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शिक्षक नियोजन में धांधली की आशंका, विभाग की कड़ी नजर:कई नियोजन इकाईयों ने चयनित उम्मीदवारों से जुड़ी पूरी जानकारी अपलोड नहीं की, कई अभ्यर्थियों का मेधा अंक ही गायब

पटना11 दिन पहले
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सांकेतिक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
सांकेतिक तस्वीर।

शिक्षक नियोजन से जुड़ी गड़बड़ियां लगातार सामने आ रही है। वर्तमान में जिन अभ्यर्थियों का नियोजन हो चुका है और जिनके सर्टिफिकेट जमा ले लिए गए हैं। उनमें से ज्यादातर जिलों की नियोजन इकाईयों ने चयनित अभ्यर्थियों की सूची एनआईसी के साइट पर डाल दी है।

लेकिन, कई जिलों में यह सूची पूरी तरह से नहीं अपलोड की गई है। जहां की सूची पूर्ण तरीके से नहीं डाली गई है। वहां धांधली की पूरी आशंका है।

कई नियोजन इकाईयो ने तो पिता या पति का नाम भी नहीं बताया

नियोजन इकाईयों को निर्देश दिया गया है कि चयनित उम्मीदवारों के नाम के साथ ही उनके पिता या पति का नाम, जन्म तिथि, आरक्षण कोटि, चयन का कोटि और मेधा अंक सूची भी डालना है। कई नियोजन इकाईयों ने निर्देशानुसार पूरी जानकारी अपलोड की है। लेकिन कई जिले ऐसे हैं जहां की सूची अधूरी है। भोजपुर की सूची पर गौर करें तो उसमें नियोजन इकाई का नाम, अभ्यर्थी का नाम, पिता या पति का नाम और लिंग की ही जानकारी दी गई है। लेकिन मेधा अंक, आरक्षण की कोटि, चयन की कोटि की जानकारी नहीं दी गई है।

आरा के बरांव, तार, एयार, जितौरा, नोनार, सुखरौली, अमेहता कोथुआं, नारायणुपर, कातर, कटरियां आदि जगहों की सूची में तो चयनित उम्मीदवार के पिता या पति का नाम ही नहीं डाला गया है। यही हाल सियरुआं, पं. आयर , दांवा, बसौना, उत्तरवारी जंगल महाल, हरदियां आदि का भी है।

विभाग की नजर है, पर अब तक कार्रवाई नहीं
एक तरफ जहां कई इकाईयों ने मैट्रिंक के अंक का प्रतिशत, इंटर के अंक का प्रतिशत, बीएड के अंक का प्रतिशत, प्रशिक्षण महाविद्यालय का नाम आदि भी डाला है तो कइयों ने इसे छिपाया है। यानी डाली गई सूची में कोई एकरूपता ही नहीं है। जिन इकाइयों ने पूरी जानकारी दी है। उस पर विभाग की नजर कम है। लेकिन, जिन इकाईयों ने कई खास जानकारी को छिपाया है। उस पर विभाग की कड़ी नजर है। लेकिन, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि विभाग ऐसी नियोजन इकाईयों पर क्या कार्रवाई कर रहा है।

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