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पॉजिटिव वाली बीमारी को पॉजिटिव सोच से हराया:भागलपुर की 102 वर्षीय बुजुर्ग ने रोज योग किया, काढ़ा और टाइम से भोजन कर कोरोना को मात दी

भागलपुर3 महीने पहले
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अपने पोते और उनकी पत्नी-बच्चों के साथ वीणापाणि देवी। - Dainik Bhaskar
अपने पोते और उनकी पत्नी-बच्चों के साथ वीणापाणि देवी।

कहते हैं मन के हारे हार है, मन के जीते जीत। यह उक्ति एक बार फिर से सच करती हुई दिखी हैं भागलपुर की 102 वर्ष की वीणापाणि देवी। इन्होंने अपने दृढ़ निश्चय से कोरोना जैसी घातक बीमारी को परास्त कर एक मिसाल कायम की है। मशाकचक की रहने वाली वीणापाणि देवी कोरोना संक्रमित हो गई थीं। जांच के बाद 15 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पॉजिटिव रिपोर्ट आने के साथ ही उन्होंने खुद को आइसोलेट किया और अपने दृढ़ निश्चय से कोरोना को पराजित कर स्वस्थ हो गईं।

बेटे की वजह से हुई थी संक्रमित

डॉ ऋषि आनंद ने बताया कि मेरे छोटे चाचा अनिल सिन्हा (70) बीमार हुए थे। दो दिन के बाद दादी बीमार पड़ी तब हमलोगों ने चेक कराया। तब पता चला कि मेरे चाचा और दादी दोनो पॉजिटिव हो गए हैं। लेकिन अब सभी स्वस्थ हैं।

ऑक्सीजन लेवल कम हुआ तब भी घबराई नहीं

वीणापाणि देवी के पोते डॉ ऋषि आनंद ने बताया कि उनकी दादी कोरोना पॉजिटिव हो गई थीं। लगातार उनका ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा था, लेकिन इससे वे घबराई नहीं। व्यायाम, एक निश्चित समय पर भोजन, काढ़ा आदि लेती रहीं। सुबह उठते ही सबसे पहले सूर्य नमस्कार, फिर घर की छत पर ही मॉर्निंग वॉक करती थीं।

आनंद ने बताया कि दादी पहले भी नियमित योग करती थीं। बीमार होने पर भी योग नहीं छोड़ा। ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए पेट के बल लेट मकरासन से लेकर अन्य कई व्यायाम किए। गिलोय, आंवला, तुलसी सहित काढ़ा का लगातार सेवन करती रहीं, जिससे उनकी इम्यूनिटी धीरे-धीरे बढ़ गई।

निश्चित समय पर सादा भोजन करती रहीं दादी

पोते की पत्नी डॉ निवोदिता प्रियदर्शिनी ने बताया कि दादी शुद्ध शाकाहारी हैं। उनका भोजन बिल्कुल सादा है। मुख्य रूप से सादी रोटी और हरी सब्जियां खाती हैं। रात में दूध में हल्दी डालकर नियमित रूप से पीती रहीं, जिस वजह से उन्हें स्वस्थ होने में काफी मदद मिली। योग के नियमानुसार सुबह के 7 बजे तक नाश्ता, दोपहर 2 बजे और रात के 8 बजे तक भोजन करती थीं। हर दिन उनका भोजन का एक निश्चित समय रहा है और बीमार पड़ने के बाद भी उनका भोजन नियमित रहा।

टीवी देखकर मन बहलाया

खुद वीणापाणि देवी ने बताया कि टीवी देखकर मन बहलाते रहे। टीवी में खास कर योग से सम्बंधित कार्यक्रम पर विशेष ध्यान देती रही जिससे खुद को स्वस्थ कर सकी। इंसान अगर सोच पॉजिटिव रखे तो कोरोना क्या, हर गम्भीर बीमारी और कठिन परिस्थितियों से लड़कर जीत सकता है।

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