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ऑक्सीजन नहीं, मौत का सिलेंडर बेच रहे:पटना में एक्सपायरी डेट के सिलेंडर में 12 लीटर ऑक्सीजन, डिमांड 25 हजार रुपए की; दलाल बेधड़क कर रहे सौदा

पटनाएक महीने पहलेलेखक: मनीष मिश्रा
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पटना में दलालों के जरिए एक्सपायरी डेट का ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा। - Dainik Bhaskar
पटना में दलालों के जरिए एक्सपायरी डेट का ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा।

पटना में ऑक्सीजन नहीं, दलाल आपको मौत का सिलेंडर उपलब्ध करा रहे हैं। एक तो 12 लीटर ऑक्सीजन 25 हजार में, ऊपर से एक्सापायरी डेट का सिलेंडर। ऐसे में जिस तरह बुधवार को लखनऊ में रीफिलिंग के दौरान सिलेंडर ब्लास्ट हुआ, वैसी घटना पटना में भी हो सकती है। पटना में दो साल पूर्व ऑक्सीजन सिलेंडर विस्फोट हो चुका है, इसके बाद भी कोई निगरानी नहीं है। सिलेंडर का यह खेल हादसों की नींव तैयार कर रहा है।

ऐसे हुई मौत के सिलेंडर की पड़ताल
पड़ताल में पता चला कि सिलेंडर ब्लास्ट की घटना दो स्थितियों में हो सकती है। एक सिलेंडर पुराना हो या फिर उसकी रिफिलिंग में मॉनिटरिंग में कमी हो। दैनिक भास्कर ने जब इसकी पड़ताल की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ।

मददगार ही कर रहे मौत का कारोबार
पटना में लोगों को ऑक्सीजन की मदद करने वाले ही बाहर से सिलेंडर का सौदा कर रहे हैं। भास्कर ने जब मुकुल नाम के एक व्यक्ति से बात की तो उन्होंने अंजनी नाम के एक कारोबारी का नंबर दिया, जो बरौनी से नकली ऑक्सीजन सिलेंडर लाकर पटना में सप्लाई करता है। पटना में लोगों की मदद करने वाले मुकुल के मोबाइल नंबर 9431868325 पर फोन किया गया तो सिलेंडर नहीं होने की बात कहकर उन्होंने अंजनी का नंबर 9871544021 दिया। यह बताया कि वह बरौनी से 10 सिलेंडर लेकर चला है, रात में मिल जाएगा। अंजनी और मुकुल का कनेक्शन तब खुला, जब अंजनी ने कहा वह 10 सिलेंडर लेकर निकला है, लेकिन 9 का सौदा पहले हो चुका है। एक सिलेंडर बचा है, जिसके लिए मुकुल के पास पैसा जमा करने पर मिल जाएगा। बरौनी से आ रहा सिलेंडर नकली है या वह एक्सपायर है, इसकी कोई जानकारी नहीं दी।

मौत का सौदा कर रहे ऑक्सीजन के दलाल
भास्कर की पड़ताल में ऑक्सीजन के एक और दलाल क्षितिज का मोबाइल नंबर-9654922598 मिला। पड़ताल में यह बात सामने आई कि वह ऑक्सीजन नहीं, मौत का सौदा कर रहा है। अब आप भी जान लीजिए दलाल ने बातचीत में किस तरह खुलासा किया।

भास्कर : ऑक्सीजन चाहिए, बहुत इमरजेंसी है?
दलाल : बड़ा हो पाएगा, छोटा नहीं है।
भास्कर : बड़ा मतलब कितना बड़ा?
दलाल : वही 50 लीटर वाला होगा।
भास्कर : कितना पड़ेगा?
दलाल : वही 45 हजार रुपया आएगा।
भास्कर : कुछ कम नहीं होगा?
दलाल : कम करके ही बोल रहे हैं भैया।
भास्कर : ऑक्सीजन कितना होगा भैया?
दलाल : 45 लीटर पूरा होगा, क्या हुआ मरीज ठीक नहीं है क्या?
भास्कर : छोटा 10 लीटर वाला में?
दलाल : ये तो महंगा कर दिया है, 12 लीटर का 25 हजार बोल रहा है।
भास्कर : पुराना भी दिला देंगे तो भी चलेगा, नया नहीं चाहिए?
दलाल : नया नहीं दे रहा है, पुराना ही दे रहा है।
भास्कर : नंबर दे दीजिए ?
दलाल : आपको कहां पहुंचाना है, बताइए पहुंचा देगा।
भास्कर : आप मेरा नंबर दे दीजिए, बात कर ले वो मुझसे?
दलाल : आप हमको बोलिए न, जितना चाहिए पहुंच जाएगा।

क्या कहते हैं DM
ऑक्सीजन की दलाली करने और इसकी ब्लैक मार्केटिंग के लिए माहौल बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एक टीम काम कर रही है।
डॉक्टर चंद्रशेखर सिंह, DM,पटना

आपके लिए यह जानना जरूरी

  • ऑक्सीजन सिलेंडर पर कहीं कोई नई बेल्डिंग तो नहीं की गई है।
  • सिलेंडर पुराना न हो और उस पर नया पेंट न किया गया हो।
  • निचले हिस्से पर कहीं से कोई अलग से प्लेट नहीं लगाई गई हो।
  • कंपनी का नाम, सुरक्षा मानक का मार्क व नंबर के साथ और एक्सपायरी डेट की बारीकी से जांच

जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में DSW डॉ AK नाग का कहना है कि वस्तु ठोस, द्रव्य और गैस के रूप में होती है। किसी भी गैस को अत्यधिक दबाव देने पर और तापक्रम कम करने पर वह द्रव लिक्विड बन जाता है। इसीलिए जब बाहर का दबाव कम रहता है तो लिक्विफायड ऑक्सीजन गैस के रूप में सिलेंडर से बाहर निकलता है, जिसे रेगुलेटर के द्वारा कंट्रोल करते हुए इंडस्ट्री या हॉस्पिटल के लिए उपयोग किया जाता है। जिस सिलेंडर में तरल ऑक्सीजन भरा रहता है, उसकी गुणवत्ता बहुत अच्छी होनी चाहिए अन्यथा कोई दुर्घटना हो सकती है। ऑक्सीजनजन स्वयं ज्वलनशील नहीं है, बल्कि यह जलने में मदद करता है।

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