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बिहार में 75 में से 51 MLC ही रह जाएंगे:कल से बिहार के 24 MLC का कार्यकाल खत्म, जब तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव नहीं होता, तब तक करना होगा इंतजार

पटना21 दिन पहलेलेखक: बृजम पांडेय
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17 जुलाई से बिहार विधान परिषद में दलगत संख्या बदल जाएगी। - Dainik Bhaskar
17 जुलाई से बिहार विधान परिषद में दलगत संख्या बदल जाएगी।

कल के बाद बिहार विधान परिषद की 24 सीटें खाली हो जाएंगी। 75 सदस्यों वाले विधान परिषद में मात्र 51 सदस्य ही रह जाएंगे। 24 MLC का कार्यकाल 16 जुलाई को खत्म होने वाला है। ये वे MLC हैं, जो स्थानीय निकाय से निर्वाचित होकर विधान परिषद पहुंचे हैं। अब जब तक बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का चुनाव नहीं हो जाता है। तब तक ये सभी इंतजार करेंगे। इन सबके रिटायर्ड हो जाने के बाद बिहार विधान परिषद की ये सीटें खाली हो जाएंगी। इस कारण 17 जुलाई से बिहार विधान परिषद में दलगत संख्या बदल जाएगी। आपको बता दें कि इन 24 में से 4 सीटें पहले से रिक्त हैं।

इन MLC का कार्यकाल हो रहा समाप्त
16 जुलाई को जिन MLC का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें रजनीश कुमार, सच्चिदानंद राय, टुन्ना जी पांडेय, रीना यादव, राधाचरण साह, मनोरमा देवी, संतोष कुमार सिंह, सलमान रागिब, राजन कुमार सिंह, बब्लू गुप्ता, दिनेश प्रसाद सिंह, सुबोध कुमार, हरिनारायण चौधरी, दिलीप कुमार जायसवाल, संजय प्रसाद, अशोक कुमार अग्रवाल, नूतन सिंह, सुमन कुमार, आदित्य नारायण पांडेय और राजेश राम हैं।

इसके अलावा 4 सीटें पहले से खाली हैं। रीतलाल यादव के दानापुर से विधायक बन जाने बाद से यह सीट खाली है। RJD से सीतामढ़ी MLC दिलीप राय जदयू में शामिल होकर विधायक बन गए। वहीं, JDU के MLC मनोज कुमार यादव विधायक बन गए। दरभंगा से जीते BJP MLC सुनील कुमार सिंह का निधन हो गया है। स्थानीय प्राधिकार की चार सीटों में पटना, भागलपुर-बांका, सीतामढ़ी-शिवहर और दरभंगा खाली हैं।

स्थानीय क्षेत्र के इस चुनाव के वोटर पंचायत और नगर निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि होते हैं। क्षेत्र के लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों के साथ MLA-MLC को भी वोट देने का अधिकार है। लेकिन हार-जीत का निर्धारण पंचायतों-नगर निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के मतों से ही होता है, क्योंकि इनकी संख्या ज्यादा होती है। MP-MLA-MLC इस चुनाव में वोट देने में बहुत दिलचस्पी नहीं लेते हैं।

रिटायर्ड होने वालों में सबसे अधिक MLC BJP के
अभी BJP के 26 MLC सदन में हैं। सबसे अधिक BJP के MLC का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इस कोटे से 12 MLC हैं। इनके 12 हटेंगे तो विधान परिषद में मात्र 14 MLC BJP कोटे से रह जाएंगे। JDU के 29 MLC हैं, इनके वर्तमान में छह सदस्य स्थानीय क्षेत्र से जीत कर आते हैं जो रिटायर्ड हो जाएंगे। तब JDU की संख्या 23 रह जाएगी।

कांग्रेस के सिर्फ एक सदस्य राजेश राम पश्चिम चंपारण से चुनाव जीते थे। कांग्रेस की एक संख्या घटेगी। वहीं, RJD के दो MLC JDU में चले गए थे और एक विधायक बन गए थे तो एक MLC सदन से कम होगा।

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