पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Chirag Paswan: Bihar Politics Update | Mahagathbandhan On Ram Vilas Paswan LJP Party Vote Share After Chirag Paswan Removed

MY+P समीकरण की ओर बिहार की राजनीति:रामविलास पासवान के 6% वोट बैंक पर महागठबंधन की निगाह, चिराग पलटे तो अगले चुनाव में समीकरण बदल जाएगा

पटना3 महीने पहलेलेखक: बृजम पांडेय
  • कॉपी लिंक

बिहार में अब नया समीकरण बनाने की तैयारी चल रही है। ये समीकरण लालू यादव के MY समीकरण की तरह ही होगा। लेकिन इसमें एक कदम आगे के गणित पर काम किया जाएगा। तब यह समीकरण MY+P (मुस्लिम + यादव + पासवान) होगा। जिस गणित को देखते हुए LJP को तोड़कर NDA के JDU और BJP उत्साहित हैं, वही गणित बदला तो पूरा गेम प्लान बदल जाएगा।

LJP भले विधानसभा में हार गई हो, लेकिन उसके वोटर डिगे नहीं थे। चिराग पासवान के नेतृत्व में चुनाव लड़ी LJP को उतने ही वोट मिले, जितने पहले मिलते रहे हैं। इस विधानसभा चुनाव में LJP ने 6 फीसदी वोट हासिल किए थे। चिराग पासवान ने इसे भी अपनी उपलब्धि माना, कहा- बिहार के 25 लाख लोगों ने उन्हें पसंद किया है। LJP के टूटने के बाद अब इस वोट बैंक पर सबकी निगाह है। रामविलास पासवान के असली वारिस चिराग पासवान ही हैं। ऐसे में चिराग जिधर जाएंगे, उस तरफ ही ये वोट बैंक शिफ्ट होगा।

राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा जोरों पर

राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा जोरों पर है कि LJP तोड़ने के ऑपरेशन में JDU ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। दबी जुबान में कहा जा रहा है कि एक बड़े डील की वजह से LJP के पांचों सांसदों ने चिराग पासवान से बगावत कर दी। चर्चा यह भी है कि बागी पांचों सांसद नीतीश कुमार को अपना समर्थन भी दे दें। लेकिन अलग-अलग जाति से आने वाले ये सांसद LJP का वोट बैंक तोड़ने में कामयाब नहीं हो सकते हैं।

यह तस्वीर रामविलास पासवान के श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान की है। चिराग के साथ तस्वीर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव हैं।
यह तस्वीर रामविलास पासवान के श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान की है। चिराग के साथ तस्वीर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव हैं।

पासवान जाति से आने वाले पशुपति पारस और प्रिंस राज की पहचान रामविलास पासवान की वजह से थी, न कि वो पासवान जाति के नेता से है। वहीं, भूमिहार समाज से आने वाले चंदन सिंह की जीत उनके भाई सूरजभान सिंह की वजह से हुई थी और पासवान जाति ने रामविलास की वजह से सपोर्ट किया था। वीणा देवी राजपूत समुदाय से आती हैं। वैशाली जैसे क्षेत्र में राजपूत का बोलबाला है और पासवान का सपोर्ट मिला। वहीं, खगडिया से जीते चौधरी महबूब अली कैसर मुसलमान समुदाय से आते तो जरूर हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी की लहर ने इन्हें जीत दिलाई थी, हिन्दूओं ने जमकर वोट किया था।

चिराग के पास विपक्ष की राजनीति का विकल्प

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अलग-थलग पड़े चिराग पासवान के पास एक ही विकल्प है कि वो विपक्ष की राजनीति करें, क्योंकि उनके चाचा को LJP संसदीय दल का नेता बना दिया गया। बिहार में विपक्ष के तौर पर RJD है। RJD के साथ भी वही कहानी है। भले सत्ता में RJD नहीं है। लेकिन यादवों का 16 % वोट RJD की झोली में जाता ही है। वहीं, मुसलमान RJD और कांग्रेस को छोड़कर दूसरे को बहुत कम वोट देते हैं। बिहार में मुसलमान 17% हैं।

यदि, चिराग पासवान का 6% वोट इस में मिल जाता है तो अगले चुनाव में महागठबंधन सरकार बनाने की स्थिति में होगी। सभी पार्टियों का वोट प्रतिशत मिला लिया जाए तो 16+17+6= 39 फीसदी वोट हो जाते हैं। वहीं, लेफ्ट और कांग्रेस के अलग कैडर हैं, जो हर हाल में कांग्रेस और लेफ्ट को ही वोट देते हैं। ऐसे में चिराग ने यदि पलटी मारी तो NDA का पूरा समीकरण ध्वस्त हो जाएगा।

खबरें और भी हैं...