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मानसून सत्र का तीसरा दिन रहा हंगामेदार:विधायकों से मारपीट मामले में जोरदार बहस; तेजस्वी ने अफसरों पर कार्रवाई की मांग की तो अध्यक्ष बोले- MLA को बूट मारना विधायिका का अपमान

पटना2 महीने पहले
हेलमेट पहनकर पहुंचे राजद के ज्यादातर विधायक।

बुधवार को बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का तीसरा दिन हंगामेदार रहा। विधानसभा में पहले तीन विधेयकों पर चर्चा हुई और उन्हें पास कराया गया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मांग को मानते हुए 23 मार्च को विधायकों के साथ हुई मारपीट मामले में बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष समेत सभी दलों के प्रतिनिधियों ने अपनी बातें रखी। इस दौरान भी सदन में हंगामा होता रहा। इसके बाद शाम 5:15 बजे विधानसभा को अगले दिन 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसी तरह विधान परिषद में भी तीनों विधेयकों को पास कराने के बाद सदन स्थगित कर दिया गया।

बहस में किसने-क्या कहा

  • तेजस्वी यादव ने कहा कि सिर्फ दो सिपाही सस्पेंड हुए हैं, क्या दो सिपाही विधायकों को पीट सकते हैं? कौन अधिकारी है, जो सफेद कपड़े पहनकर विधायकों को निर्दयता से बाहर ले जा रहा था। उन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
  • पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि सदन में हुई घटना निंदनीय है। 36 साल के सदन के अनुभव पर कह सकते हैं कि सिर्फ एक बार मार्शल आउट का आदेश विधानसभा अध्यक्ष ने दिया था। उस समय अजित सरकार ने ही अध्यक्ष के आदेश का विरोध किया था।
  • कांग्रेस विधायक दल के नेता अजित शर्मा ने कहा कि स्पीकर की कुर्सी पर कोई नहीं बैठा था। विपक्ष का काम है विरोध करना।
  • AIMIM विधायक अख्तरुल इमाम ने कहा कि विधायकों के मत सम्मान के साथ किसी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
  • भाजपा नेता और पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा कि हम लोग जिस घटना पर चर्चा कर रहे हैं, क्यों कर रहे हैं, समझ में नहीं आ रहा। रिपोर्ट आने के बाद इस पर चर्चा होनी चाहिए थी।

विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा का बड़ा बयान

बहस के दौरान विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अगर किसी विधायक को बूट मारा गया, तो वो पूरी विधायिका का अपमान है। अभी कोरोना काल चल रहा है, कल की सुबह कौन देखेगा, किसी को पता नहीं। आप आम नहीं खास हैं, कोई किसी के तकदीर और भाग्य को नहीं जानता है। किसी के भाव को दबाने का काम नहीं करना चाहिए। वरिष्ठ सदस्यों का मार्गदर्शन लेकर हम सीख सकते हैं।

इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि जब मैं विधानसभा का अध्यक्ष था तो बीजेपी के लोगों ने मेरे चेंबर को घेरा था। लेकिन वह गति नहीं की जो विरोधी दल के विधायकों ने वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष की की।

विपक्ष के प्रस्ताव पर वोटिंग

इससे पहले बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय विधेयक 2021 पर विपक्ष की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। जिसमें विपक्ष को 89 और सत्ता पक्ष को 110 वोट मिले। विपक्ष की हार हो गई। विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण का मामला भी बुधवार को उठा। भाजपा और जदयू विधायकों ने सरकार से दो बच्चों के प्रावधान वाले कानून को लागू करने की मांग की है। सरकार ने उत्तर देने के लिए समय मांगा है। विधानसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया है। इससे पहले विजय सिन्हा की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा की बैठक भी हुई। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, डिप्टी सीएम, संसदीय कार्य मंत्री, समेत विपक्ष के कई विधायक मौजूद रहे।

विधान परिषद में 4 विधेयक पारित

उधर, परिषद में बिहार पंचायत राज संशोधन विधेयक 2021, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2021, बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक 2021 और बिहार खेल विश्वविद्यालय विधेयक 2021 पारित किया गया। इससे पहले परिषद में पटना में हल्की बारिश में भी जल जमाव का मामला प्रेमचंद्र मिश्रा ने उठाया। इसके अलावा पार्षद ललन कुमार सराफ ने भागलपुर से पीरपैंती तक राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 80 की मरम्मत कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुंगेर से मिर्जा चौकी तक यह सड़क गई है और काफी जर्जर स्थिति में है। गर्भवती महिलाओं और आम लोगों का ईश्वर से गुजारना मुश्किल है। कई वर्षों से इस तरह की यही बदतर स्थिति है।

क्या बोले नितिन नवीन

ललन कुमार के सवाल का जवाब देते हुए पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि भारत सरकार से जब राशि प्राप्त होती है तभी एनएच की मरम्मत हो पाती है। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे होने की वजह से यह सड़क बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाती है। भारी वाहनों के आने-जाने से भी सड़क खराब होती है। कहा कि मुंगेर से मिर्जा चौकी तक सड़क निर्माण की स्वीकृति की निविदा दे दी गई है। विधान परिषद में शून्यकाल के दौरान MLC नवल किशोर यादव ने कहा कि बिहार के विश्वविद्यालय मजाक बनकर रह गए हैं। यहां के कुलपति के पास 4-4 विश्वविद्यालयों का प्रभार दिया गया है। उन्होंने कहा कि सारे विश्वविद्यालय ऑनलाइन ही चलेंगे क्या? उन्होंने सभापति से गुहार लगाई कि बिहार में उच्च शिक्षा की स्थिति को बचाइए।

स्पीकर विजय सिन्हा के चेंबर में कार्यमंत्रणा की बैठक।
स्पीकर विजय सिन्हा के चेंबर में कार्यमंत्रणा की बैठक।

विधानसभा में विजय चौधरी पर राजद का तंज

विपक्ष के विधायक विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने को अड़े रहे। इसके बाद स्पीकर विजय सिन्हा ने दोपहर एक बजे कार्य मंत्रणा की बैठक करने का वादा किया था। इसके बाद विपक्ष के विधायक सदन के अंदर गए। कार्यवाही शुरू होने के बाद राजद विधायक ललित यादव ने विधायकों से मारपीट का मामला उठाया।

जवाब के दौरान मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि विपक्ष के बहिष्कार की खबर से मन उदास हो गया था, आप लोग नहीं रहते, तो मन नहीं लगता। जवाब में राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि पब्लिक है, सब जानती है। संसदीय कार्य मंत्री के बयान पर विपक्षी सदस्यों की टिप्पणी थी कि वे प्रवचन सुनने के लिए सदन में नहीं आए हैं।

उधर, विधान परिषद में कांग्रेस MLC प्रेमचंद्र मिश्रा ने विधायकों के साथ मारपीट मामले में कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया। सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कार्य स्थगन प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है। विधान परिषद में संजय प्रकाश ने सवाल किया जून में राज्य में हुई पहली बारिश में बिहार पानी-पानी हो गया।

कांग्रेस MLC प्रेमचंद्र मिश्रा ने भी 12 साल से जलजमाव के निपटारे को लेकर सरकार क्या कर रही है, इसको लेकर सवाल किया। इसके बाद सभापति ने मुंबई की चर्चा की और कहा कि मुंबई में अतिवृष्टि की वजह से वहां भी काफी पानी जम जाता है। वहीं, डिप्टी सीएम और नगर आवास मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि जबसे उन्होंने पदभार संभाला है उसके बाद नालों की उड़ाही पर लगातार ध्यान दिया है। इससे पानी जल्दी निकल जा रहा है।

विधानमंडल के परिसर में प्रदर्शन करते विपक्ष के विधायक।
विधानमंडल के परिसर में प्रदर्शन करते विपक्ष के विधायक।

राजद के ज्यादातर विधायक हेलमेट लगाकर पहुंचे

संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने विधानसभा अध्यक्ष की पहल की सराहना भी की। साथ ही विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि आप आगे कभी बहिष्कार का फैसला नहीं लें, यही हम चाहते हैं। 23 मार्च की घटना पर हमने अपनी बात रख दी है। इससे पहले राजद के ज्यादतर विधायक बुधवार को भी हेलमेट और काला मास्क लगाकर सदन पहुंचे। नीतीश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

विपक्ष के विधायक विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार भी किया। इधर, सदन पहुंचे पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने नारेबाजी कर रहे विपक्ष के विधायकों पर हमला बोला। कहा कि यह चाहते ही नहीं है कि सदन की कार्यवाही चले। नितिन नवीन ने यह भी कहा कि चोर मचाए शोर।

विधानसभा गेट पर प्रदर्शन करते विपक्ष के विधायक।
विधानसभा गेट पर प्रदर्शन करते विपक्ष के विधायक।

स्वास्थ्य बजट पर ज्यादा खर्च करने की मांग

बिहार विधानसभा के बाहर नारेबाजी कर रहे विधायकों ने कहा कि कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा छिपाना सरकार बंद कर दे। सभी मृतक के परिजनों को चार लाख रुपए का मुआवजा दो। साथ ही राज्य के कुल बजट का 10% स्वास्थ्य पर खर्च करने की मांग की।

उधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को ही विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि विपक्ष के विधायक विधानमंडल परिसर में आएंगे, लेकिन विधानसभा के अंदर नहीं जाएंगे। उनकी शर्तों को सरकार मानेगी तो सदन के अंदर जा सकते हैं। उन्होंने कहा था कि विधायकों की मारपीट मामले में सदन में बहस होनी चाहिए। सरकार इससे भाग नहीं सकती है।

हेलमेट पहन कर राजद के विधायकों ने किया प्रदर्शन।
हेलमेट पहन कर राजद के विधायकों ने किया प्रदर्शन।
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