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बिहार पुलिस में कोरोना से मौत का सिलसिला जारी:गया से पटना तक SI को पैरवी से भी नहीं मिला बेड; 26 अप्रैल को पॉजिटिव आए, आज जान गई

पटना5 महीने पहले
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डेहरी में पोस्टेड SI को गया के मगध मेडिकल कॉलेज से लेकर पटना के IGIMS तक, कहीं बेड नहीं मिला। - Dainik Bhaskar
डेहरी में पोस्टेड SI को गया के मगध मेडिकल कॉलेज से लेकर पटना के IGIMS तक, कहीं बेड नहीं मिला।

बिहार पुलिस में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। कुछ दिनों पहले ही लेटर जारी करके मुख्यालय ने सभी अधिकारियों से लेकर पुलिसकर्मियों तक को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाने का आदेश जारी किया था। ताकि फ्रंटलाइन पर काम करने वाले पुलिसकर्मी सुरक्षित रह सकें। लेकिन, जब वही पुलिसकर्मी बीमार पड़ जाता है तो मुख्यालय की तरफ से गुहार लगाने के बाद भी कोई मदद नहीं मिलती है। बीमार पुलिसवालों के बेहतर इलाज की कोई व्यवस्था अलग से नहीं है। इलाज के लिए दर-दर ठोकर खाने के लिए उन्हें छोड़ दिया गया है।

डेहरी-ऑन-सोन में पोस्टेड बिहार पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर की बेहतर इलाज के अभाव में मौत हो गई। सोमवार की अहले सुबह आखिरी सांस लेने वाले सब इंस्पेक्टर का नाम रामाधीन पासवान है। 58 साल के रामाधीन की पोस्टिंग डेहरी स्थित BMP-2 के वायरलेस सेक्शन में थी। जबकि, ये मूल रूप से गया के चाकंद चमंडी इलाके के रहने वाले थे।

गया से पटना के IGIMS आए पर नहीं मिला बेड

मृतक सब इंस्पेक्टर के पुत्र राजीव रंजन ने बताया कि उनके पिता की तबियत 20 अप्रैल को खराब हुई। खांसी होने के साथ ही सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी। तब उन्होंने RTPCR टेस्ट कराया। 26 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उन्हें बेहतर इलाज चाहिए था, इसलिए पहले गया के मगध मेडिकल कॉलेज लेकर गए। वहां बेड खाली नहीं होने की बात कही गई। तब 1 मई को पटना के IGIMS लेकर आए। मगर, यहां भी बेड नहीं मिला।

पापा को जानने वाले एक दारोगा जी भी आए थे, उन्होंने भी अपनी तरफ से IGIMS में पैरवी की। मगर, कुछ हुआ नहीं। जिसके बाद पापा को लेकर वापस गया आए। फिर एक प्राइवेट हॉस्पिटल में उन्हें एडमिट कराया। जब वहां इलाज सही से नहीं हुआ तो पापा के कहने पर रविवार की रात उन्हें घर ले आए और आज सूर्य का प्रकाश फैलने से पहले ही उनकी सांस थम गई, उनकी मौत हो गई।

दो बड़े अधिकारियों से मांगी गई थी मदद, मिली नहीं

कोरोना की दूसरी लहर में लगातार बिहार पुलिस के इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर की मौत हो रही है। इस पर बिहार पुलिस एसोसिएशन का तेवर सख्त हो गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह के अनुसार महामंत्री कपिलेश्वर पासवान ने खुद से बीमार सब इंस्पेक्टर रामाधीन के बेहतर इलाज के लिए कॉल करके ADG वायरलेस और ADG मुख्यालय को कॉल कर मदद मांगी थी। पटना के बड़े सरकारी हॉस्पिटल में एडमिट कराने के लिए गुहार लगाई गई थी। लेकिन, अधिकारियों ने कोई मदद नहीं की।

उनका कहना है कि कोविड के शिकार पुलिसवालों के लिए जिलों के पुलिस हॉस्पिटल में अलग से इलाज की व्यवस्था करने की मांग एसोसिएशन पहले ही कर चुका है। स्वास्थ्य मंत्री, प्रधान सचिव से लेकर डीजीपी तक को लेटर लिखा जा चुका है, पर किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

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