CM नीतीश की दो टूक- RJD-कांग्रेस में कोई दिलचस्पी नहीं:वैक्सीनेशन पर बोले- बिहार का परफॉर्मेंस बेहतर, यहां भी साढ़े 6 करोड़ टीके लगे

पटनाएक महीने पहले

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने RJD और कांग्रेस के अलग-अलग चुनाव लड़ने पर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। उपचुनाव में दोनों पार्टियों के अलग-अलग चुनाव लड़ने को लेकर पटना में शुक्रवार को जब उनसे सवाल पूछा गया तो CM ने कहा- 'इसमें हम लोगों की कोई दिलचस्पी नहीं है। इसका जवाब वही लोग दे सकते हैं।'

उन्होंने देश में 100 करोड़ कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर केंद्र सरकार को बधाई दी और उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण बिहारियों की मौत पर दुख व्यक्त किया।

बिहार के सभी लोगों का टीकाकरण कराना लक्ष्य

नीतीश कुमार ने कहा- 'देश में 100 करोड़ कोरोना टीकाकरण बहुत बड़ी उपलब्धि है। बिहार में भी करीब साढ़े 6 करोड़ टीकाकरण किया जा चुका है। बिहार के सभी लोगों का टीकाकरण कराना हम लोगों का लक्ष्य है। हमने इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ समीक्षा बैठक की है और बचे हुए लोगों का तेजी से टीकाकरण करने का निर्देश दिया है।'

उन्होंने कहा- 'बिहार में 4 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना टीका की पहली डोज दी जा चुकी है। दूसरी डोज देने पर स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है। टीकाकरण को लेकर सभी लोगों को प्रेरित किया जा रहा है ताकि सभी लोग टीका लगवा लें। ग्रामीण इलाकों में भी प्रचार प्रचार के माध्यम से लोगों को इसके लिये प्रेरित किया जा रहा है।'

पार्थिव शरीर को उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था

CM ने कहा- 'उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में बिहार के कई लोगों की मौत हुई है। यह हम लोगों के लिए बहुत दुखद है। इसको लेकर बिहार के अधिकारी उत्तराखंड के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। भूस्खलन के शिकार 3 लोगों का शव बिहार लाया जा चुका है और आज 7 लोगों का पार्थिव शरीर लाया जा रहा है। हादसे के शिकार सभी मजदूर पश्चिमी चंपारण के हैं।'

मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपए की मदद

मुख्यमंत्री ने कहा- 'उत्तराखण्ड भू-स्खलन के शिकार सभी मृतकों के आश्रितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपए की मदद की जाएगी।' मुआवजा राशि पर विपक्षी दलों की राजनीति पर मुख्यमंत्री ने कहा- 'राज्य के अंदर और बाहर होनेवाले हादसे को लेकर अलग-अलग व्यवस्था है। दूसरे राज्यों में हादसा होने पर वहां की राज्य सरकारें भी मदद करती हैं। दूसरे राज्यों में हादसे का शिकार होने वाले बिहार के निवासियों को मुख्यमंत्री राहत काष से 2 लाख रुपए की मदद के अलावा भी कई विभागों द्वारा अन्य मदद दी जाती है।'