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PMCH ऐसे 'इलाज' कर रहा कोविड मरीजों का:बरामदे में अंडरगारमेंट पहने पानी का बोतल पकड़े बिना चादर वाली बेड पर पड़ा है मरीज; सरकार VIDEO स्क्रीन पर दिखाने का दावा कर रही

पटना6 महीने पहलेलेखक: मनीष मिश्रा
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PMCH के कोविड वार्ड में 9 नंबर बेड पड़ा मरीज चन्नू। इस बेड पर बेडशीट तक नहीं है। - Dainik Bhaskar
PMCH के कोविड वार्ड में 9 नंबर बेड पड़ा मरीज चन्नू। इस बेड पर बेडशीट तक नहीं है।

पटना मेडिकल कॉलेज को वर्ल्ड क्लास हॉस्पिटल बनाने के लिए आधारशिला रख दी गई है। दावा किया जा रहा है कि यह विश्व का दूसरा सबसे अधिक बेड वाला हॉस्पिटल होगा। यह तो दावे हैं जिसकी हकीकत भविष्य में तय होगी। दैनिक भास्कर आज बिहार के सबसे बड़े हॉस्पिटल PMCH की हकीकत का खुलासा करने जा रहा है। आप भी जान लीजिए कि जिस अस्पताल को लेकर इतने दावे किए जा रहे हैं वहां इलाज की हकीकत क्या है। बात देश की सबसे बड़ी समस्या कोरोना महामारी के इलाज से शुरु करते हैं। हम आपको वार्ड के अंदर की तस्वीर दिखाने जा रहे हैं जो आंखों से कई तरह के किए जा रहे सरकारी दावों से पर्दा हटा देगी। 100 बेड के कोरोना वार्ड की दशा देखकर व्यवस्था का अंदाजा लगा सकते हैं।

पहले जान लीजिए PMCH के दावे

पटना मेडिकल कॉलेज प्रदेश का सबसे बड़ा हॉस्पिटल है और इसकी पहचान देश में है। इस बड़े अस्पताल में कोरोना महामारी का भी इलाज होता है। यहां सर्जिकल इमरजेंसी के पास 100 बेड का वार्ड बनाया गया है। 18 बेड डॉक्टरों के लिए रिजर्व रखते हुए 82 बेडों पर मरीजों को भर्ती किया जाता है। कोरोना की दूसरी लहर आई तो इलाज के लिए कई दावे किए गए।

PMCH का दावा एक :

मरीजों को स्क्रीन पर मिलेगी जानकारी

PMCH ने दावा किया कि संक्रमित मरीजों के परिजनों की सुविधा के लिए वार्ड से बाहर 200 मीटर की दूरी पर एक टीवी स्क्रीन लगाया जाएगा जहां से मरीजों की हर अपडेट परिजनों को मिलती रहेगी। परिजनों को मेडिकल बुलेटिन में यह पता चल जाएगा कि उसके मरीज की हालत कैसी है। ऑक्सीजन के लेबल से लेकर उसके सेहत से जुड़ी हर जानकारी से परिवार अपडेट रहेगा। इसके लिए वार्ड के बाहर थोड़ी ही दूरी पर टीन शेड बनाया गया है, जहां यात्रियों के ठहरने के साथ अपडेट के लिए टीवी के बड़े स्क्रीन की व्यवस्था की गई है। लेकिन यहां जिस उद्देश्य से टीवी स्क्रीन लगाई गई उसकी पूर्ति नहीं हो पा रही है।

PMCH का दावा दो :

मरीजों को CCTV से दिखाया जाएगा

दावा किया गया था कि संबंधित परिवार के संक्रमित मरीज को दिन में एक बार CCTV के जरिए दिखाया जाएगा। लेकिन इस तरह के दावे से भी मरीजों के परिजनों को लाभ नहीं मिला है। अगर इस व्यवस्था का सही ढंग से क्रियान्वयन होता तो रविवार को जिंदा मरीज का डेथ सर्टिफिकेट देकर दूसरी डेड बॉडी नहीं दी जाती।

PMCH का दावा तीन :

हाईटेक कंट्रोल रूम से होगी सुविधा

पटना के DM डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने दावा किया था कि पटना मेडिकल कॉलेज में हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां नोडल की तैनाती की गई। इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी सुविधा होगी लेकिन इस कंट्रोल रूम का क्या फायदा जब जिंदा मरीज को मृत बताकर डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया जा रहा है। इतना ही नहीं मरीज के परिजनों को कोई जानकारी भी नहीं मिल पा रही है।

यह हकीकत भी जानना जरूरी है

पटना मेडिकल कॉलेज में रविवार को जिस संक्रमित मरीज को मरा बताया गया और उसकी डेथ सर्टिफिकेट देकर दूसरे की डेड बॉडी दी गई, उसके भाई मनोज और परिवार के अन्य सदस्यों का आरोप है कि भर्ती कराने के लिए पैसा देना पड़ा। यही नहीं, अंदर से हाल जानने के लिए कर्मचारी से वीडियो बनवाने का भी 150 रुपया देना पड़ा। ऐसे आरोपों से प्रशासन और PMCH के सभी दावों की पोल खुल रही है। परिजनों ने आरोप लगाया कि हर कदम पर पैसा लिया जाता है। सरकारी अस्पताल का केवल नाम है। पैसा खर्च नहीं किया जाए तो काम ही नहीं होता है। आरोप लगाया गया कि कर्मचारी किसी की सुनते ही नहीं हैं।

बरामदे में लगे बेड के लिए परिवार से लिया गया था 200 रुपए

बाढ़ के चुन्नू को कोविड वार्ड में 9 नंबर बेड पर रखा गया है। वार्ड के अंदर की तस्वीर हर दावो की पोल खोलने वाली है। जिस बेड के लिए परिवार वालों से 200 रुपए वसूली की गई उस बेड पर संक्रमित को एक बेडशीट तक नहीं दी गई है। चुन्नू जिसे मरा बताया गया, वह इसी बेड पर बिना चादर के पड़ा है। इतना ही नहीं चुन्नू का बेड बरामदे में है और वहां धूप भी आती है। दैनिक भास्कर के पास अंदर की जो एक्सक्लूसिव वीडियो है उसमें चुन्नू बरामदे में लगे बेड पर अंडरगारमेंट पहने पानी का बोतल पकड़े बिना चादर के पड़ा है। वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है कि कोविड वार्ड में परिजनों के जाने से प्रतिबंध के कारण PMCH प्रशासन की तरफ से मनमानी हो रही है। वहां की व्यवस्था जो दी जा रही है मरीज को उसी में रहना होता है। खतरनाक संक्रमण के कारण वार्ड के अंदर सिर्फ मेडिकल स्टाफ और डॉक्टरों काे PPE किट में जाने की इजाजत है। ऐसे में संक्रमितों के साथ क्या व्यवस्था हो रही है, वह किस हाल में हैं। यह सिर्फ मरीज ही जान सकता है। दैनिक भास्कर के हाथ जो वीडियो वार्ड के अंदर का है वह PMCH के तमाम दावों की पोल खोलने वाला है। बड़े-बड़े दावे करने वाला संस्थान कोविड पेशेंट को एक अदद चादर नहीं दे पा रहा है।

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