दिल्ली की चिट्‌ठी से बिहार में गफलत:BJP सहप्रभारी से प्रभारी बने हरीश द्विवेदी की खुशियां दो दिन काफूर हुईं, केंद्रीय नेतृत्व ने भिजवाया संदेश, अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ

पटना3 महीने पहले
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माना जा रहा था कि हरीश द्विवेदी को प्रभारी बनाए जाने की चिट्ठी भी भाजपा के केंद्रीय कार्यालय से जारी की जाएगी। - Dainik Bhaskar
माना जा रहा था कि हरीश द्विवेदी को प्रभारी बनाए जाने की चिट्ठी भी भाजपा के केंद्रीय कार्यालय से जारी की जाएगी।

दिल्ली से आए एक संदेश ने बिहार भाजपा के सह प्रभारी हरीश द्विवेदी की खुशियों पर पानी फेर दिया है। जो खुशियां 2 दिन पहले चिट्ठी ने दी थी वह झूठी निकलीं। वजह यह है कि पार्टी की तरफ से बिहार भाजपा को संदेशा आया है कि सह प्रभारी हरीश द्विवेदी को फिलहाल प्रभारी बनाए जाने पर कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया है। हरीश द्विवेदी उत्तर प्रदेश के बस्ती से सांसद हैं।

फोन से आए संदेश के बाद सह प्रभारी हरीश द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर साझा किए अपने उस संदेश को वापस ले लिया है, जिसमें उन्होंने आलाकमान को अपने प्रभारी बनाए जाने के लिए धन्यवाद दिया था। बिहार भाजपा के कई बड़े नेताओं ने भी हरीश द्विवेदी को जो शुभकामनाएं दी थी वह भी वापस ले ली गई हैं।

चिट्ठी बन गई फजीहत की वजह
असल में 2 दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की कमेटी की घोषणा की गई थी। इस कमेटी में बिहार से कई चेहरों को जगह मिली है। करीब 20 नाम बिहार से हैं। इसमें कुछ नए नाम हैं, तो कुछ पुराने नाम। इसमें सबसे अहम कार्यकारिणी की एक चिट्ठी थी, जिसमें सभी प्रदेशों के प्रभारी और सह प्रभारियों का नाम भी आ गया था। इस चिट्ठी में बिहार से सिर्फ दो ही नाम दिखाई दे रहे थे, पहला हरीश द्विवेदी का था और दूसरा अनुपम हजारा का। बिहार भाजपा के प्रभारी भूपेंद्र यादव का नाम इस पत्र में नाम नहीं था।

BJP की ओर से जारी की गई चिट्‌ठी।
BJP की ओर से जारी की गई चिट्‌ठी।

यही वजह है कि बिहार भाजपा के नेताओं ने यह मान लिया कि भूपेंद्र यादव बिहार भाजपा के प्रभारी नहीं रहे। उनकी जगह पर हरीश द्विवेदी बिहार भाजपा के प्रभारी बन गए हैं और अनुपम हजारा सह प्रभारी रहेंगे। माना जा रहा था कि सामूहिक चिट्ठी के बाद हरीश द्विवेदी को प्रभारी बनाए जाने की अलग चिट्‌ठी भी भाजपा के केंद्रीय कार्यालय से जारी की जाएगी, लेकिन जब 2 दिन बाद भी यह चिट्ठी जारी नहीं हुई तो बिहार भाजपा के नेताओं को यह लगा कि समझने में कहीं कोई गलती हो गई है।

बिहार भाजपा में है चुप्पी
इस पूरे कन्फ्यूजन को लेकर बिहार भाजपा की तरफ से फिलहाल कोई भी औपचारिक बयान नहीं दिया जा रहा। पार्टी के प्रवक्ता से लेकर पार्टी के बड़े नेता इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। अब देखना यह होगा कि हरीश द्विवेदी से जुड़ी इस पहेली को बिहार भाजपा कब तक सुलझा पाती है।

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