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विधानसभा उपचुनाव केवल JDU का रण!:प्रत्याशी भले NDA का; लेकिन स्टार प्रचारकों की लिस्ट में BJP नेताओं को जगह नहीं, अकेले रणनीति बना रही है नीतीश की पार्टी

पटना3 महीने पहले
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बिहार विधानसभा की दो सीटों कुशेश्वरस्थान और तारापुर में 30 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से BJP दूर हो गई है। यह हम नहीं, JDU की तरफ से चुनाव आयोग को सौंपी गई स्टार प्रचारकों की लिस्ट कह रही है।

लिस्ट में सभी नाम JDU से आने वाले नेताओं और मंत्रियों के हैं। लिस्ट में कहीं भी भाजपा के किसी नेता और मंत्री को जगह नहीं मिली है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या भाजपा उपचुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की अपनी कोई लिस्ट जारी करेगी?

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के मुताबिक, ऐसा नहीं होगा। वह कहते हैं- 'चुनाव में हमारी पार्टी का प्रत्याशी है नहीं, इसलिए हमारी कोई स्टार प्रचारक की लिस्ट जारी नहीं होगी। भाजपा के कौन-कौन से नेता उपचुनाव में प्रचार में उतरेंगे, इसे लेकर भी वह फिलहाल स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कह रहे।

मतलब साफ है, JDU और BJP के बीच प्रचार को लेकर कोई साझा रणनीति नहीं है। भाजपा फिलहाल मैदान से बाहर इस बात का इंतजार कर रही है कि उसे कब और कैसे प्रचार करने के लिए बुलाया जाता है। यानी, भाजपा के नेता उपचुनाव में प्रचार करेंगे या नहीं, यह पूरी तरह से JDU का फैसला होगा।

क्यों खास है स्टार प्रचारकों की लिस्ट
किसी भी चुनाव में स्टार प्रचारकों की लिस्ट पार्टियों की तरफ से चुनाव आयोग को सौंपी जाती है। चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक, स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल प्रचारकों के चुनावी खर्चों को उम्मीदवार के खर्चे से बाहर रखा जाता है। ऐसे में उपचुनाव के लिए JDU की तरफ से जारी स्टार प्रचारकों की लिस्ट में भाजपा नेताओं का नहीं होना अहम है।

इसका मतलब यह है कि भाजपा के नेता और मंत्री अगर तारापुर और कुशेश्वरस्थान में JDU प्रत्याशी के लिए प्रचार करेंगे, तो इसका पूरा खर्चा प्रत्याशी के खर्च में जुड़ जाएगा।

स्टार प्रचारक बनने के लिए पार्टी का सदस्य होना जरूरी नहीं
जदयू, भाजपा के नेताओं और भाजपा से आने वाले सरकार के मंत्रियों को अपना स्टार प्रचारक बना सकती है या नहीं, यह तकनीकी मामला है। इस मसले पर चुनावी एक्सपर्ट्स का कहना है- 'चुनाव आयोग का कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है। सामान्य परिस्थितियों में इस पर कोई रोक नहीं, क्योंकि आयोग स्टार प्रचारकों की लिस्ट में यह नहीं देखती कि उसने उस पार्टी की सदस्यता ली है या नहीं।'

JDU इस पर बात करने को तैयार नहीं
उपचुनाव में भाजपा के नेताओं और मंत्रियों को प्रचार से क्यों अलग रखा गया है, इसे लेकर JDU के प्रवक्ता बोलने से परहेज कर रहे हैं। उनका कहना है- 'यह मामला तकनीकी विषय से जुड़ा है। इसलिए हम इस पर कुछ ज्यादा बात नहीं कर सकते।'

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