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बांका मदरसा ब्लास्ट का सच क्या है?:सवालों के घेरे में जांच, जब FSL की रिपोर्ट नहीं आई तो फिर DM और SP ने कैसे कह दिया कि देसी बम फट था?

पटना2 महीने पहले
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विस्फोट के बाद धाराशायी हो गई थी मदरसे की इमारत। - Dainik Bhaskar
विस्फोट के बाद धाराशायी हो गई थी मदरसे की इमारत।

बांका के नवटोलिया स्थित मदरसा में हुए बम ब्लास्ट मामले पर बिहार में राजनीति गरमाने लगी है। जदयू और भाजपा के नेता आपस में भी बयानबाजी कर रहे हैं। वहीं, पुलिस की जांच और उनकी रिपोर्ट पर भी सवाल खड़ा होने लगा है। उनकी अब तक की जांच ही शक के घेरे में आ गई है। जब इस मामले की अब तक फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) की कोई रिपोर्ट ही नहीं आई है तो यह कैसे कह दिया गया कि मदरसा के अंदर देसी बम ब्लास्ट हुआ था। कोई हाई डेंसिटी वाली बम या IED का ब्लास्ट नहीं था?

सवाल उठ रहा है कि आखिर किस आधार पर बांका के DM सुहर्ष भगत और SP अरविंद कुमार गुप्ता ने गुरुवार को अपनी ज्वाॅइंट प्रेस काॅन्फ्रेंस में कहा कि मदरसा के अंदर देसी बम ही ब्लास्ट हुआ था।

बांका मदरसा ब्लास्ट

क्या बोले बांका SP

इस मामले पर शुक्रवार को भी बांका के SP अरविंद कुमार गुप्ता से भास्कर रिपोर्टर ने फोन पर बात की। उनसे सवाल पूछे। यह जानना चाहा कि क्या ऐसा हो सकता है कि देसी बम की डेंसिटी इतनी हाई थी कि उसके ब्लास्ट से मदरसा की दीवारें ढह जाएंगी? इस सवाल के जवाब में SP ने फिर से कहा कि ब्लास्ट देसी बम से ही हुआ था। IED का ब्लास्ट नहीं था। लेकिन, बम में इस्तेमाल किया गया मेटेरियल क्या था? ब्लास्ट कैसे हुआ? इसके बारे में तभी पता चलेगा, जब FSL की रिपोर्ट आएगी। अब यहां पर सवाल फिर से वही उठता है कि जब ये नहीं पता कि ब्लास्ट हुए बम में किस तरह की मटेरियल का इस्तेमाल हुआ था तो फिर पुलिस ने यह कैसे कह दिया कि मदरसा में देसी बम ही फटा था? इस बात को साबित करने का आधार क्या है?

बांका के मदरसा ब्लास्ट में एक इमाम की मौत

गाड़ी की हुई पहचान, लापता हैं घायल

बांका की पुलिस ने अपनी जांच में ब्लास्ट के बाद इस्तेमाल हुए एक गाड़ी की पहचान की है। यह वही गाड़ी है, जिससे ब्लास्ट के बाद मौलाना और बाकी घायलों को ले जाया गया था। सूत्र बताते हैं कि ये गाड़ी झारखंड नंबर की है। मगर, इस बारे में जब आज SP से पूछा गया तो वो सीधे कह गए कि अभी जांच चल रही है। इस बारे में कुछ नहीं बताएंगे। ब्लास्ट में कौन लोग घायल हुए थे? सभी घायल अभी कहां हैं। इस बारे में भी उनसे सवाल पूछा गया पर उन्होंने यही जवाब दिया कि जांच चल रही है। अब सवाल यही है कि ये कैसी जांच है कि पिछले 4 दिनों में जिले की पुलिस मदरसा ब्लास्ट के घायलों को तलाश नहीं पाई। उनकी पहचान नहीं कर पाई।

मदरसा में ब्लास्ट पर भिड़े NDA के नेता

पुलिस मुख्यालय भी है चुप

ब्लास्ट के तुरंत बाद पुलिस ने कहा था कि सिलेंडर ब्लास्ट हुआ है। दूसरे दिन सीनियर पुलिस अधिकारी ने आतंकी कनेक्शन की बात कही थी। मामला पश्चिम बंगाल के वर्धमान ब्लास्ट से जुड़ गया था। फिर इस मामले में इस तरह से यू-टर्न लिया गया और देसी बम ब्लास्ट की बात कह दी गई जो ब्लास्ट के बाद मदरसे की जर्जर हालत को देख कर मेल नहीं खा रहे हैं। इस मामले में आज भी बिहार पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों से बात की गई। लेकिन किसी भी अधिकारी ने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी। दूसरी तरफ सूत्र बता रहे हैं कि NIA अभी भी केंद्रीय गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रही है। उनकी टीम को अब तक मदरसा ब्लास्ट की जांच की जिम्मेवारी नहीं मिली है।

8 जून को हुआ था विस्फोट

8 जून को बांका के सदर थाना क्षेत्र के चमरेली नवटोलिया गांव के एक मदरसा में सुबह शक्तिशाली बम विस्फोट हुआ था। विस्फोट से पूरा मदरसा जमींदोज हो गया था। बम इतना शक्तिशाली था कि मदरसा से सटे मस्जिद के कई भाग भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। बम विस्फोट के बाद गांव में पूरा अंधेरा छा गया और अफरा-तफरी का माहौल हो गया था।

विस्फोट की आवाज से आसपास के गांव के ग्रामीण भी दहशत में आ गए थे। इस घटना में बम विस्फोट से घायल मस्जिद के इमाम की मौत हो गई थी, जबकि 4 लोगों के घायल होने की सूचना है।

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