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बाढ़ के बाद अब बिहार में 5 बड़ी चुनौती:डायरिया डेंगू के साथ चिकनगुनिया, मलेरिया, टाइफाइड का खतरा, अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य महकमा, सिविल सर्जन को दिए गए निर्देश

पटना5 महीने पहले
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बाढ़ के बाद अब बिहार में 5 बड़ी चुनौती है। डायरिया डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का बड़ा खतरा है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। सिविल सर्जन को निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं की व्यवस्था प्रमुखता से की जाए। स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित जिलों से लेकर अन्य इलाकों में भी बीमारियों को लेकर अलर्ट किया है। वर्ष 2018 में डेंगू और चिकनगुनिया का बड़ा अटैक हुआ था। पटना में 1500 से अधिक चिकनगुनिया और 3000 से अधिक डेंगू के मामले पाए गए थे।

बाढ़ में सुरक्षा की बढ़ी जिम्मेदारी
बरसात में बाढ़ और जलजमाव के कारण खतरा बढ़ गया है। मच्छरों से लेकर जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पटना से लेकर राज्य के 38 जिलों में सेहत को लेकर अलर्ट किया गया है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो। बाढ़ प्रभावित जिलों के डीएम को लेकर अलर्ट किया गया है। जिला प्रशासन के स्तर से दवाएं बांटी जा रही हैं और बाढ़ को लेकर तैयारी की जा रही है।

यह है 5 बड़ी चुनौती

  1. डेंगू
  2. मलेरिया
  3. चिकनगुनिया
  4. डायरिया
  5. टाइफाइड

पटना में 2019 में हुआ था बड़ा अटैक
स्वास्थ्य विभाग वर्ष 2019 में पटना में हुई बीमारियों को लेकर काम कर रही है। वर्ष 2019 से सबक लेकर ही इस बार काम किया जा रहा है। पटना में 1500 से अधिक चिकनगुनिया और 3000 से अधिक डेंगू के मामले अए थे और अब ऐसे मामले नहीं बढ़ें, इस दिशा में काम किया जा रहा है।

पानी के कारण बीमारी का खतरा
बाढ़ में बीमारी का खतरा बढ़ने का बड़ा कारण पानी है। जल जमाव और बाढ़ के पानी के कारण बीमारी बढ़ जाती है। गैस्ट्रो सर्जन डॉ संजीव कुमार का कहना है कि बाढ़ आने के कारण पानी दूषित हो जाता है। दूषित पानी के कारण डायरिया और टाइफाइड का खतरा बढ़ जाता है। इसी के साथ पानी जमा होने से मच्छर भी बढ़ जाते हैं। मच्छरों के साथ ही मलेरिया और अन्य बीमारी होती है। अगर पानी को उबाल कर पीया जाए और साफ-सफाई का ध्यान दिया जाए तो इससे बचा जा सकता है।

साफ सफाई के साथ पेयजल को लेकर स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई में जुटा है। प्रभावित इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है। डीएम को इसका जिम्मा दिया गया है। हर जिले के डीएम को पेयजल को लेकर लोगों को जागरूक करने व पानी की गोलियां वितरित करने को कहा है।

पटना की सिविल सर्जन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के साथ अन्य इलाको में भी बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों से अलर्ट है। क्लोरीन की गोली वितरित की जा रही है। इसके साथ ही डेंगू व अन्य बीमारियो को लेकर भी दवा व उपचार की व्यवस्था की जा रही है।

बरसात में बचाव का करें उपाय

  • पानी को उबाल कर पीएं, बाहर खुले में रखें पानी नहीं पीएं।
  • फल और सब्जियों को अच्छे से धुनकर खाएं।
  • हाथों की सफाई का ध्यान रखें।
  • खाने में हाईजीन का विशेष रूप से ध्यान रखें।
  • मच्छरदानी का प्रयोग करें।
  • उल्टी दस्त को हल्के में नहीं लें।
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