जानिए सरकारी कार्यालयों में क्यों अटकती है फाइल:6 साल बाद कार्यालय का निरीक्षण, 70 में 66 कुर्सी पड़ी खाली, कई पटल पर बाबू भी गायब

पटना5 महीने पहले
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सांकेतिक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
सांकेतिक तस्वीर।
  • पटना में सरकारी कार्यालय का हाल, जहां पूरे जिले का निपटता है काम

सरकारी कार्यालयों में फाइलों के अटकने की वजह जानकार आप भी हैरान हो जाएंगे। जहां से पूरे जिले का काम होता है। वहां 6 साल में एक भी बार निरीक्षण नहीं किया गया था। 2014 के बाद जब 2021 में जिला स्थापना शाखा का निरीक्षण किया गया तो बड़ा खुलासा हुआ। 70 में से 66 पद खाली पड़े हैं। अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आपकी फाइलें किस रफ्तार से आगे बढ़ रही होंगी।

DM कार्यालय का यह है हाल

जिला प्रशासन की मानें तो पटना में जिला स्थापना शाखा का निरीक्षण वर्ष 2014 में तत्कालीन जिला पदाधिकारी एन सरवन द्वारा की गई थी। निरीक्षण के क्रम में पाया गया था कि प्रधान लिपिक के जिले में कुल 70 स्वीकृत पद हैं जिसमें 66 रिक्त हैं तथा मात्र चार कार्यरत हैं। प्रधान लिपिक के पद प्रोन्नति से भरने वाले पद हैं जो न्यायालय के आदेश तथा सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश के आलोक में स्थगित हैं।

पटना में 189 पदों पर नहीं है लिपिक

जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक जिला में लिपिक के 189 पद खाली पड़े हैं। जिला में लिपिक के 717 पद स्वीकृत हैं जिसमें 528 कार्यरत हैं। उसी तरह से आशुटंकक (स्टेनो) के 25 पद स्वीकृत हैं जिसमें 9 कार्यरत हैं तथा 16 पद रिक्त हैं। चालक के जिला में 70 स्वीकृत पद हैं जिसमें 19 कार्यरत हैं तथा 51 रिक्त है। पटना जिला में समूह घ के अंतर्गत कार्यालय परिचारी का 481 पद स्वीकृत हैं जिसमें 335 कार्यरत है तथा 146 पद रिक्त हैं।

पटना में नहीं हें अमीन कैसे बढ़े काम

पटना में अमीनों के बद बड़े पैमाने पर खाली पड़े हैं। पटना में अमीन के 72 स्वीकृत पद हैं जिसमें दो कार्यरत हैं तथा 70 रिक्त हैं। राजस्व कर्मचारी के 331 स्वीकृत पद हैं जिसमें 55 कार्यरत है तथा 276 रिक्त है। उक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा होना है इसके लिए जिला स्तर से पूर्व में ही सभी पदो के भरने के लिए अधियाचना की जा चुकी है।

2018 में हुई परीक्षा लेकिन चयन नहीं

बताया जा रहा है कि पटना में वर्ष 2018 में परीक्षा भी हुई थी लेकिन अभी तक पदस्थापन नहीं हुआ है। जिलाधिकारी ने लिपिकों की वरीयता सूची का निर्धारण 2 सप्ताह के अंदर करने का निर्देश दिया है ताकि वरीयता के आधार पर प्रभारी प्रधान लिपिक बनाया जा सके। जिला में कुल 36 लिपिक पर विभागीय कार्रवाई चल रहा है जिसमें 9 का निष्पादन किया गया है तथा 27 लंबित है।

जिलाधिकारी ने स्थापना उप समाहर्ता को समीक्षा कर निष्पादन कराने का निर्देश दिया है। सेवांत लाभ के मामले में इस वर्ष 13 सेवानिवृत्त कर्मियों को सेवांत लाभ दिया जा चुका है। विगत वर्ष के 10 सेवानिवृत्त कर्मियों को भी सेवा निवृतति का लाभ दिया जा चुका है।

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