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एक मुसीबत टली नहीं, दूसरी सामने:अभी कोरोना से निपटे नहीं कि बाढ़-सुखाड़ से निपटने को लेकर तैयारी, CM ने की हाई लेवल मीटिंग

पटना5 महीने पहले
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। - Dainik Bhaskar
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।

अभी कोरोना को लेकर मुश्किलें कम नही हुई हैं, लेकिन दूसरी मुसीबत से निपटने की तैयारी शुरू हो गई है। CM नीतीश कुमार कल कोरोना में रोजगार प्रबंधन को लेकर बैठक किए तो आज बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ के प्रबंधन को लेकर मीटिंग की। शुक्रवार को CM आवास में संभावित बाढ़ और सुखाड़ की पूर्व तैयारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की गई। इसमें आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि संभावित बाढ़ और सुखाड़ की पूर्व तैयारी को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP अनुसार बाढ़ आपदा प्रबंधन किया जाएगा। उन्होंने NDRF और SDRF प्रतिनियुक्ति, नाव, पॉलिथिन शीट, राहत सामग्री की उपलब्धता, बाढ़ स्थलों की भी जानकारी दी।

सभी जिलों के DM ने दिए सुझाव

जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस ने बाढ़ से सुरक्षा को लेकर कटाव निरोधक काम, बाढ़ सुरक्षात्मक काम की नदीवार और जिलावार स्थिति की जानकारी दी। सभी जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे, जिसमें पटना, सहरसा, समस्तीपुर, खगड़िया, दरभंगा और मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारियों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

CM ने कहा अभी हमारी प्राथमिकता कोरोना से निपटना

बैठक के दौरान CM नीतीश कुमार ने कहा कि अभी कोरोना संक्रमण का दौर चल रहा है। इससे लोगों का बचाव हमारी प्राथमिकता है। पूरा प्रशासन इसके लिए तत्परता से काम कर रहा है। इस विषम परिस्थिति में सबको मिलजुल कर काम करना है। उन्होंने कहा कि अपने राज्य में कभी बाढ़, कभी सुखाड़ की स्थिति बनी रहती है। हर वर्ष की तरह इस बार भी बाढ़ एवं सुखाड़ की संभावना को देखते हुए पूरी तैयारी रखें।

CM ने अधिकारियों दिए ये निर्देश

  • हर वर्ष की तरह इस बार भी बाढ़ एवं सुखाड़ की संभावना को देखते हुए पूरी तैयारी रखें।
  • बाढ़ की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों का टीम बनाकर सही आकलन करवाएं साथ ही प्रभावित लोगों की सूची बनाते समय पूरी पारदर्शिता बरती जाए, ताकि कोई भी पीड़ित लाभ से वंचित न रह जाए।
  • बाढ़ से सुरक्षा के लिए बचे हुए सभी कटाव निरोधक कार्य एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को जल्द पूरा करें।
  • बाढ़ के दौरान तटबंधों की निगरानी के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। इसके लिए गश्ती कार्य नियमित रूप से हो।
  • सभी विधायकों एवं विधान पार्षदों से उनके क्षेत्रों के संबंध में भी जल्द से जल्द उनसे सुझाव लें और उस पर अमल करें।
  • पथ निर्माण एवं ग्रामीण कार्य विभाग बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों की मरम्मती की पूर्ण तैयारी रखें।
  • ग्रामीण सड़कें, जो पहले से क्षतिग्रस्त हैं, उनकी भी मरम्मती जल्दी से पूर्ण करें।
  • बाढ़ राहत केंद्रों पर कोविड एप्रोप्रिएट विहेवियर का पालन हो। लोग आपस में दूरी बनाकर रखें और मास्क का प्रयोग जरूर करें।
  • बाढ़ राहत केंद्रों पर आने वाले सभी लोगों की कोरोना जांच जरूर कराएं। जो भी संक्रमित पाए जाते हैं, उनके लिए अलग से सारी व्यवस्था करें।
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