नक्सल प्रभावित इलाके में वोटिंग का समय बदला:गया के लालगढ़ में सुबह सात बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान, 24 नवंबर को है चुनाव

गया6 दिन पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत आठवें चरण में लाल गढ़ में घुसते ही चुनाव आयोग और जिला प्रशासन व पुलिस के पेशानी पर बल पड़ने लगे हैं। वह भी अब फूंक-फूंक कर कदम उठा रहे हैं। अंदरखाने सभी की चिंताएं बढ़ी हैं। हालांकि, अर्द्ध सैनिक बल इन क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में फिलहाल है। बावजूद इसके अब आयोग व जिला प्रशासन कोई रिश्क नहीं लेना चाहता है।

यही वजह है कि चुनाव आयोग ने जिले में चल रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आठवें चरण के तहत लाल गढ़ क्षेत्र में होने वाले मतदान की समयावधि में बदलाव किया है। अब इइन क्षेत्रों में मतदान सुबह के सात बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक ही मतदाता वोट कर सकेंगे। इस बाबत राज्य चुनाव आयोग से विधिवत नोटिस जारी किया गया है।

कहा गया है कि दोपहर तीन बजे तक ही मतदान होंगे। तीन बजे तक लाइन में लगने वाले मतदाता ही मतदान कर सकेंगे। इसके बाद लाइन में लगने वाले या फिर आने वाले मतदाताओं को मौका नहीं दिया जाएगा। आयोग की ओर से जिला निर्वाचन आयोग से कहा गया है कि इस बाबत नक्सली क्षेत्र में जबर्दस्त तरीके मुनादी कराई जाए। ताकि अधिक से अधिक संख्या में मतदान की समय सीमा की जानकारी हो सके।

नक्सलियों द्वारा तीन दिनों की बंदी की कॉल की गई है। नक्सली कॉल के मुताबिक, 23 से लेकर 25 नवंबर तक बंदी प्रभावी रहेगी। दरअसल, इमामगंज व डुमरिया प्रखंड में 24 नवंबर को ही वोट पड़ने हैं। लेकिन नक्सलियों की बंदी के एलान से अचानक क्षेत्र में चुनाव प्रचार थम सा गया है। प्रत्याशी बड़े सोच समझ कर अपने गांव से दूर निकल रहे हैं। लोग भी उनके साथ फिलहाल घर से निकलने को राजी नहीं हैं। इसकी वजह बीते दिनों 14 नवंबर को चार निर्दोष लोगों को मोनावर के जंगल में नक्सलियों द्वारा फांसी देकर मारे जाने की घटना और 20 नवंबर को डमुरिया के मैगरा थाना क्षेत्र के बिकुआ कला के पास नक्सली पर्चा छोड़े जाने की घटना है। हालांकि, जिला प्रशासन मतदाताओं को हर तरह से आश्वस्त करने में जुटा है। मतदान को लेकर सुरक्षा चाकचौबंद कर दी गई।