पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Black Fungus Operation In PMCH, Patients Get Facility In PMCH; Bihar PMCH Latest News

भास्कर इम्पैक्ट; PMCH में अब होगा ब्लैक फंगस का ऑपरेशन:इंडोस्केपी मशीन की ब्लैक फंगस वार्ड में हुई व्यवस्था, सरकार को फर्जी रिपोर्ट भेज रहा था अस्पताल

पटनाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
PMCH में सिर्फ कागजों पर हो रही थी सर्जरी। - Dainik Bhaskar
PMCH में सिर्फ कागजों पर हो रही थी सर्जरी।

बिना सर्जरी सरकार को फर्जी रिपोर्ट भेजने वाले पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) के ब्लैक फंगस वार्ड में भी ऑपरेशन होगा। दैनिक भास्कर ने जब मामला उठाया तो आनन फानन में इंडोस्केपी मशीन की व्यवस्था की गई और फिर वार्ड की ओटी में इंस्टाल कराया गया। हालांकि अब ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या कम हो गई है, लेकिन जो हैं उन्हें काफी राहत होगी।

बिना मशीन के दिखाई 22 सर्जरी

PMCH के ब्लैक फंगस वार्ड में इंडोस्कोपी मशीन नहीं लगी थी और विभाग सरकार को हर दिन गलत रिपोर्ट भेज रहा था। बिना मशीन के ही 22 मेजर सर्जरी की रिपाेर्ट भेजी गई। इलाज में हर तरह से मनमानी की जा रही थी। मरीजों को भर्ती कर लिया जाता था और फिर उन्हें लामा दिखा कर ऑपरेशन के लिए बाहर भेज दिया जाता था। फिर उन्हीं मरीजों को दोबारा नए रजिस्ट्रेशन पर भर्ती किया गया जाता था। ब्लैक फंगस के गंभीर मामले में पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के काले कारनामे को दैनिक भास्कर ने उजागर किया था।

70 बेड के वार्ड में चल रहा था फर्जीवाड़ा

PMCH में 70 बेड का ब्लैक फंगस वार्ड बना दिया गया, लेकिन इसमें फर्जीवाड़ा ही चल रहा था। मरीजों के बारे में कोई सही जानकारी नहीं दी जा रही थी। मरीजों से संबंधित विभाग को भेजी जाने वाली रिपोर्ट फर्जी होती थी। मरीजों को भर्ती कर बस कोटा पूर्ति की जाती थी।

जबकि, ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए सर्जरी सबसे जरूरी है और इसके लिए इंडोस्कोपी मशीन होना था। पटना मेडिकल कॉलेज मशीन नहीं होने के कारण ऑपरेशन का बहाना करता रहा, लेकिन बाद में फर्जी रिपोर्ट भी भेजने लगा था।

ब्लैक फंगस में मनमानी जानलेवा

पटना मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के मरीजों के साथ जिस तरह से मनमानी की जा रही थी वह पूरी तरह से जानलेवा थी। ब्लैक फंगस के मरीजों को ऑपरेशन के इंतजार में पटना मेडिकल कॉलेज से भागना पड़ता था। ब्लैक फंगस का संक्रमण तेजी से नाक के रास्ते ब्रेन तक पहुंचता है। इसे नाक में ही रोकना होता है। अगर नाक और साइनस तक नहीं रोका गया तो यह आंख और उसके बाद फिर ब्रेन तक पहुंच जाता है। जिससे संक्रमित की जान बचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में PMCH की लापरवाही का मरीजों पर होने वाले असर का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल PMCH में ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज दवा के सहारे किया जा रहा था।

भास्कर ने उठाया मामला

दैनिक भास्कर ने PMCH की मनमानी का मामला उठाया और बिहार के सबसे बड़े अस्पताल को एक्सपोज किया कि किस तरह से ब्लैक फंगस वार्ड से फर्जी रिपोर्ट सरकार को भेजी जा रही है। इसके बाद हड़कंप मचा और आनन फानन में मशीन की व्यवस्था की गई। वार्ड में इंडाेस्कोपी मशीन को इंस्टाल कर दिया गया है और अब मरीजों की जांच और ऑपरेशन करना आसान हो गया है।

हालांकि अब पटना मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में मरीजों की संख्या कम हो गई है। अब 7 से 8 मरीज भर्ती हैं। कई मरीज तो ऐसे हैं जो बाहर से ऑपरेशन कराकर आए हैं। लेकिन नए मरीजों को अब थोड़ी राहत होगी।

खबरें और भी हैं...