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यह कैसा निरीक्षण:विधायक जी गए थे औचक निरीक्षण करने और खुद बैठकर भोजन करने लगे, पूछा तो बोले- क्वालिटी चेक कर रहे हैं

पटनाएक महीने पहलेलेखक: बृजम पांडेय
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सामुदायिक किचेन में अपने समर्थकों के साथ खाना खाते कुम्हरार विधायक अरुण कुमार सिन्हा। - Dainik Bhaskar
सामुदायिक किचेन में अपने समर्थकों के साथ खाना खाते कुम्हरार विधायक अरुण कुमार सिन्हा।

भोजन तो बना था उन जरूरतमंदों के लिए, जिनको इस लॉकडाउन में कहीं भोजन नहीं मिल रहा है, लेकिन पटना के कुम्हरार विधायक अरुण कुमार सिन्हा यहां आकर खुद भोजन करने लगे। सिर्फ BJP विधायक भोजन करते तो कोई बात नहीं, लेकिन उनके साथ आए जितने समर्थक हैं वो भी गरम-गरम भोजन का लुत्फ उठाने लगे। लगभग 10 लोगों के साथ विधायक जी आये थे औचक निरीक्षण करने, लेकिन गरम-गरम भोजन देखकर मुंह में पानी आ गया और लगे भोजन करने। जब विधायक जी से पूछा गया कि आप क्यों खा रहे तो कहा कि खाने की क्वालिटी चेक कर रहे हैं। विधायक जी को शायद पता नहीं क्वालिटी देखकर ही समझ में आ जाती है कि भोजन कैसा बना है या फिर एक दो निवाला लेकर इसको चेक कर सकते थे। लेकिन, अपने लाव-लश्कर के साथ इस तरह से भोजन करना समझ से परे है।

पटना में सामुदायिक किचन की हुई है शुरुआत
पटना में सामुदायिक किचन की शुरुआत की गई है। यहां सुबह-शाम जरूरतमंदों को भोजन कराया जाता है। लॉकडाउन में इस सामुदायिक किचन की अहमियत और बढ़ जाती है, क्योंकि बाजार बंद होते हैं और लोगों के पास पैसे होते हुए भी उन्हें कुछ खाने को नहीं मिलता है। ऐसे में पटना जिला प्रशासन की तरफ से सामुदायिक किचन बनाकर लोगों को भोजन कराया जा रहा है। यह पटना के कुम्हरार में बना किचन आम लोगों के लिए है, जिनको इस लॉकडाउन में भोजन नहीं मिल रहा है। अब BJP विधायक और उनके साथ गए 10 लोगों ने जरूरतमंदों का भोजन कर संवेदनहीनता दिखाई है।

इस बार सिर्फ भोजन की व्यवस्था
वैसे बिहार के सभी जिलों में प्रशासन की तरफ से सामुदायिक किचन की व्यवस्था की गई है, जहां जरूरतमंद भोजन करते हैं। पिछले साल तो शहर में फंसे मजदूर, रिक्शेवाले, ठेलेवाले, खोमचे वालों के लिए किचन में भोजन और रहने की भी व्यवस्था की थी, जिसमें रहने वाले लोगों को रोजमर्रे का सामान भी दिया जाता था, लेकिन इस बार लॉकडाउन देरी से लगने से सिर्फ भोजन की व्यवस्था की गई है।

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