22 दिनों बाद बिहार में फिर कांपी धरती:सीमांचल और अंग के जिलों में सुबह 7:51 पर महसूस हुआ भूकंप, जान-माल को नुकसान नहीं

पटना7 महीने पहले
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उत्तरी बिहार के कई जिलों और सीमांचल के इलाके में आज सुबह 7:51 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। - Dainik Bhaskar
उत्तरी बिहार के कई जिलों और सीमांचल के इलाके में आज सुबह 7:51 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।

22 दिनों के बाद बिहार की धरती एक बार फिर से कांपी है। उत्तरी बिहार के कई जिलों और सीमांचल के इलाके में बुधवार सुबह 7:51 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। बिहार के पूर्वोत्तर जिलों सुपौल, अररिया, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया आदि जिलों में भूकंप महसूस किया गया है। मध्य बिहार में गंगा के तटवर्ती जिलों मुंगेर और भागलपुर में भी लोगों ने भूकंप महसूस किया है। हालांकि इन इलाकों में आए भूकंप काफी हल्के थे। अधिकतर लोगों को इसका पता नहीं चला। राहत की बात रही कि भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं आई। बिहार में इससे पहले 5 अप्रैल और 15 फरवरी की रात में भूकंप आया था।

असम और बंगाल में भी लगे झटके
नेशनल सेंटर फॉर सीसमोलॉजी के मुताबिक असम और उत्तरी बंगाल के कई इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। असम के सोनितपुर में भूकंप की तीव्रता 6.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र बिंदु भी सोनितपुर ही बताया जा रहा है। इस दौरान लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। सोनितपुर समेत आसपास के इलाकों में कई घरों में दरारें आने की भी बात सामने आ रही है।

भूकंप के जोन 5 में आता है बिहार

भारत को भूकंप के खतरे के आधार पर जोन-2, 3, 4 और 5 में बांटा गया है। जोन-2 सबसे कम खतरे वाला और जोन-5 सबसे ज्यादा खतरे वाला जोन माना जाता है। दक्षिण भारत के ज्यादातर हिस्से सीमित खतरे वाले जोन-2 में आते हैं। मध्य भारत भी कम खतरे वाले जोन-3 में आता है। वहीं, जोन-4 में जम्मू और कश्मीर का कुछ हिस्सा, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, उत्तर बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र शामिल हैं। जोन-5 में जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी और मध्य हिमालय, उत्तर और मध्य बिहार, उत्तर-पूर्व भारत, कच्छ का रण और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह आते हैं।

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