बिहार में वर्चुअल दुनिया में कौन कितना आगे:नीतीश कुमार से पिछड़े लालू यादव; ट्विटर पर CM के तेजस्वी- कन्हैया से दोगुने फॉलोअर, सुशील मोदी से तीन गुना ज्यादा

पटना5 महीने पहलेलेखक: बृजम पांडेय
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सोशल मीडिया में ट्विटर की बात करें तो नीतीश कुमार फॉलोअर के मामले में तेजस्वी से बहुत आगे हैं। - Dainik Bhaskar
सोशल मीडिया में ट्विटर की बात करें तो नीतीश कुमार फॉलोअर के मामले में तेजस्वी से बहुत आगे हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव-2020 में जमीन पर राजद से पिछड़ने के बाद CM नीतीश कुमार वर्चुअल दुनिया (सोशल मीडिया) में आगे निकल गए हैं। नीतीश कुमार के सोशल मीडिया पर 8.2 मिलियन फॉलोअर हो गए हैं, जबकि RJD सुप्रीमो लालू यादव के 6.8 मिलियन फॉलोअर हैं।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव 5.1 मिलियन फॉलोअर के साथ तीसरे नंबर पर तो CPI नेता कन्हैया कुमार 4.1 मिलियन फॉलोअर के साथ चौथे नंबर पर आ गए हैं। BJP राज्यसभा सांसद सुशील मोदी 3.4 मिलियन फॉलोअर के साथ 5वें नंबर पर खिसक गए हैं।

फेसबुक पर तेजस्वी से पिछड़े नीतीश

सोशल मीडिया में ट्विटर की बात करें तो नीतीश कुमार फॉलोअर के मामले में तेजस्वी से बहुत आगे हैं। ट्विटर पर नीतीश कुमार के कुल 6.5 मिलियन फॉलोअर हैं, जबकि तेजस्वी यादव के 3.3 मिलियन। वहीं तेजस्वी, फेसबुक पर नीतीश कुमार से आगे हैं। नीतीश कुमार के फेसबुक पर 1.7 मिलियन फॉलोअर हैं, जबकि तेजस्वी के 1.8 मिलियन।

BJP सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी इस मामले में 5वें नंबर पर हैं। सुशील मोदी को ट्विटर पर 2.1 मिलियन और फेसबुक पर 1.3 मिलियन लोग फॉलो करते हैं।

LJP के सांसद और सुप्रीमो चिराग पासवान कभी फिल्मी सितारे रहे हैं। अभी भी उनके वही तेवर रहते हैं, लेकिन फेसबुक पर इनकी फॉलोइंग पप्पू यादव से कम है। चिराग के फेसबुक पर 425K फॉलोअर हैं, वहीं पप्पू के 767K। हालांकि चिराग, ट्विटर पर पप्पू से आगे हैं। चिराग को 398K फॉलो करते हैं तो पप्पू को 293K। इस मामले में सबसे फिसड्डी पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी हैं। मांझी के ट्विटर पर 26.7K तो फेसबुक पर 5 K ही फॉलोअर हैं।

कटाक्ष के जरिए लालू बटोर रहे सुर्खियां

सोशल मीडिया पर लालू यादव कटाक्ष के जरिए हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। वो कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने कटाक्ष के जरिए घेरते हैं तो कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। जेल से जमानत पर आने के बाद लालू बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बदहाली पर सरकार को लगातार घेर रहे हैं।

तेजस्वी-रोहिणी चर्चा में ज्यादा

तेजस्वी यादव ने कोरोना की दूसरे लहर में सोशल मीडिया का भरपूर फायदा उठाया। हर दिन सरकार को घेरते रहे, यहां तक कि जनसरोकार के मुद्दे भी वो सोशल मीडिया के जरिए ही उठाते रहे। उनकी बहन रोहिणी आचार्य भी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही हैं। वो भी एक सधे हुए राजनेता की तरह सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही हैं। कोरोना काल में तो नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी खूब लगा रहे हैं और उसका रिएक्शन भी खूब हो रहा है।

'नीतीश सिर्फ जनहित की बातें करते हैं'

सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार के नंबर वन होने पर JDU के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह कहते हैं कि इसी से अंदाजा लगाना चाहिए कि नीतीश कुमार को लोग कितना पसंद करते हैं। नीतीश कुमार जी सोशल मीडिया पर सिर्फ जनहित की बातें करते हैं। लोगों से खुद से संवाद करते हैं। उनकी कही बातों को लोग ध्यान से सुनते हैं। कोरोना काल में भी नीतीश कुमार ने लोगों से सजग रहने की अपील की है। दूसरे दल के लोग सोशल मीडिया पर अनसोशल बात करते हैं, तो उनको पसंद करने वाले भी अनसोशल लोग होते हैं।

BJP नेताओं के अपने अलग-अलग फॉलोअर

बिहार BJP के सोशल मीडिया इंचार्ज मनन कृष्ण बताते हैं कि कोरोना काल में सोशल मीडिया लोगों के लिए वरदान साबित हुआ है। BJP एक नेता की पार्टी नहीं है, इसलिए इनके अपने अलग-अलग फॉलोअर होते हैं। कोरोना काल में जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने और कोई घोषणा करने के लिए सोशल मीडिया काम आता है। अब ग्रामीण इलाकों में भी लोग इंटरनेट से वाकिफ हो गए हैं और बातों को समझने लगे हैं।

वहीं, 'हम' पार्टी के दानिश रिजवान बताते हैं कि फॉलोअर कम ज्यादा होना महत्व नहीं रखता है। महत्व यह रखता है कि उस नेता की बातों का प्रभाव कितना होता है।

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