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पिता रामविलास पासवान के रास्ते पर चिराग:सूरजभान सिंह चाचा के साथ चले गए तो चिराग ने भूमिहारों के पढ़े-लिखे नेता पूर्व सांसद अरुण कुमार को साथ मिलाया

पटनाएक महीने पहलेलेखक: प्रणय प्रियंवद
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चिराग पासवान और डॉ अरुण कुमार। - Dainik Bhaskar
चिराग पासवान और डॉ अरुण कुमार।

रामविलास पासवान ने दलितों के वोट बैंक के साथ बिहार की राजनीति में कम वोट बैंक के बावजूद अग्रेसिव जाति भूमिहार को भी अपने साथ रखा। रामविलास के बाद चिराग पासवान का साथ छोड़ भूमिहार नेता चंदन सिंह और सूरजभान सिंह, चाचा पशुपति नाथ पारस गुट में चले गए। ऐसे में चिराग ने पिता के सियासी समीकरण को दुरुस्त करने की कोशिश की।

चिराग पासवान ने भूमिहारों के पढ़े-लिखे नेता डॉ. अरुण कुमार को अपने साथ ले लिया है। उपेन्द्र कुशवाहा से अलग होने के बाद अरुण सिंह भी अकेले पड़ रहे थे। उन्हें लग रहा है कि लोजपा के साथ रहकर वे भविष्य की बड़ी राजनीति कर सकते हैं। लोजपा में अन्य भूमिहार नेताओं पर गौर करें तो इसके पूर्व विधायक सुनील पांडेय पारस गुट में हैं, जबकि पूर्व विधान पार्षद हुलास पांडेय चिराग गुट में।

डॉ. अरुण कुमार की राजनीति को भी लाभ

बिहार की राजनीति में भूमिहार समाज से चार बड़े नेता हैं- डॉ. सी.पी. ठाकुर, गिरिराज सिंह, ललन सिंह और विजय चौधरी। अनंत सिंह भी हैं, पर उनकी अलग छवि है। डॉ. अरुण कुमार की छवि साफ-सुथरी है। गांधी मैदान में एक ही मंच से उनका अंग्रेजी और हिंदी में दिया भाषण लोग आज भी याद करते हैं।

लोग यह भी याद करते हैं कि अरुण कुमार ने अनंत सिंह के पक्ष में कैसे उन पर शिकंजा कसने वाले की छाती तोड़ने की बात की थी। डॉ. अरुण कुमार, चिराग पासवान के साथ NDA के निकट होते हैं तो उनकी ताकत बढ़ेगी ही।

पटना में प्रेस कांफ्रेंस करते चिराग पासवान।
पटना में प्रेस कांफ्रेंस करते चिराग पासवान।

भूमिहार राजनीति पर संतोष रंजन राय की सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में

लोजपा पारस गुट और चिराग गुट दोनों जगह भूमिहार राजनीति के सामाजिक समीकरण को साधने की कोशिश हो रही है। ऐसे में भाजयुमो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष रंजन राय की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। उन्होंने NDA बिहार में भूमिहार को बेचारा बताते हुए लिखा कि- 'कभी हजारी जी हड़काते हैं, कभी चौधरी जी आसन को डराते हैं, कभी सहनी जी औकात की बात करते हैं और हम सब मजे ले रहे हैं।'

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट को सीपी ठाकुर, गिरिराज सिंह, मनोज सिन्हा, विजय कुमार सिन्हा, विजय चौधरी, राकेश सिन्हा, विवेक ठाकुर और देवेश कुमार को टैग किया है। इस पोस्ट को ऐसे समझें कि महेश्वर हजारी ने विजय चौधरी को हड़काया, सम्राट चौधरी ने विजय सिन्हा को डराने की कोशिश की, मदन सहनी ने जीवेश मिश्रा को दलाल बताया था।

सूरजभान और चंदन सिंह को जवाब

रामविलास पासवान की जयंती पर पटना आने के बाद किए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिराग पासवान ने अपनी बाईं तरफ हुलास पांडेय और उषा विद्यार्थी को जगह दी थी। दोनों भूमिहार हैं। हाजीपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद चिराग पटना स्थित डॉ. अरुण कुमार के आवास पर उनसे मिलने गए थे। चिराग पासवान अपने साथ अरुण कुमार को लाकर सोशल इंजीनियरिंग को ताकत देना चाहते हैं। सूरजभान सिंह और चंदन सिंह को चिराग का तगड़ा जवाब है।

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