बिहार पहला राज्य जहां शराबबंदी के लिए लगेंगे CCTV कैमरे:सरकार हर पंचायत में लगाएगी 100 कैमरे; थानेदार, मुखिया-सरपंच अपने मोबाइल पर देख सकेंगे फुटेज

पटना5 महीने पहले
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बिहार सरकार शराबबंदी को सफल बनाने के लिए लगातार प्रयोग कर रही है। CM नीतीश कुमार शराबबंदी कानून को लेकर काफी गंभीर हैं। इसको लेकर अब सरकार हर पंचायत में CCTV कैमरा लगाने जा रही है। बिहार अब पहला राज्य होगा, जहां शराबबंदी को सफल बनाने के लिए CCTV का सहारा लिया जाएगा।

बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग ने तय किया है कि हर पंचायत में लगभग 100 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। ताकि गांव के किसी भी कोने में अपराध के साथ-साथ शराब तस्करी की घटनाओं पर नजर रखी जा सके। वहीं, अपराधियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जा सके। पंचायती राज विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया, 'जैसे ही पंचायत चुनाव खत्म होगा, वैसे ही हर पंचायत में CCTV कैमरे लगाने का काम शुरू हो जाएगा। यह नीतीश सरकार की शराबबंदी कानून को और भी प्रभावी बनाएगा।'

जाहिर है कि जब सभी पंचायतों में CCTV कैमरे लग जाएंगे, तब अवैध धंधा करने वाले लोगों पर नजर रखना आसान हो जाएगा। कैमरे की मदद से अपराधियों पर भी नजर रखने में आसानी होगी। बता दें, बिहार में कुल 8471 पंचायतें हैं।

15 दिन के CCTV फुटेज का होगा बैकअप

पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया, 'हर पंचायत में लगभग 100 कैमरे लगाने की योजना है। इन सभी कैमरों का एक्सेस को प्रमुख लोगों के मोबाइल पर दिया जाएगा। पंचायत के मुखिया, सरपंच, संबंधित थाने के प्रभारी अपने मोबाइल पर इसको देख सकेंगे। सभी के मोबाइल पर 15 दिन का बैकअप भी होगा। कैमरे काफी हाई टेक्नोलॉजी के होंगे। सेटअप बॉक्स की जरूरत नहीं होगी। कुछ पंचायतों को मिलाकर एक कंट्रोलिंग सेंटर होगा। इससे अपराधी और शराब तस्करों पर बराबर नजर रखी जा सकती है।'

बिहार में 2016 से शराबबंदी कानून लागू है। इसके बावजूद 2021 में अब तक 90 लोगों की शराब पीने से मौत हो गई है।
बिहार में 2016 से शराबबंदी कानून लागू है। इसके बावजूद 2021 में अब तक 90 लोगों की शराब पीने से मौत हो गई है।

पंचायती राज विभाग सरकार की करेगा मदद

मंत्री ने कहा, 'शराबबंदी कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों पर भी लगातार एक्शन लिया जाता रहा है। शहरी इलाकों में तो पुलिस शराब तस्करों को पकड़ लेती है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में तस्कर दूरी का फायदा उठाकर तस्करी भी करते हैं और पुलिस के आने की भनक लगते ही भाग भी जाते हैं। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में शराब तस्करों पर नकेल कसने के लिए अब पंचायती राज विभाग सरकार की मदद करेगा।'

16 नवंबर को CM नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून की समीक्षा कर लिए थे ये फैसले

  • पुलिस शराब की होम डिलीवरी पर कार्रवाई करेगी।
  • किसी थानेदार की शिकायत आती है तो 10 सालों तक तक थानेदारी नहीं मिलेगी।
  • होम डिलीवरी को लेकर अभियान और सख्त किया जाएगा।
  • गांव में चौकीदार को शराब पीने या तस्करी की जानकारी देनी होगी, अगर ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
  • जिलों के प्रभारी मंत्री हर महीने शराबबंदी की समीक्षा करेंगे।
  • सेंट्रल टीम पूरे राज्य में लगातार छापेमारी करेगी और कोई भी SHO जिसके क्षेत्र में शराबबंदी कानून का उल्लंघन हो रहा है और जो दोषी पाया जाता है तो उसे सस्पेंड किया जाएगा।
  • बॉर्डर एरिया को और सील किया जाएगा।
  • बॉर्डर इलाकों पर और ज्यादा सख्ती की जाएगी और कड़ी निगरानी सख्त किया जाएगी।
  • खुफिया तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।
  • शराबबंदी के लिए बने कॉल सेंटर पर शिकायत आती है तो जल्द से जल्द उसका निपटारा किया जाएगा।
  • ऊंचे स्तर के पदाधिकारी इस बात की समीक्षा करेंगे कि नीचे के अधिकारियों को जो निर्देश दिए जा रहे हैं उनका पालन हो रहा है या नहीं।
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