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BJP ने अपनी ही सरकार की पुलिस पर उठाई अंगुली:प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने डाला पोस्ट, कहा -पुलिस की कार्यशैली के कारण दलितों पर बढ़ गया है अत्याचार

पटना10 दिन पहले
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय। - Dainik Bhaskar
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय।

बिहार पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाने वालों में अब भाजपा भी शामिल हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने अपनी ही सरकार में सूबे में दलित अत्याचार के मामले बढ़ने के आरोप लगाए हैं। संजय जायसवाल ने अपने फेसबुक वाल के जरिए यह मामला उठाया है।

घटनाओं का जिक्र कर पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने बिहार में हाल के दिनों में घटी कई घटनाओं का जिक्र अपने फेसबुक वाल पर किया है। उन्होंने लिखा है ' रामगढ़वा के धनगढ़वा गांव में सूचना मिली कि दलित समाज के लोगों के रास्ते को कुछ अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने ईंट की दीवार बनाकर बंद कर दिया है। मेरी पलनवा थाना प्रभारी से बात हुई और उनके साथ अंचलाधिकारी ने स्वयं स्थान पर जाकर दिक्कत का निदान कर दिया।' रामगढ़वा संजय जायसवाल के संसदीय क्षेत्र बेतिया का एक इलाका है। अपने इस पोस्ट में भाजपा नेता ने बीते दिनों में हुई और ऐसी घटनाओं का जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने अतिपिछड़ा और दलित समाज के लोगों पर अत्याचार होने की बात कही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल का पोस्ट।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल का पोस्ट।

संजय जायसवाल आगे लिखते हैं, 'विगत कुछ दिनों में इस तरह की घटनाएं काफी बढ़ गईं हैं। शुरुआत ढाका से हुई, जहां सहनी फिर नोनिया और उसके बाद पासवान समाज की बारात को न केवल निकलने पर पीटा गया, बल्कि जब वे बेचारे पुलिस की मदद मांगने गए तो दंगे के समय के सिद्धांत के तहत दोनों समाज के लोगों पर मुकदमा एवं गिरफ्तारी का आदेश कर पुलिस ने अपनी जिम्मेवारी की इतिश्री कर ली। इस तरह की 6 से ज्यादा घटनाएं ढाका में देखी गई हैं और हर बार दोषी के बदले दोनों समाज को जेल भेज दिया गया।'

किशनगंज और पूर्णिया में बढ़े हैं ऐसे मामले
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अपने फेसबुक पोस्ट में किशनगंज जैसे मुस्लिम बहुल जिले की चर्चा की है। उन्होंने लिखा है- 'ये घटनाएं अचानक किशनगंज और पूर्णिया जिले में भी बढ़ गई हैं। वायसी में जो दलितों पर अत्याचार हुआ, उसपर भी सरकार ने संज्ञान लेकर वहां के दलितों को इंसाफ दिलाया। प्रशासन को हर जगह चौकसी की जरूरत है। जब जिला प्रशासन एक तरफ खड़ा होकर निर्दोषों को भी दंड देने लगता है तो समाज में बहुत गलत संदेश जाता है।' अपने पूरे पोस्ट में संजय जायसवाल ने बेतिया की घटना के अलावा सभी घटनाओं में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

बिहार भाजपा की दलित राजनीति हाल के दिनों में हुई है तेज
बिहार भाजपा इन दिनों दलितों से जुड़े मामलों को लेकर लगातार बोलती दिखाई दे रही है। पूर्णिया के वायसी में हिंसा और आगजनी के मामले में भाजपा की तरफ से काफी सक्रियता दिखाई गई थी। यही नहीं, मायावती पर अभिनेता रणदीप हुड्डा के विवादित बोल पर भी बिहार भाजपा के नेता निखिल आनंद ने जोरदार विरोध जताया था। माना यह जा रहा है कि यूपी में आने वाले चुनाव को देखते हुए बिहार भाजपा भी दलितों के मामलों के प्रति अपनी संजीदगी को दिखाना चाहती है। दोनों राज्य आपस में भौगोलिक रूप से ही नहीं, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी जुड़े हैं। अगर बिहार में हुए दलित अत्याचार के मामलों पर BJP चुप रही तो यूपी चुनाव में उसे उसका जवाब देना होगा।

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