोजेक्ट लगाने के लिए कम से कम 25 एकड़ जमीन चाहिए। इस तरह केवल जमीन की कीमत 50 करोड़ हो गई, इसके बाद लागत 50 करोड़। इस तरह एक इथनॉल प्रोजेक्ट के लिए कम से कम 100 करोड़ की लागत लगानी होगी, जिसपर सरकार 5 करोड़ अनुदान देगी, जबकि यूपी में 100 करोड़ पर 20 करोड़ का अनुदान मिलेगा । कच्चा माल से लेकर मार्केटिंग के मामले में यूपी में काम आसान है। ऐसे में बिहार के लिए UP सबसे बड़ी चुनौती है और इसका सामना हम तभी कर सकते हैं जब हम उत्तर प्रदेश से बेहतर स्थितियां बिहार में निवेशकों के लिए दिखाएं। उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन के दावे को मानें तो बिहार इथेनॉल पॉलिसी को लांच करनेवाला बिहार पहला राज्य बन गया है। बिहार में यह नीति 31 मार्च 2025 तक प्रभावी रहेगी।

बिहार इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2021 लांच करते मंत्री शाहनवाज हुसैन।
बिहार इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2021 लांच करते मंत्री शाहनवाज हुसैन।

सड़े हुए अनाज के लिए सिर पकड़ने की जरूरत नहीं : शाहनवाज
होटल मौर्या में इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2021 को लांच करते हुए उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पानी में अनाज के भींग जाने पर अब किसानों को सिर पकड़ने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इससे इथेनॉल बनाया जा सकता है। बिहार में गन्ना, मक्का, टूटे चावल और सड़े हुए अनाज से इथनॉल का उत्पादन किया जा सकेगा। उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन के मुताबिक इस नीति के तहत सूबे के 38 जिलों में प्लांट लगाए जाने की योजना है ।

पेट्रोल में मिलाकर ईंधन की तरह होगा उपयोग
इथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जिसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में फ्यूल में इस्तेमाल किया जा सकता है। इथेनॉल का उत्पादन यूं तो मुख्य रूप से गन्ने की फसल से होती है, लेकिन मक्का, चावल और अन्य फसलों से भी इसे तैयार किया जा सकता है। फिलहाल इथेनॉल उत्पादन में सबसे आगे UP है, जहां 150 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन होता है। बिहार में यह 12 करोड़ लीटर है। इथनॉल पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है। इथेनॉल उत्पादन के लिए दो प्रमुख कच्चा माल गन्ना और मक्का है। बिहार देश में मक्का की कुल उपज का लगभग 30 फीसदी योगदान करता है।

प्रोत्साहन नीति की शर्तें
उद्योग विभाग की तरफ से इसके लिए कई शर्तें भी रखी गई हैं, जिनमें शामिल है कि पहले से जारी इथेनॉल प्रोजेक्ट को इस नीति का फायदा नहीं मिलेगा। उद्योग विभाग उन्हीं प्रोजेक्ट का अनुदान स्वीकृत करेगा, जो केवल इथेनॉल का उत्पादन करेंगे।

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