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LJP में उठापटक जारी:लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मिले चिराग पासवान; चाचा पारस ने नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी बनाई

पटना3 महीने पहले
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दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष से मिले चिराग पासवान। - Dainik Bhaskar
दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष से मिले चिराग पासवान।

लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में उठापटक जारी है। चिराग पासवान ने शनिवार रात लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मुलाक़ात कर पार्टी को अपना बताते हुए उस पर दावा ठोका है। चिराग के साथ पार्टी के प्रधान महासचिव अब्दुल खालिक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एके वाजपेई व बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी भी थे। इधर उनके बागी चाचा पशुपति कुमार पारस ने अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर पारस ने सांसद प्रिंस राज को राष्ट्रीय महासचिव जबकि चौधरी महबूब अली कैसर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है। चिराग पासवान रविवार को दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग भी करने जा रहे हैं।

पारस की नई कार्यकारिणी में कौन-कौन

पारस ने सांसद वीणा देवी और सुनीता शर्मा को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया हैं। संजय सर्राफ राष्ट्रीय महासचिव/राष्ट्रीय प्रवक्ता, जबकि रामजी सिंह राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए हैं। विनोद नागर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाए गये हैं। कहा गया है कि राष्ट्रीय, प्रदेश एवं पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों की कमिटी की घोषणा जल्द ही की जाएगी।

रविवार सुबह 11 बजे से होने वाली है मीटिंग

लोक जनशक्ति पार्टी में चल रही चाचा-भतीजे की लड़ाई में कल का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। रविवार को चिराग पासवान दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग करने जा रहे हैं। सुबह के 11 बजे से होने वाली इस मीटिंग पार्टी का मुख्य मुद्दा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का होगा, जिसकी कुर्सी चिराग पासवान बनाए रखने का दावा करेंगे। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की यह मीटिंग इसलिए भी बहुत महत्वूपर्ण है कि कल यह साफ हो जाएगा कि कितने लोग चिराग पासवान के साथ हैं? चाचा पशुपति कुमार पारस की तुलना में इनका गुट कितना मजबूत है? 12 स्टेट प्रेसिडेंट मिलाकर कुल 73 लोग राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। इनमें 60 से ज्यादा सदस्यों के चिराग की तरफ बुलाई गई मीटिंग में शामिल होने का दावा किया गया है। इनकी मौजूदगी और वोट काफी मायने रखेंगे।

पार्टी सूत्रों के अनुसार दिन भर चलने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग के बाद ही चिराग पासवान चुनाव आयोग के पास जाएंगे और बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष लोजपा पर अपना दावा पेश करेंगे। इस मामले पर प्रदेश प्रवक्ता राजेश भट्‌ट का दावा है कि कार्यकारिणी के अधिकांश सदस्य चिराग पासवान के साथ मजबूती से खड़े हैं। पारस गुट के साथ सिर्फ 9 सदस्य ही हैं। इनके साथ तो सांसद प्रिन्स राज भी नहीं थे। पारस गुट की मीटिंग भी पार्टी ऑफिस के जगह एक पूर्व सांसद के निजी आवास पर हुई थी।

21 जून के बाद बिहार आएंगे चिराग

चाचा से शुरू हुई लड़ाई के बाद अब चिराग पासवान बिहार आने की तैयारी में हैं। उनकी टीम दौरे का प्लान तैयार कर रही है। पहले वो दिल्ली से पटना आएंगे। फिर यहां से कब किस जिले में जाएंगे? इसकी डिटेल प्लानिंग तैयार की जा रही है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद चिराग पासवान का यह पहला बिहार दौरा होगा। विधान सभा चुनाव के बाद ही चिराग जिलों के दौरे पर निकलने वाले थे। मगर, ऐसा हुआ नहीं। बार-बार पार्टी की तरफ से कहा गया कि पहले कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई और फिर वो बीमार पड़ गए। अब जब वो ठीक हो रहे थे तो इसी बीच चाचा पशुपति कुमार पारस और बाकी के सांसदों ने बगावत कर दी। 20 जून को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग और 21 जून को चुनाव आयोग से मिलने के बाद ही चिराग बिहार दौरे के लिए निकलेंगे। जनता के बीच जाकर वह अपने चाचा और बगावती सांसदों की पोल खोलेंगे।

13-14 जून की रात LJP में हुआ था तख्तापलट

बीते 13 जून की शाम से ही LJP में कलह शुरू हो गई थी। सोमवार 14 जून को चिराग पासवान को छोड़ बाकी पांचों सांसदों ने संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई और हाजीपुर सांसद पशुपति कुमार पारस को संसदीय बोर्ड का नया अध्यक्ष चुन लिया। इसकी सूचना लोकसभा स्पीकर को भी दे दी गई। सोमवार शाम तक लोकसभा सचिवालय से उन्हें मान्यता भी मिल गई थी। इसके बाद चिराग पासवान ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर पांचों बागी सांसदों को LJP से हटाने की अनुशंसा कर दी। फिर 17 जून को पटना में पारस गुट की बैठक में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया।

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