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बिहार में एंबुलेंस ढो रही 'चूना':इलाज के लिए तड़प रहे मरीज, एंबुलेंस से ढोया जा रहा चूना; माल ढुलाई से काली कमाई कर रहे स्वास्थ्य विभाग के अफसर

पटना2 महीने पहले
एम्बुलेंस में चूना की ढुलाई करता मजदूर।

बिहार में मरीज तड़पते हैं, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिल पाती है। एंबुलेंस में हर दिन डीजल फूंका जा रहा है, लेकिन मरीजों के लिए नहीं सिस्टम को चूना लगाने के लिए। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर पूरे देश में तैयारी चल रही है, लेकिन बिहार की तैयारी देख सिस्टम की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। यहां एंबुलेंस में सामान की ढुलाई कर उन्हें खराब किया जा रहा है, जो कोरोना की तीसरी लहर में आम लोगों पर भारी पड़ेगी।

एंबुलेंस में मरीज नहीं चूना की ढुलाई

पटना में एंबुलेंस में मरीज नहीं चूना ढोया जा रहा है। वह जहां जिले के स्वास्थ्य विभाग के सबसे बड़े अधिकारियों की कुर्सी लगती है। गर्दनीबाग में सिविल सर्जन कार्यालय में धड़ल्ले से नियम टूट रहा है और मरीज एम्बुलेंस के इंतजार में दम तोड़ रहे हैं।

गर्दनीबाग सिविल सर्जन कार्यालय में एंबुलेंस में चूना लोड कर अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है। सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय में दो-दो एंबुलेंस में चूना ढुलाई का काम हो रहा है। यहां अधिकारियों की पूरी टीम है, लेकिन कोई देखने वाला नहीं था। सिविल सर्जन डॉ विभा सिंह भी अपने कार्यालय में मौजूद रहीं। साथ ही अन्य जिम्मेदार अधिकारी भी थे, लेकिन कोई देखने वाला नहीं था।

ऐसे तो तीसरी लहर से पहले ही कबाड़ हो जाएगी एंबुलेंस

कोरोना काल में एंबुलेंस के कारण कितने मरीजों की जान चली गई। सरकारी एम्बुलेंस नहीं होने के कारण निजी एंबुलेंस ने लोगों की मजबूरी का खूब फायदा उठाया है। प्रशासन की जांच में भी पटना से लेकर राज्य के अन्य जिलों में लूट का खुलासा हुआ।

कोरोना काल में एंबुलेंस को लेकर बड़ा विवाद भी चला। इसके बाद भी विभाग नहीं सुधरा। अब सरकार तीसरी लहर को लेकर तैयारी का दावा कर रही है, लेकिन एंबुलेंस में चूना की ढुलाई को लेकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह की तैयारी की जा रही है।

एम्बुलेंस में चूना की बोरियां।
एम्बुलेंस में चूना की बोरियां।

एंबुलेंस में सामान की ढुलाई से नुकासान

मेडिकल एक्सपर्ट का कहना है कि एम्बुलेंस से चूना की ढुलाई के कारण पूरी एंबुलेंस बर्बाद हो रही है। चूना के कारण पहले सीट टूटेगी, फिर इसके कारण रैक्सीन फट जाएगा। ऑक्सीजन का सिलेंडर खराब होगा और फिर इसमें चूना के कारण जमा डस्ट के कारण भरीजों काे भारी नुकसान होगा। इससे 10 लाख की एंबुलेंस को चूना लगाया जा रहा है। एंबुलेंस में डीजल मरीजों की सुविधा के लिए दिया जाता है, लेकिन यहां इसका इस्तेमाल सामान ढोने के लिए किया जा रहा है।

ऐसे किया जा रहा घोटाला

PHC और CHC के साथ अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर चूना व ब्लीचिंग पाउडर भेजा जा रहा है। सामान की ढुलाई के लिए अलग से पैसा लिया जाता है, लेकिन वह अफसर डकार जाते हैं। चूना और ब्लीचिंग पाउडर एम्बुलेंस से ढाेया जाता है और जो डीजल का खर्च आता है उसे मरीजों को ढोने में दिखाया जा रहा है।

सिविल सर्जन कार्यालय से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों पर इससे बड़ा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। एंबुलेंस में सामान की ढुलाई में सरकार को दोहरी चपत लाई जा रही है। एक तरफ तो यह मरीजों के हित में नहीं है। दूसरी तरफ इससे चूना ढोकर माल ढुलाई का पैसा अफसर डकार रहे हैं। डीजल का पैसा भी मरीजों पर खर्च दिखाकर डकारा जा रहा है।

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