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सूचना आयोग के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में PIL:खुद के ऑफिस में कितने कर्मी कब से काम कर रहे, RTI से यह भी नहीं बता रहा आयोग

पटना2 महीने पहले
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RTI एक्टिविस्टों की एक संस्था ने सूचना आयोग के खिलाफ लड़ाई छेड़ी है। - Dainik Bhaskar
RTI एक्टिविस्टों की एक संस्था ने सूचना आयोग के खिलाफ लड़ाई छेड़ी है।

बिहार के सूचना के अधिकार (RTI) एक्टिविस्टों की संस्था 'नागरिक अधिकार मंच' ने राज्य सूचना आयोग पर सूचना नहीं देने का आरोप लगाया है। आयोग के कामकाज में पारदर्शिता नहीं होने के आरोप को लेकर RTI एक्टिविस्टों ने अब पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

मंच ने अदालत में दायर की PIL
राज्य सूचना आयोग की वेबसाइट बीते कई साल से बंद है। आयोग में बिना सूचना दिए आवेदनों को बंद कर दिया जाता है। ये वो आरोप हैं जो राज्य सूचना आयोग पर राज्य के RTI एक्टिविस्ट लगा रहे हैं। यही नहीं, इनकी मानें तो आयोग खुद पारदर्शी तरीके से काम नहीं कर रहा है। यहां वित्तीय मामलों में भी गड़बड़ी हो रही है। इन सब आरोपों को लेकर नागरिक अधिकार मंच के बैनर तले RTI कार्यकर्ताओं ने राज्य की अदालत में आयोग के खिलाफ अपील की है।

कार्यालय में पदस्थापित अधिकारियों की सूचना नहीं दे रहा आयोग
सूचना कार्यकर्ता शिवप्रकाश राय ने राज्य सूचना आयोग से राज्य आयोग कार्यालय में पदस्थापित अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी RTI के तहत मांगी थी। शिवप्रकाश राय के मुताबिक आयोग कार्यालय में कुछ कर्मी और पदाधिकारी लंबे समय पदस्थापित हैं और यही लोग सूचना देने में गड़बड़ी करते हैं।

यही वजह है कि उन्होंने जानकारी मांगी थी कि कौन से पदाधिकारी आयोग में कब से पदास्थापित हैं, लेकिन आयोग की तरफ से यह सूचना नहीं दी जा रही है। शिवप्रकाश राय ने इन मामलों को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

राज्य सूचना आयोग में 30 हजार मामले हैं लंबित
बिहार में लोक सूचना का अधिकार कानून किस तरह से कमजोर पड़ा, इसका अंदाज इस बात से लगा सकते हैं कि आयोग में अभी 30 हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं। आवेदक आयोग में सालों साल चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन उनके मामले की सुनवाई नहीं हो पाती है। हजारों शिकायतें ऐसी हैं, जिसमें आवेदन तक स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।

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