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PM मोदी को चिराग की धमकी:बोले- चाचा पारस को मंत्री बनाया गया तो कोर्ट जाऊंगा; LJP का राष्ट्रीय अध्यक्ष मैं हूं, पार्टी मेरी है

पटना20 दिन पहले
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लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के नेता चिराग पासवान ने मंगलवार को सीधे PM नरेंद्र मोदी को चुनौती दी। चिराग ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि LJP कोटे से निष्कासित सांसद पशुपति पारस को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया, तो मैं कोर्ट जाऊंगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष मैं हूं, पार्टी भी मेरी है। समर्थन भी मेरे पास है। मेरी अनुमति के बिना, पार्टी के कोटे से किसी भी सांसद को मंत्री बनाना गलत है।

पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चिराग पासवान।
पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चिराग पासवान।

चिराग को उम्मीद- मोदी ऐसा नहीं करेंगे
चिराग पासवान ने यह भी कहा- विवाद के बीच अगर ऐसे सांसद को मंत्री बनाया जाता है, जिसे पार्टी निकाल चुकी है तो यह गलत होगा। मुझे नहीं लगता कि PM मोदी ऐसा करेंगे। अगर ऐसा हुआ तो मैं राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार हूं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर चाचा पशुपति पारस को मंत्री बनाना है, तो JDU में शामिल करके बनाएं, लेकिन LJP के नाम पर नहीं।

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पहली टूट JDU में होगी
चिराग ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सबसे पहली टूट जनता दल यूनाइटेड (JDU) में होगी। नीतीश कुमार की सरकार डेढ़-दो साल से ज्यादा नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि रामविलास के विचारों को कुचलते हुए जिन लोगों ने अलग गुट बनाया, उन्हें तुरंत निष्कासित किया गया है। उनकी प्राथमिक सदस्यता भी खत्म की गई है। चुनाव आयोग को भी इसकी जानकारी दी गई है। पार्टी के नाम पर उन्होंने आयोग में कोई दावा नहीं किया है। खुद को राष्ट्रीय अध्यक्ष भी नहीं बताया है।

हर चुनौती का जवाब देने के लिए हूं तैयार
लोजपा में टूट के सवाल पर चिराग ने कहा कि अलग गुट बनाकर चाचा और बागियों ने रामविलास पासवान के विचारों को कूचला है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कुल 75 सदस्य हैं। इसमें 66 सदस्य हमारे साथ हैं। सभी का ऐफिडेविट भी हमारे पास है। इस बात पर मैं चुनाव आयोग और कोर्ट, दोनों ही जगहों पर चुनौती दे सकता हूं। क्योंकि, चाचा पशुपति कुमार पारस के पास कोई ठोस आधार नहीं है। उन्होंने पटना में चुपके से बैठक कर खुद को राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर तो दिया, लेकिन इस बारे में चुनाव आयोग में कोई क्लेम नहीं किया और न ही खुद को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया। सिर्फ वो जनता को दिग्भ्रमित कर रहे हैं। उन्हें मैं चुनौती देता हूं कि वो मुझे गलत साबित करें। चाचा को जवाब तो हाजीपुर की जनता देगी।

ये कैसा विकास है कि मुख्यमंत्री को इलाज कराने जाना पड़ा दिल्ली
पटना में मंगलवार को हुए प्रेस कांफ्रेंस में चिराग पासवान ने अपने चाचा के साथ-साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उपर तीखे हमले किए। बिहार के विकास पर सवाल खड़ा करते हुए चिराग ने कहा ये किस तरह का विकास हुआ है। जहां एक ऐसा हॉस्पिटल नहीं कि राज्य के मुख्यमंत्री अपना इलाज करा सकें। उन्हें चार्टड प्लेन से दिल्ली जाकर अपना इलाज कराना पड़ता है। वहां उन्हें 9 दिन रहना पड़ता है। ये रोजगार और IT सेक्टर के डेवपमेंट पर कोई बात नहीं करते हैं। अभी किसी प्रकार के चुनाव का वक्त नहीं, फिर भी जोड़-तोड़ के समीकरण में लगे हैं। हालांकि इनकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। डेढ़-दो साल से ज्यादा इनकी बिहार में इनकी सरकार नहीं चलेगी। जैसे ही केंद्र में मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, उसके बाद ही JDU में पहली टूट होगी।

बड़ा आरोप, राजनीतिक हत्या की रचते रहे साजिश
चिराग ने मुख्यमंत्री के ऊपर एक और बड़ा आरोप लगाया है। सीधे तौर पर कहा कि जब मेरे पिता जिंदा थे तो नीतीश कुमार ने एक-दो बार नहीं, कई बार उनकी पार्टी को तोड़ा। उनकी राजनीतिक हत्या की साजिश बार-बार रचते रहे। चाचा सभी बातों को जानते हैं। इसके बाद भी वो उस नीतीश कुमार की गोद में जाकर बैठ गए, जिन्होंने मरने के बाद भी उनके भाई और मेरे पिता को श्रद्धांजलि नहीं दी। रामविलास पासवान के निधन को 9 महीने भी नहीं हुए कि अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए पार्टी और परिवार को ही तोड़ दिया। पिता जी ही चाहते थे कि लोजपा अकेले चुनाव लड़े और हमने लड़ा।

LJP में 13-14 जून की रात हुआ था तख्तापलट
LJP में 13 जून की शाम से कलह शुरू हुई थी। 14 जून को चिराग पासवान को छोड़ बाकी पांचों सांसदों ने संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई थी। इसमें हाजीपुर सांसद पशुपति कुमार पारस को संसदीय बोर्ड का नया अध्यक्ष चुन लिया गया। इसकी सूचना लोकसभा स्पीकर को भी दे दी गई। 14 जून की शाम तक लोकसभा सचिवालय से उन्हें मान्यता भी मिल गई थी। इसके बाद चिराग पासवान ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर पांचों बागी सांसदों को LJP से हटाने की अनुशंसा कर दी। फिर 17 जून को पटना में पारस गुट की बैठक में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया।

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