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STET-2019 रिजल्ट पर कंफ्यूजन:रिजल्ट के 3 महीने बाद मेरिट लिस्ट जारी, क्वालिफाई नंबर वाले बाहर, 12 मार्च को शिक्षा मंत्री ने कहा था- जितनी सीट उतने लोग ही पास

पटना4 महीने पहले
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शिक्षा मंत्री और अपर मुख्य सचिव ने कई बार कहा कि STET परीक्षा में सीट के विरुद्ध ही अभ्यर्थियों को उतीर्ण कराया गया है। - Dainik Bhaskar
शिक्षा मंत्री और अपर मुख्य सचिव ने कई बार कहा कि STET परीक्षा में सीट के विरुद्ध ही अभ्यर्थियों को उतीर्ण कराया गया है।

STET-2019 के पेपर वन और पेपर टू का फाइनल रिजल्ट और मेरिट लिस्ट जारी होते ही अभ्यर्थी आक्रोशित हो गए हैं। नौकरी पक्की समझ रिलैक्स मूड में गए अभ्यर्थी अब परेशान हो उठे हैं। उनकी परेशानी का कारण बिहार बोर्ड की गलतबयानी है।

दरअसल, हुआ यह है कि एग्जाम में क्वालिफाई कई अभ्यर्थी मेरिट लिस्ट से बाहर हो गए हैं, जबकि पहले शिक्षा मंत्री विजय चौधरी से लेकर अफसर तक ने बताया था कि जितनी सीटें हैं, उतने लोग ही क्वालिफाई कराए गए हैं।

बता दें कि 12 मार्च को 12 विषयों का परिणाम घोषित किया गया था, उसमें मेरिट लिस्ट जारी नहीं की गई थी।

विभाग के अपर सचिव ने कहा- हमलोग इस प्रॉब्लम को देख रहे हैं

सोशल मीडिया पर एक अभ्यर्थी ने 14 मार्च को शिक्षा विभाग के अपर सचिव संजय कुमार से सवाल किया था। कहा- 'सर STET में जो क्वालिफाई हैं, सबका जॉब होगा क्या प्लीज सर रिप्लाई।' इस सवाल के जवाब में संजय कुमार ने 'यस ' कहा था।

अब उसी अभ्यर्थी ने 21 जून को संजय कुमार से सोशल मीडिया पर ही पूछा- 'जब आपने ही कहा था कि जो क्वालिफाई हैं, सबका जॉब होगा तो फिर अब मेरिट से बाहर कैसे और क्यों?' इसके जवाब में संजय कुमार ने कहा- 'हमलोग इस प्रॉब्लम को देख रहे हैं।'

शिक्षक संघ ने इन तर्कों के साथ उठाया सवाल

इसको लेकर TET-STET उतीर्ण नियोजित शिक्षक संघ (गोप गुट) के प्रदेश अध्यक्ष मार्कण्डेय पाठक और प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पाण्डेय ने ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा है, 'बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा STET 2019 के पेपर वन और पेपर टू का फाइनल रिजल्ट सोमवार को जारी किया गया। बोर्ड द्वारा जारी दो तरीके का रिजल्ट दिख रहा है। एक में अभ्यर्थी उत्तीर्ण हैं लेकिन मेरिट लिस्ट से बाहर हैं, जबकि दूसरे में अभ्यर्थी उत्तीर्ण भी हैं और मेरिट लिस्ट में भी हैं'।

अश्विनी पाण्डेय ने सवाल किया है कि BSEB ने बिना विषयवार, कोटिवार बगैर रिक्ति और उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की संख्या बताए हुए मेरिट लिस्ट कैसे जारी कर दी? 12 मार्च को पहली बार रिजल्ट जारी करते समय शिक्षा मंत्री और अनेकों अवसर पर विभागीय अपर मुख्य सचिव द्वारा यह कहा गया है कि STET परीक्षा में सीट के विरुद्ध ही अभ्यर्थियों को पास कराया गया है। इसलिए सबकी नौकरी पक्की है। लेकिन सोमवार को जारी रिजल्ट और मेरिट लिस्ट में ठीक इसके विपरीत हुआ है।

उन्होंने कहा कि हजारों-हजार उत्तीर्ण अभ्यर्थी मेरिट लिस्ट से बाहर हो गए हैं। पूछा है कि जब सीट के ही अनुसार रिजल्ट जारी हुआ है, तो फिर ऐसा क्यों हुआ है?

यह काम शिक्षक नियोजन ईकाइयों का और शिक्षा विभाग का

अश्विनी पाण्डेय ने कहा है कि BSEB केवल परीक्षा लेने की एक सरकारी एजेंसी है। वो किसी भर्ती प्रक्रिया में बहाली करने और मेरिट लिस्ट जारी करने की अधिकारी नहीं हो सकती। यह काम विभिन्न शिक्षक नियोजन इकाइयों और शिक्षा विभाग का है।

सरकार चाहती है कि मामला कोर्ट चला जाए!

संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी राहुल विकास ने कहा कि सरकार शुरुआत से ही इस बहाली के मुद्दे पर गंभीर नहीं है। दो बार परीक्षा हुई। कुछ विषय के अभ्यर्थी हाईकोर्ट गए। उसके बाद रिजल्ट जारी हुआ। अब ये नया विवाद हुआ है, जिस कारण से क्षुब्ध अभ्यर्थी पुनः कोर्ट जाएंगे और बहाली प्रकिया पर असर पड़ेगा। सरकार भी यही चाहती है।

सरकार-विभाग STET 2019 बहाली प्रकिया में पारदर्शी प्रकिया अपनाए

संघ ने सरकार से मांग की है कि जिलावार, विषयवार और कोटिवार रिक्ति लेकर केंद्रीकृत ढंग से उतीर्ण अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन लेकर कुछ जिले का विकल्प लेने के बाद जिलावार मेरिट लिस्ट जारी करके बहाली प्रकिया आगे बढ़ाई जाए। शिक्षक नियोजन के लिए मेरिट लिस्ट और कोटिवार रिक्ति के लिए पूर्णतः नियोजन इकाई जवाबदेह होती है। उनसे उनका अधिकार छीनना पूर्णतः असंवैधानिक है। मांग की है कि बिहार सरकार और शिक्षा विभाग STET-2019 बहाली प्रकिया में पारदर्शी प्रकिया अपनाए। साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारी सामने आकर अभ्यर्थियों के मन में उत्पन्न इस संशय को दूर करें।

15 विषयों की हुई थी परीक्षा

बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड द्वारा कुल 15 विषयों के लिए STET 2019 की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिनमें से 12 विषयों के परिणाम 12 मार्च 2021 को घोषित किए गए थे। बाकी तीन विषय उर्दू, संस्कृत और विज्ञान का रिजल्ट सोमवार देर शाम जारी किया गया। कुल 15.8% उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की है।

कुल मिलाकर 12 विषयों के लिए उपस्थित हुए 1.5 लाख में से 24,599 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की है। 15 विषयों की परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की कुल संख्या लगभग 1.78 लाख थी। इनमें पेपर 1 के लिए कुल 1,09,667 उम्मीदवार और पेपर 2 के लिए 45,284 उम्मीदवार उपस्थित हुए थे।

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