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चिराग पासवान को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका:पारस गुट के खिलाफ याचिका खारिज; कोर्ट ने कहा- लोकसभा अध्यक्ष और चुनाव आयोग के पास जाएं

पटना5 महीने पहले
चिराग पासवान ने लोकसभा स्पीकर के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपनी याचिका दाखिल की थी। फाइल फोटो।

लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के अंदर उठापटक जारी है। इस उठापटक के बीच चिराग पासवान को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा है। चिराग पासवान की याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याचिका में कोई मेरिट नहीं है। आप लोग लोकसभा अध्यक्ष और चुनाव आयोग के पास जाएं।

बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में चिराग पासवान ने कहा था कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और शीर्ष नेतृत्‍व को धोखा देने की वजह से राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष होने के नाते पशुपति कुमार पारस को पार्टी से निकाला जा चुका है। इस वजह से वे LJP के सदस्‍य नहीं हैं। चिराग ने लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिड़ला के उस फैसले को भी कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उन्होंने पारस को सदन का नेता मान लिया था।

चिराग पासवान की पशुपति पारस को मंत्री पद की शपथ लेने के खिलाफ दाखिल याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। स्पीकर के वकील ने कोर्ट को बताया कि स्पीकर इस प्रकरण को देख रहे हैं। जिसके बाद कोर्ट ने कहा कि हम इस मामले में अभी कोई आदेश नहीं दे सकते हैं, क्योंकि लोकसभा अध्यक्ष इस मामले को देख रहे हैं।

लोकसभा अध्यक्ष के वकील ने कहा कि इस याचिका पर सुनवाई का कोई आधार नहीं है। चिराग के वकील ने स्पीकर की इस बात का कोई विरोध नहीं किया। वहीं, पशुपति पारस की तरफ से पेश वकील ने कहा कि जो लेटर पारस ने लोकसभा अध्यक्ष को दिया था, उस समय पशुपति पारस पार्टी के चीफ व्हिप थे और बाद में पार्टी के लीडर चुने गए थे। इसके बाद कोर्ट ने चिराग के वकील को कहा कि आपको चुनाव आयोग जाना चाहिए। यहां नहीं आना चाहिए था।

पारस गुट में खुशी की लहर

दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद पारस गुट में खुशी की लहर है। LJP नेता केशव सिंह ने कहा कि किसी को मान्यता देना और ना देना लोकसभा अध्यक्ष का विशेषाधिकार है। वहीं, PM किसी को भी मंत्री बना सकते हैं, ये उनका विषेशाधिकार है। बिना आधार के चिराग पासवान कोर्ट चले गए थे, इसलिए याचिका खारिज हो गई। पशुपति पारस ने नियम के मुताबिक कदम उठाए थे, जिसका साथ लोकसभा अध्यक्ष, प्रधानमंत्री और हाईकोर्ट ने दिया है। वहीं, चिराग पासवान के पक्ष से किसी ने कोई बयान नहीं दिया है।

LJP में 13-14 जून की रात हुआ था तख्तापलट

LJP में 13 जून की शाम से कलह शुरू हुई थी। 14 जून को चिराग पासवान को छोड़ बाकी पांचों सांसदों ने संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई थी। इसमें हाजीपुर सांसद पशुपति कुमार पारस को संसदीय बोर्ड का नया अध्यक्ष चुन लिया गया। इसकी सूचना लोकसभा स्पीकर को भी दे दी गई। 14 जून की शाम तक लोकसभा सचिवालय से उन्हें मान्यता भी मिल गई थी। इसके बाद चिराग पासवान ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर पांचों बागी सांसदों को LJP से हटाने की अनुशंसा कर दी। फिर 17 जून को पटना में पारस गुट की बैठक में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया।

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